नारा लोकेश का जगन पर प्रहार: गूगल एआई हब के खिलाफ पीआईएल को युवाओं के विरुद्ध साजिश कहा

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नारा लोकेश का जगन पर प्रहार: गूगल एआई हब के खिलाफ पीआईएल को युवाओं के विरुद्ध साजिश कहा

सारांश

आंध्र प्रदेश में राजनीतिक विवाद बढ़ गया है जब आईटी मंत्री नारा लोकेश ने पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी पर गूगल एआई हब के खिलाफ दायर पीआईएल को युवाओं के खिलाफ साजिश बताया। यह मामला विकास में बाधा उत्पन्न कर रहा है।

मुख्य बातें

गूगल एआई हब का निवेश 15 अरब डॉलर होगा।
लोकेश ने इसे ‘एंटी-यूथ’ नीति बताया।
यह निवेश 2026-2030 के बीच होगा।
यह भारत का पहला एआई हब होगा।
प्रोजेक्ट से हजारों नौकरियां पैदा होंगी।

अमरावती, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश में विकास और निवेश को लेकर राजनीतिक विवाद उग्र हो गया है। मंगलवार को आईटी एवं मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश ने पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी और उनकी पार्टी वाईएसआरसीपी पर कड़ा प्रहार किया।

लोकेश ने विशाखापत्तनम में प्रस्तावित गूगल एआई हब और डेटा सेंटर निवेश के खिलाफ दायर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (पीआईएल) को राज्य के युवाओं और विकास के खिलाफ एक साजिश बताया।

यह पीआईएल वाईएसआरसीपी के सांसद मद्दिला गुरुमूर्ति द्वारा आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में दायर की गई है। लोकेश ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जगन मोहन रेड्डी राज्य में विकास की पहलों का लगातार विरोध करते आए हैं। उन्होंने अमरावती कैपिटल प्रोजेक्ट का विरोध किया, पावर कॉन्ट्रैक्ट्स को रद्द किया और रोजगार सृजन करने वाले आईटी प्रोजेक्ट्स के खिलाफ मुकदमे दायर करवाए। अब गूगल एआई हब के खिलाफ यह नया पीआईएल पार्टी की ‘एंटी-डेवलपमेंट’ और ‘एंटी-यूथ’ नीति को उजागर करता है।

लोकेश ने गूगल एआई हब को भारत में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) बताया। गूगल ने अक्टूबर 2025 में यह घोषणा की थी कि वह विशाखापत्तनम में लगभग 15 अरब डॉलर (करीब 1.25 लाख करोड़ रुपए) का निवेश करेगा। यह निवेश 2026-2030 के बीच होगा और इसमें गीगावॉट स्केल का डेटा सेंटर, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, नई सबसी कैबल लैंडिंग और क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट शामिल हैं।

यह भारत का पहला एआई हब होगा, जो वैश्विक स्तर पर गूगल का सबसे बड़ा निवेश (अमेरिका के बाहर) माना जा रहा है। कंपनी के क्लाउड सीईओ थॉमस कुरियन और गूगल सीईओ सुंदर पिचाई ने इसे भारत की डिजिटल क्रांति और ‘विकसित भारत 2047’ के अनुरूप बताया है।

मंत्री लोकेश ने कहा कि यह प्रोजेक्ट हजारों उच्च कौशल वाली नौकरियों का सृजन करेगा, युवाओं को उभरते टेक्नोलॉजी सेक्टर में अवसर प्रदान करेगा और आंध्र प्रदेश को एक वैश्विक टेक हब में बदल देगा। लेकिन वाईएसआरसीपी की यह पीआईएल निवेशकों को हतोत्साहित करने और युवाओं की उम्मीदों पर पानी फेरने वाली है। उन्होंने जगन को ‘एंटी-डेवलपमेंट’ करार देते हुए कहा कि ऐसे कदम राज्य के युवाओं के प्रति दुश्मनी दिखाते हैं, जो एआई और आईटी सेक्टर में करियर बनाना चाहते हैं।

लोकेश ने यह भी कहा कि आंध्र प्रदेश अब विकास के मार्ग पर अग्रसर है। चंद्रबाबू नायडू की सरकार वैश्विक कंपनियों को आकर्षित कर रही है और ऐसे प्रोजेक्ट्स को रुकने नहीं देगी। इससे पहले भी वाईएसआरसीपी ने टीसीएस, कॉग्निजेंट, सत्वा और राहेजा जैसे आईटी पार्क प्रोजेक्ट्स के खिलाफ पीआईएल दायर की थीं, जिनसे एक लाख से अधिक नौकरियां बनने की संभावना थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो विकास की राह में बाधा डाल सकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गूगल एआई हब का निवेश कब होगा?
गूगल एआई हब का निवेश 2026 से 2030 के बीच होगा।
लोकेश ने जगन पर क्या आरोप लगाया?
लोकेश ने जगन पर विकास की पहलों का विरोध करने का आरोप लगाया।
क्या यह पीआईएल युवाओं के लिए हानिकारक है?
हां, लोकेश का कहना है कि यह पीआईएल युवाओं की उम्मीदों पर पानी फेरने वाली है।
गूगल एआई हब से कितनी नौकरियां पैदा होंगी?
यह प्रोजेक्ट हजारों उच्च कौशल वाली नौकरियों का सृजन करेगा।
क्या यह भारत का पहला एआई हब है?
हां, यह भारत का पहला एआई हब होगा।
राष्ट्र प्रेस
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