अमारा राजा की ₹9,500 करोड़ की गीगा परियोजना आंध्र से तेलंगाना गई: नारा लोकेश ने वाईएसआरसीपी पर लगाया प्रतिशोध का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश ने 16 जुलाई 2026 को पिछली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए — कि उसके कार्यकाल में अमारा राजा ग्रुप को जानबूझकर परेशान किया गया, जिसके परिणामस्वरूप ₹9,500 करोड़ की लिथियम-आयन गीगा कॉरिडोर परियोजना आंध्र प्रदेश से निकलकर तेलंगाना चली गई। यह बयान तेलंगाना के महबूबनगर जिले के दिविटिपल्ली गीगा कॉरिडोर में अमारा राजा के नए ग्राहक परीक्षण संयंत्र के उद्घाटन के अवसर पर आया।
मंत्री लोकेश का एक्स पर बयान
मंत्री नारा लोकेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'चार दशक से अधिक समय में अमारा राजा सिर्फ आंध्र प्रदेश की सबसे सफल औद्योगिक कंपनियों में से एक नहीं बनी, बल्कि उसने विश्वस्तरीय विनिर्माण क्षमता विकसित की है। कंपनी ने हजारों लोगों को रोजगार दिया है और चित्तूर तथा आंध्र प्रदेश का नाम देश और दुनिया में पहुंचाया है।' उन्होंने यह भी कहा कि जो उद्यमी अपने ही राज्य में उद्योग स्थापित करना चाहता है, उसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, न कि डराया-धमकाया जाए।
अमारा राजा और वाईएसआरसीपी सरकार के बीच विवाद
आधिकारिक बयान के अनुसार, वाईएसआरसीपी सरकार के कार्यकाल में कंपनी और राज्य सरकार के बीच तनाव बढ़ता गया। लोकेश ने आरोप लगाया कि इसकी एक बड़ी वजह यह थी कि अमारा राजा के चेयरमैन गल्ला जयदेव तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के प्रमुख सांसद हैं। बयान में दावा किया गया है कि तत्कालीन सरकार ने कंपनी को आवंटित करीब 253 एकड़ औद्योगिक भूमि वापस लेने की कार्रवाई की। इसके अतिरिक्त, आंध्र प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने चित्तूर स्थित अमारा राजा के मुख्य बैटरी प्लांट को बंद करने का नोटिस जारी किया, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा। कानूनी कार्रवाई के दौरान कंपनी की सुविधाओं में बिजली और पानी की आपूर्ति में बाधा की खबरें भी सामने आईं।
₹9,500 करोड़ की परियोजना तेलंगाना को मिली
कारोबारी माहौल में बढ़ती अनिश्चितता के बीच अमारा राजा ने अपनी ₹9,500 करोड़ की लिथियम-आयन गीगा कॉरिडोर परियोजना तेलंगाना के महबूबनगर जिले के दिविटिपल्ली में स्थापित करने का निर्णय किया। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस परियोजना से तेलंगाना में हजारों लोगों को रोजगार मिलने और राज्य को बड़ा कर राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है — वह लाभ जो आंध्र प्रदेश को मिल सकता था। गौरतलब है कि अमारा राजा की स्थापना गल्ला परिवार ने अमेरिका से लौटने के बाद चित्तूर जिले के युवाओं के लिए रोजगार और रायलसीमा के आर्थिक विकास के विजन के साथ की थी।
लोकेश की माफी की अपील और भविष्य की उम्मीद
मंत्री लोकेश ने कहा कि आंध्र प्रदेश को अमारा राजा के चेयरमैन गल्ला जयदेव और उनके परिवार से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा, 'जैसे-जैसे हम लोगों का भरोसा फिर से जीत रहे हैं, आंध्र प्रदेश एक बार फिर निवेश और कारोबार के लिए तैयार हो रहा है। हमें उम्मीद है कि अमारा राजा की सबसे बड़ी उपलब्धियां उसी राज्य में हासिल होंगी, जहां से उसकी शुरुआत हुई थी। हमारे दरवाजे और दिल हमेशा आपके लिए खुले रहेंगे।' यह बयान आंध्र प्रदेश की वर्तमान तेलुगु देशम पार्टी (TDP) सरकार के निवेश-अनुकूल छवि बनाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
आगे क्या
दिविटिपल्ली गीगा कॉरिडोर में ग्राहक परीक्षण संयंत्र के उद्घाटन को इस परियोजना का एक अहम पड़ाव बताया गया है। अब नज़रें इस पर टिकी हैं कि क्या आंध्र प्रदेश की नई सरकार अमारा राजा को भविष्य में राज्य में निवेश के लिए पुनः आकर्षित कर पाएगी, या यह औद्योगिक पलायन एक स्थायी नुकसान बनकर रह जाएगा।