16 जुलाई 2026
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अमारा राजा की ₹9,500 करोड़ की गीगा परियोजना आंध्र से तेलंगाना गई: नारा लोकेश ने वाईएसआरसीपी पर लगाया प्रतिशोध का आरोप

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अमारा राजा की ₹9,500 करोड़ की गीगा परियोजना आंध्र से तेलंगाना गई: नारा लोकेश ने वाईएसआरसीपी पर लगाया प्रतिशोध का आरोप

सारांश

आंध्र प्रदेश की ₹9,500 करोड़ की अमारा राजा गीगा परियोजना तेलंगाना को मिल गई — और मंत्री नारा लोकेश के अनुसार इसकी वजह वाईएसआरसीपी सरकार का कथित प्रतिशोध था। यह सिर्फ एक कंपनी की कहानी नहीं, बल्कि राजनीतिक दुश्मनी की कीमत चुकाते एक राज्य की तस्वीर है।

मुख्य बातें

नारा लोकेश ने 16 जुलाई 2026 को वाईएसआरसीपी सरकार पर अमारा राजा ग्रुप को जानबूझकर परेशान करने का आरोप लगाया।
₹9,500 करोड़ की लिथियम-आयन गीगा कॉरिडोर परियोजना आंध्र प्रदेश छोड़कर तेलंगाना के दिविटिपल्ली में स्थापित हुई।
वाईएसआरसीपी सरकार पर कंपनी की 253 एकड़ औद्योगिक भूमि वापस लेने और बैटरी प्लांट को बंद करने का नोटिस देने का आरोप।
अमारा राजा के चेयरमैन गल्ला जयदेव तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के सांसद हैं — लोकेश ने इसे विवाद की राजनीतिक वजह बताया।
लोकेश ने गल्ला जयदेव और उनके परिवार से आंध्र प्रदेश की ओर से माफी मांगने की अपील की।
तेलंगाना को इस परियोजना से हजारों रोजगार और बड़ा कर राजस्व मिलने की उम्मीद।

आंध्र प्रदेश के शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश ने 16 जुलाई 2026 को पिछली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए — कि उसके कार्यकाल में अमारा राजा ग्रुप को जानबूझकर परेशान किया गया, जिसके परिणामस्वरूप ₹9,500 करोड़ की लिथियम-आयन गीगा कॉरिडोर परियोजना आंध्र प्रदेश से निकलकर तेलंगाना चली गई। यह बयान तेलंगाना के महबूबनगर जिले के दिविटिपल्ली गीगा कॉरिडोर में अमारा राजा के नए ग्राहक परीक्षण संयंत्र के उद्घाटन के अवसर पर आया।

मंत्री लोकेश का एक्स पर बयान

मंत्री नारा लोकेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'चार दशक से अधिक समय में अमारा राजा सिर्फ आंध्र प्रदेश की सबसे सफल औद्योगिक कंपनियों में से एक नहीं बनी, बल्कि उसने विश्वस्तरीय विनिर्माण क्षमता विकसित की है। कंपनी ने हजारों लोगों को रोजगार दिया है और चित्तूर तथा आंध्र प्रदेश का नाम देश और दुनिया में पहुंचाया है।' उन्होंने यह भी कहा कि जो उद्यमी अपने ही राज्य में उद्योग स्थापित करना चाहता है, उसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, न कि डराया-धमकाया जाए।

अमारा राजा और वाईएसआरसीपी सरकार के बीच विवाद

आधिकारिक बयान के अनुसार, वाईएसआरसीपी सरकार के कार्यकाल में कंपनी और राज्य सरकार के बीच तनाव बढ़ता गया। लोकेश ने आरोप लगाया कि इसकी एक बड़ी वजह यह थी कि अमारा राजा के चेयरमैन गल्ला जयदेव तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के प्रमुख सांसद हैं। बयान में दावा किया गया है कि तत्कालीन सरकार ने कंपनी को आवंटित करीब 253 एकड़ औद्योगिक भूमि वापस लेने की कार्रवाई की। इसके अतिरिक्त, आंध्र प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने चित्तूर स्थित अमारा राजा के मुख्य बैटरी प्लांट को बंद करने का नोटिस जारी किया, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा। कानूनी कार्रवाई के दौरान कंपनी की सुविधाओं में बिजली और पानी की आपूर्ति में बाधा की खबरें भी सामने आईं।

₹9,500 करोड़ की परियोजना तेलंगाना को मिली

कारोबारी माहौल में बढ़ती अनिश्चितता के बीच अमारा राजा ने अपनी ₹9,500 करोड़ की लिथियम-आयन गीगा कॉरिडोर परियोजना तेलंगाना के महबूबनगर जिले के दिविटिपल्ली में स्थापित करने का निर्णय किया। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस परियोजना से तेलंगाना में हजारों लोगों को रोजगार मिलने और राज्य को बड़ा कर राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है — वह लाभ जो आंध्र प्रदेश को मिल सकता था। गौरतलब है कि अमारा राजा की स्थापना गल्ला परिवार ने अमेरिका से लौटने के बाद चित्तूर जिले के युवाओं के लिए रोजगार और रायलसीमा के आर्थिक विकास के विजन के साथ की थी।

लोकेश की माफी की अपील और भविष्य की उम्मीद

मंत्री लोकेश ने कहा कि आंध्र प्रदेश को अमारा राजा के चेयरमैन गल्ला जयदेव और उनके परिवार से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा, 'जैसे-जैसे हम लोगों का भरोसा फिर से जीत रहे हैं, आंध्र प्रदेश एक बार फिर निवेश और कारोबार के लिए तैयार हो रहा है। हमें उम्मीद है कि अमारा राजा की सबसे बड़ी उपलब्धियां उसी राज्य में हासिल होंगी, जहां से उसकी शुरुआत हुई थी। हमारे दरवाजे और दिल हमेशा आपके लिए खुले रहेंगे।' यह बयान आंध्र प्रदेश की वर्तमान तेलुगु देशम पार्टी (TDP) सरकार के निवेश-अनुकूल छवि बनाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

आगे क्या

दिविटिपल्ली गीगा कॉरिडोर में ग्राहक परीक्षण संयंत्र के उद्घाटन को इस परियोजना का एक अहम पड़ाव बताया गया है। अब नज़रें इस पर टिकी हैं कि क्या आंध्र प्रदेश की नई सरकार अमारा राजा को भविष्य में राज्य में निवेश के लिए पुनः आकर्षित कर पाएगी, या यह औद्योगिक पलायन एक स्थायी नुकसान बनकर रह जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका राजनीतिक संदर्भ भी उतना ही स्पष्ट है — TDP सरकार वाईएसआरसीपी के कार्यकाल को निवेश-विरोधी साबित करने की एक सुनियोजित कोशिश में है। असली सवाल यह है कि क्या आंध्र प्रदेश की मौजूदा सरकार केवल माफी से आगे बढ़कर ठोस नीतिगत गारंटी दे सकती है, जो भविष्य में ऐसे पलायन को रोके। ₹9,500 करोड़ की परियोजना और उससे जुड़े हजारों रोजगार का तेलंगाना जाना आंध्र प्रदेश के लिए एक चेतावनी है — कि राजनीतिक प्रतिशोध की आर्थिक कीमत बहुत ऊंची होती है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमारा राजा की गीगा परियोजना आंध्र प्रदेश से तेलंगाना क्यों गई?
नारा लोकेश के अनुसार, वाईएसआरसीपी सरकार के कार्यकाल में अमारा राजा ग्रुप को कथित तौर पर परेशान किया गया — जिसमें 253 एकड़ औद्योगिक भूमि वापस लेना और बैटरी प्लांट को बंद करने का नोटिस देना शामिल है। इस अनिश्चित कारोबारी माहौल के कारण कंपनी ने ₹9,500 करोड़ की लिथियम-आयन गीगा कॉरिडोर परियोजना तेलंगाना में स्थापित करने का निर्णय किया।
दिविटिपल्ली गीगा कॉरिडोर परियोजना क्या है?
दिविटिपल्ली गीगा कॉरिडोर तेलंगाना के महबूबनगर जिले में स्थित अमारा राजा ग्रुप की ₹9,500 करोड़ की लिथियम-आयन बैटरी विनिर्माण परियोजना है। इसके ग्राहक परीक्षण संयंत्र का उद्घाटन 16 जुलाई 2026 को हुआ, जिसे इस परियोजना का एक अहम पड़ाव बताया गया है।
गल्ला जयदेव कौन हैं और उनका इस विवाद से क्या संबंध है?
गल्ला जयदेव अमारा राजा ग्रुप के चेयरमैन और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के प्रमुख सांसद हैं। नारा लोकेश ने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी सरकार ने गल्ला जयदेव की TDP से राजनीतिक संबद्धता के कारण उनकी कंपनी के साथ प्रतिशोधपूर्ण व्यवहार किया।
आंध्र प्रदेश को इस परियोजना के जाने से क्या नुकसान हुआ?
आधिकारिक बयान के अनुसार, चित्तूर के हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और आंध्र प्रदेश को मिलने वाला संभावित कर राजस्व तेलंगाना को चला गया। यह नुकसान उस राज्य को हुआ जहाँ से अमारा राजा की शुरुआत हुई थी।
नारा लोकेश ने अमारा राजा के बारे में क्या कहा?
नारा लोकेश ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमारा राजा ने चार दशकों में विश्वस्तरीय विनिर्माण क्षमता विकसित की है और हजारों लोगों को रोजगार दिया है। उन्होंने आंध्र प्रदेश की ओर से गल्ला जयदेव और उनके परिवार से माफी मांगने की अपील की और कहा कि राज्य के दरवाजे और दिल अमारा राजा के लिए हमेशा खुले हैं।
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