छत्तीसगढ़: NH-53 पर स्कूटर-ट्रैक्टर टक्कर में एक परिवार के चार सदस्यों की मौत, दो मासूम बच्चियाँ भी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
दुर्ग-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर 16 जुलाई 2026 को हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौके पर मौत हो गई। मृतकों में दो सगी बहनें और उनकी दो छोटी बच्चियाँ शामिल हैं। परिवार का एक आठ वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल है और रायपुर एम्स के आईसीयू में उसका उपचार जारी है।
दुर्घटना का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, परिवार के पाँच सदस्य भिलाई-3 के सोमनी से रायपुर के वसंत विहार स्थित अपने मामा के घर स्कूटर पर जा रहे थे। इसी दौरान उनका स्कूटर राजमार्ग पर खड़े एक ट्रैक्टर के पिछले हिस्से से जा टकराया। वह ट्रैक्टर ऑक्सीजन सिलेंडरों से लदा हुआ था।
टक्कर इतनी भीषण थी कि अमृता निर्मलकर (28), उनकी बहन लक्ष्मी निर्मलकर (26), और अमृता की दोनों बेटियाँ — याचना (7) और डाली (4) — की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना कुम्हारी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में हुई।
घायल बच्चे की स्थिति
अमृता का आठ वर्षीय बेटा भावेश इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल रायपुर एम्स में भर्ती कराया गया, जहाँ वह अभी भी आईसीयू में जीवन-मृत्यु से जूझ रहा है। परिजनों की नज़रें उसकी सेहत पर टिकी हैं।
परिवार की पीड़ा
अमृता के पति लोकेश निर्मलकर ने पुलिस को बताया कि परिवार ने बेटी याचना का जन्मदिन मात्र दो दिन पहले, 14 जुलाई को मनाया था। उन्होंने इस हादसे को 'भयावह' बताया। दुर्घटना के समय उनकी पत्नी, दोनों बेटियाँ, बेटा और साली — सभी उसी स्कूटर पर सवार थे।
पुलिस की कार्रवाई और जाँच
पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर उसके चालक भोला यादव को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सुपेला मॉर्चरी भेजा गया है। अधिकारी यह जाँच कर रहे हैं कि ट्रैक्टर को राजमार्ग पर सही तरीके से खड़ा किया गया था या नहीं, और क्या इस त्रासदी में अन्य कारक भी जिम्मेदार हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्गों पर खड़े वाहनों से टकराने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। राजमार्ग पर बिना उचित चेतावनी संकेत के वाहन खड़े करना एक गंभीर सुरक्षा चूक मानी जाती है, जिस पर जाँच का दायरा अब बढ़ाया जा रहा है।