कतर के पूर्व अमीर शेख हमद के निधन पर भारत का शोक, राजदूत विपुल ने दोहा में दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
भारत के राजदूत विपुल ने 15 जुलाई 2026 को दोहा में आयोजित सामुदायिक शोक सभा में भाग लेकर कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। 12 जुलाई को 74 वर्ष की आयु में निधन हो जाने के बाद से भारत और कतर दोनों देशों में शोक की लहर है।
शोक सभा का आयोजन
भारतीय दूतावास, दोहा के मार्गदर्शन में काम करने वाले सामुदायिक संगठनों ने यह शोक सभा आयोजित की। दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि राजदूत विपुल, सामुदायिक नेताओं और सदस्यों ने पूर्व अमीर के निधन पर अपनी भावनाएँ साझा कीं। पोस्ट में कहा गया, 'उन्होंने प्रवासी समुदाय के प्रति उनके नेतृत्व और सहयोग को याद किया, जिसे हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।'
केंद्रीय मंत्री रिजिजू की कतर यात्रा
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भारत सरकार की ओर से आधिकारिक संवेदना प्रकट करने के लिए कतर पहुँचे। उन्होंने कतर के वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की जनता की ओर से शोक संदेश पहुँचाया। रिजिजू ने एक्स पर लिखा कि शेख हमद दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने भारत-कतर की पुरानी मित्रता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई और यह संबंध आगे चलकर रणनीतिक साझेदारी में बदला।
भारत में राष्ट्रीय शोक
शेख हमद के निधन के बाद भारत ने एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। सोमवार को राष्ट्रपति भवन और नई दिल्ली की प्रमुख इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा। यह कदम दोनों देशों के बीच गहरे कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक है।
भारत-कतर संबंधों का संदर्भ
गौरतलब है कि शेख हमद के शासनकाल में ही भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय संबंध रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुँचे। कतर में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी कार्यरत हैं, और यह समुदाय दोनों देशों के आर्थिक एवं सांस्कृतिक रिश्तों की नींव है। रिजिजू के अनुसार, शेख हमद की विरासत दोनों देशों को भविष्य में भी करीब लाती रहेगी।