17 जुलाई 2026
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कतर के पूर्व अमीर शेख हमद के निधन पर भारत का शोक, राजदूत विपुल ने दोहा में दी श्रद्धांजलि

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कतर के पूर्व अमीर शेख हमद के निधन पर भारत का शोक, राजदूत विपुल ने दोहा में दी श्रद्धांजलि

सारांश

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के 12 जुलाई को 74 वर्ष की आयु में निधन के बाद भारत ने राष्ट्रीय शोक घोषित किया। राजदूत विपुल ने दोहा में शोक सभा में हिस्सा लिया और मंत्री किरेन रिजिजू ने कतर पहुँचकर PM मोदी की ओर से संवेदना व्यक्त की।

मुख्य बातें

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 12 जुलाई को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
भारतीय राजदूत विपुल ने 15 जुलाई को दोहा में सामुदायिक शोक सभा में भाग लिया।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भारत सरकार और PM मोदी की ओर से संवेदना देने कतर पहुँचे।
भारत ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया; राष्ट्रपति भवन सहित प्रमुख इमारतों पर तिरंगा आधा झुका रहा।
शेख हमद के नेतृत्व में भारत-कतर संबंध रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुँचे थे।

भारत के राजदूत विपुल ने 15 जुलाई 2026 को दोहा में आयोजित सामुदायिक शोक सभा में भाग लेकर कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। 12 जुलाई को 74 वर्ष की आयु में निधन हो जाने के बाद से भारत और कतर दोनों देशों में शोक की लहर है।

शोक सभा का आयोजन

भारतीय दूतावास, दोहा के मार्गदर्शन में काम करने वाले सामुदायिक संगठनों ने यह शोक सभा आयोजित की। दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि राजदूत विपुल, सामुदायिक नेताओं और सदस्यों ने पूर्व अमीर के निधन पर अपनी भावनाएँ साझा कीं। पोस्ट में कहा गया, 'उन्होंने प्रवासी समुदाय के प्रति उनके नेतृत्व और सहयोग को याद किया, जिसे हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।'

केंद्रीय मंत्री रिजिजू की कतर यात्रा

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भारत सरकार की ओर से आधिकारिक संवेदना प्रकट करने के लिए कतर पहुँचे। उन्होंने कतर के वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की जनता की ओर से शोक संदेश पहुँचाया। रिजिजू ने एक्स पर लिखा कि शेख हमद दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने भारत-कतर की पुरानी मित्रता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई और यह संबंध आगे चलकर रणनीतिक साझेदारी में बदला।

भारत में राष्ट्रीय शोक

शेख हमद के निधन के बाद भारत ने एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। सोमवार को राष्ट्रपति भवन और नई दिल्ली की प्रमुख इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा। यह कदम दोनों देशों के बीच गहरे कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक है।

भारत-कतर संबंधों का संदर्भ

गौरतलब है कि शेख हमद के शासनकाल में ही भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय संबंध रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुँचे। कतर में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी कार्यरत हैं, और यह समुदाय दोनों देशों के आर्थिक एवं सांस्कृतिक रिश्तों की नींव है। रिजिजू के अनुसार, शेख हमद की विरासत दोनों देशों को भविष्य में भी करीब लाती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रणनीतिक और आर्थिक भी है। मुख्यधारा की कवरेज शोक की औपचारिकताओं पर केंद्रित रही, लेकिन असली सवाल यह है कि शेख हमद के बाद कतर की नई पीढ़ी के नेतृत्व के साथ भारत किस दिशा में यह साझेदारी ले जाएगा।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का निधन कब हुआ?
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का निधन 12 जुलाई को 74 वर्ष की आयु में हुआ। उनके निधन के बाद भारत सहित कई देशों ने शोक व्यक्त किया।
भारत ने शेख हमद के निधन पर क्या कदम उठाए?
भारत ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया, जिस दौरान राष्ट्रपति भवन और नई दिल्ली की प्रमुख इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू PM मोदी की ओर से आधिकारिक संवेदना देने कतर गए।
राजदूत विपुल ने दोहा में क्या किया?
राजदूत विपुल ने 15 जुलाई को दोहा में भारतीय दूतावास के मार्गदर्शन में आयोजित सामुदायिक शोक सभा में भाग लिया। उन्होंने सामुदायिक नेताओं के साथ मिलकर पूर्व अमीर के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।
शेख हमद का भारत-कतर संबंधों में क्या योगदान था?
शेख हमद के शासनकाल में भारत और कतर के संबंध रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुँचे। उन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय के प्रति सहयोग और नेतृत्व का परिचय दिया, जिसे दोनों देश आज भी याद करते हैं।
किरेन रिजिजू ने कतर में किससे मुलाकात की?
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कतर के वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात कर भारत सरकार, PM मोदी और भारत की जनता की ओर से शोक संदेश पहुँचाया।
राष्ट्र प्रेस
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