PM मोदी ने कतर के अमीर से की फोन पर बात, पूर्व अमीर शेख हमद के निधन पर जताया गहरा शोक
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 16 जुलाई को कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बातचीत की और कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस वार्ता में प्रधानमंत्री ने पूर्व अमीर के भारत-कतर संबंधों को सुदृढ़ करने में दिए गए योगदान को विशेष रूप से स्मरण किया।
मोदी ने एक्स पर साझा किया संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बात की और पूर्व अमीर के निधन पर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने पूर्व अमीर के भारत के प्रति गहरे लगाव, कतर में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए उनके स्नेह और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने में उनके निरंतर योगदान को याद किया।
मोदी ने आगे कहा कि पूर्व अमीर की विरासत सदैव दोनों देशों का मार्गदर्शन करती रहेगी और भारत-कतर रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ बनाने में सहायक होगी।
कतर के 'फादर अमीर' का निधन
कतर में 'फादर अमीर' के नाम से जाने जाने वाले शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का रविवार को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन पर भारत सरकार ने सोमवार को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की, जिसके तहत राष्ट्रपति भवन सहित सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को भी पूर्व अमीर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें 'दूरदर्शी नेता' और 'भारत का सच्चा मित्र' बताया था। उन्होंने एक्स पर लिखा था कि फरवरी 2024 में कतर यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात का उन्हें सम्मान प्राप्त हुआ था।
भारत की ओर से उच्चस्तरीय शोक-संवेदना
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू मंगलवार को दोहा पहुंचे और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात कर भारत की ओर से शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। कतर स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर जानकारी दी कि रिजिजू ने भारत सरकार और भारतीय जनता की ओर से संवेदनाएं प्रकट कीं और प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तिगत संदेश भी अमीर तक पहुंचाया।
भारत-कतर संबंधों का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और कतर के बीच रणनीतिक एवं आर्थिक संबंध लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं। कतर में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी समुदाय निवास करता है, जो दोनों देशों के बीच मानवीय सेतु का काम करता है। पूर्व अमीर शेख हमद को इस रिश्ते का एक प्रमुख स्तंभ माना जाता था। आगे भी दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद जारी रहने की उम्मीद है।