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रास लाफान हादसे में 12 भारतीयों की मौत: PM मोदी ने कतर के अमीर से की बात, जताया शोक

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रास लाफान हादसे में 12 भारतीयों की मौत: PM मोदी ने कतर के अमीर से की बात, जताया शोक

सारांश

कतर के रास लाफान में औद्योगिक दुर्घटना ने 12 भारतीय जिंदगियाँ लील लीं। PM मोदी ने कतर के अमीर से सीधी बात की, विदेश मंत्री जयशंकर ने भी दुख जताया। खाड़ी देशों में लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा एक बार फिर केंद्र में है।

मुख्य बातें

रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी, कतर में रविवार रात हुई औद्योगिक दुर्घटना में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई।
PM नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर से फोन पर बात कर शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
कंपनी ने हादसे को तकनीकी खराबी के कारण हुई औद्योगिक दुर्घटना बताया है।
विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पार्थिव शरीरों को स्वदेश लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जयशंकर ने भी एक्स पर दुख जताया; इस हादसे में अन्य देशों के नागरिक भी प्रभावित हुए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुई औद्योगिक दुर्घटना में 12 भारतीय नागरिकों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कतर के अमीर से सीधी बातचीत कर शोक-संवेदनाएँ साझा कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। यह दुर्घटना रविवार रात हुई, जिसे कंपनी ने तकनीकी खराबी के कारण हुई औद्योगिक दुर्घटना बताया है।

पीएम मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मैं कतर के अमीर का आभार व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने फोन करके रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए दुखद हादसे में भारतीय नागरिकों की मौत पर शोक व्यक्त किया। हम दोनों उन परिवारों के दुख में सहभागी हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। साथ ही हम घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।'

उन्होंने यह भी कहा कि भारत और कतर इस कठिन घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और दोनों देश अपने नागरिकों की सुरक्षा एवं कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

हादसे का विवरण

रविवार रात रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए इस हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। संबंधित कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह एक तकनीकी खराबी के कारण हुई औद्योगिक दुर्घटना थी। इस हादसे में अन्य देशों के नागरिक भी प्रभावित हुए हैं।

गौरतलब है कि रास लाफान कतर का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र है, जहाँ बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी कर्मचारी कार्यरत हैं। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब खाड़ी देशों में भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है।

विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

मंगलवार, 23 जून को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि 12 भारतीय नागरिकों की मौत अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से पार्थिव शरीरों को स्वदेश वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी एक्स पर लिखकर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा, 'रास लाफान में हुए विस्फोट में भारतीय नागरिकों सहित कई लोगों की मौत और घायल होने की खबर से अत्यंत दुखी हूँ।'

पार्थिव शरीर वापसी की कोशिश

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोहा स्थित भारतीय दूतावास कतरी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है ताकि मृतकों के परिजनों को यथाशीघ्र पार्थिव शरीर सौंपे जा सकें। घायल भारतीयों की स्थिति की भी निरंतर निगरानी की जा रही है।

यह घटना भारत-कतर के मज़बूत द्विपक्षीय संबंधों की पृष्ठभूमि में हुई है — कतर में लगभग 8 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी रहते हैं, जो इसे भारतीय डायस्पोरा के सबसे बड़े केंद्रों में से एक बनाता है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच इस हादसे की जाँच और राहत कार्यों पर और विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वे पर्याप्त नहीं — जब तक द्विपक्षीय श्रम समझौतों में कार्यस्थल सुरक्षा की जवाबदेही स्पष्ट नहीं होती, ऐसी खबरें दोहराती रहेंगी। कतर में 8 लाख से अधिक भारतीय प्रवासियों की उपस्थिति को देखते हुए, यह केवल शोक का नहीं, नीतिगत सुधार का क्षण है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रास लाफान हादसे में क्या हुआ?
कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में रविवार रात एक औद्योगिक दुर्घटना हुई, जिसमें 12 भारतीय नागरिकों सहित कई देशों के लोगों की मौत हो गई। कंपनी ने इसे तकनीकी खराबी के कारण हुई दुर्घटना बताया है।
PM मोदी ने इस हादसे पर क्या कहा?
PM मोदी ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने कतर के अमीर का आभार जताया जिन्होंने फोन कर शोक व्यक्त किया। मोदी ने कहा कि दोनों देश प्रभावित परिवारों के दुख में सहभागी हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।
मृतक भारतीयों के पार्थिव शरीर कब वापस आएँगे?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 23 जून को बताया कि स्थानीय कतरी अधिकारियों के सहयोग से पार्थिव शरीरों को स्वदेश लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सटीक समयसीमा अभी नहीं बताई गई है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने क्या प्रतिक्रिया दी?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि रास लाफान में हुए विस्फोट में भारतीय नागरिकों सहित कई लोगों की मौत और घायल होने की खबर से वे अत्यंत दुखी हैं।
कतर में कितने भारतीय प्रवासी रहते हैं?
कतर में लगभग 8 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी कार्यरत हैं, जो इसे भारतीय डायस्पोरा के सबसे बड़े केंद्रों में से एक बनाता है। रास लाफान जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में भारतीय श्रमिक काम करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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