कतर के रास लाफान धमाके में 12 भारतीयों की मौत, जयशंकर बोले- परिवारों की हर संभव मदद जारी
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 23 जून 2026 को कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए विस्फोट में 12 भारतीय नागरिकों की मौत पर गहरा दुख जताया और कहा कि दूतावास पीड़ित परिवारों की हर संभव सहायता में जुटा है। दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने इस दर्दनाक घटना की आधिकारिक पुष्टि की है और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
हादसे का घटनाक्रम
रविवार रात दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्रों में से एक, रास लाफान इंडस्ट्रियल एरिया में उस समय विस्फोट हुआ जब वहाँ सुविधाओं को पुनः संचालित करने की कोशिशें चल रही थीं। धमाके के बाद बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी में भीषण आग भड़क उठी, जिसके बाद आपातकालीन प्रतिक्रिया दल तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे।
विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए धमाके में भारतीय नागरिकों समेत कई लोगों की मौत और घायल होने से बहुत दुख हुआ। जैसे-जैसे और जानकारी सामने आ रही है, हमारा दूतावास कतर के अधिकारियों के संपर्क में है और इस हादसे से प्रभावित भारतीय नागरिकों के परिवारों की मदद करने की कोशिश कर रहा है। हमारी प्रार्थनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं।'
दूतावास की भूमिका और राहत कार्य
दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पोस्ट में पुष्टि करते हुए कहा, 'रविवार रात हुए रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई है। हम इस दुख की घड़ी में मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।' दूतावास के अधिकारियों ने यह भी बताया कि हादसे में घायल हुए सभी लोग फिलहाल स्थिर हालत में हैं और उन्हें उचित चिकित्सा सहायता दी जा रही है।
पार्थिव शरीर वापसी की व्यवस्था
भारतीय दूतावास कतर के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। दूतावास की प्राथमिकताओं में मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भेजने की व्यवस्था करना शामिल है। गौरतलब है कि रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक अहम केंद्र है, जहाँ बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी कामगार कार्यरत हैं।
आगे की स्थिति
हादसे के कारणों की जाँच जारी है। भारत सरकार स्थिति पर करीबी नज़र बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुँचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। यह घटना उस समय सामने आई है जब खाड़ी देशों में कार्यरत भारतीय प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंताएँ जताई जाती रही हैं।