13 जुलाई 2026
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कतर के पूर्व अमीर शेख हमद के निधन पर भारत का राष्ट्रीय शोक, नई दिल्ली, मुंबई और केरल में आधा झुका तिरंगा

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कतर के पूर्व अमीर शेख हमद के निधन पर भारत का राष्ट्रीय शोक, नई दिल्ली, मुंबई और केरल में आधा झुका तिरंगा

सारांश

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर भारत ने 13 जुलाई को राष्ट्रीय शोक मनाया। राष्ट्रपति भवन से केरल तक तिरंगा आधा झुका रहा। PM मोदी ने उन्हें 'भारत का सच्चा मित्र' बताया और मंत्री रिजिजू दोहा जाकर संवेदनाएँ देंगे।

मुख्य बातें

भारत सरकार ने 13 जुलाई 2025 को कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया।
राष्ट्रपति भवन , मुंबई मंत्रालय और केरल के सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रखा गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शेख हमद को 'दूरदर्शी नेता' और 'भारत का सच्चा मित्र' बताया।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू जल्द कतर जाकर भारत सरकार की ओर से आधिकारिक शोक संवेदनाएँ व्यक्त करेंगे।
शेख हमद ने 1995 से 2013 तक कतर पर शासन किया; 2013 में सत्ता पुत्र शेख तमीम को सौंपी।

भारत सरकार ने 13 जुलाई 2025 को कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की, जिसके तहत नई दिल्ली, मुंबई और केरल सहित पूरे देश में सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रखा गया। शेख हमद का रविवार, 12 जुलाई को निधन हुआ था। विदेश मंत्रालय (MEA) के निर्देश पर इस दिन कोई भी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

राष्ट्रपति भवन, मुंबई स्थित मंत्रालय और केरल के सरकारी भवनों से सामने आई तस्वीरों में तिरंगा आधा झुका दिखाई दिया। विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'भारत सरकार ने कतर के फादर अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के सम्मान में 13 जुलाई को एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। इस दिन पूरे भारत में उन सभी सरकारी और अन्य भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा, जहाँ नियमित रूप से तिरंगा फहराया जाता है।'

केरल के लिए विशेष महत्व

केरल सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जिन सरकारी भवनों और संस्थानों पर नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, वहाँ इसे आधा झुकाया जाए और भारतीय ध्वज संहिता के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए। केरल के लिए यह शोक विशेष महत्व रखता है, क्योंकि राज्य का एक बड़ा प्रवासी समुदाय खाड़ी देशों से जुड़ा है और कतर के साथ उसके घनिष्ठ आर्थिक एवं जन-से-जन संबंध हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व अमीर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शेख हमद एक दूरदर्शी नेता थे, जिनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि की नई ऊँचाइयाँ हासिल कीं। मोदी ने उन्हें 'भारत का सच्चा मित्र' भी बताया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और कतर के बीच राजनयिक और आर्थिक संबंध पिछले कुछ वर्षों में और प्रगाढ़ हुए हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू जल्द ही कतर जा सकते हैं, जहाँ वे भारत सरकार की ओर से आधिकारिक शोक संवेदनाएँ व्यक्त करेंगे। गौरतलब है कि शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी ने 1995 से 2013 तक कतर के अमीर के रूप में शासन किया और 2013 में सत्ता अपने पुत्र शेख तमीम बिन हमद अल-थानी को सौंपी। उनका शासनकाल कतर के आधुनिकीकरण और वैश्विक मंच पर उसकी पहचान स्थापित करने के लिहाज़ से ऐतिहासिक माना जाता है।

आगे क्या

मंत्री रिजिजू की प्रस्तावित दोहा यात्रा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की गहराई को रेखांकित करती है। भारत-कतर संबंधों के संदर्भ में यह यात्रा आने वाले दिनों में द्विपक्षीय संवाद को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऊर्जा आयात और रणनीतिक साझेदारी को देखते हुए यह शोक आर्थिक और मानवीय दोनों धरातलों पर उचित है। हालाँकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि शेख हमद के शासनकाल में ही कतर की विदेश नीति ने कई बार पश्चिम एशिया में विवादास्पद भूमिका निभाई — एक पहलू जिसे भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया में स्वाभाविक रूप से अनदेखा किया गया है। मंत्री रिजिजू की दोहा यात्रा इस बात का संकेत है कि नई दिल्ली इस अवसर को द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए भी उपयोग करना चाहती है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी का निधन कब हुआ?
शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी का निधन रविवार, 12 जुलाई 2025 को हुआ। इसके बाद भारत सरकार ने 13 जुलाई को एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया।
भारत ने कतर के पूर्व अमीर के निधन पर राष्ट्रीय शोक क्यों घोषित किया?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के सम्मान में 13 जुलाई को राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें 'भारत का सच्चा मित्र' और 'दूरदर्शी नेता' बताया; भारत-कतर के बीच मज़बूत आर्थिक, ऊर्जा और प्रवासी संबंध इस निर्णय की पृष्ठभूमि हैं।
राष्ट्रीय शोक के दौरान भारत में क्या-क्या प्रतिबंध रहे?
13 जुलाई को पूरे भारत में सरकारी और अन्य निर्धारित भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रखा गया। साथ ही, इस दिन कोई भी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया।
केरल के लिए शेख हमद का निधन विशेष रूप से महत्वपूर्ण क्यों है?
केरल का एक बड़ा प्रवासी समुदाय खाड़ी देशों, विशेषकर कतर में कार्यरत है। राज्य के कतर के साथ घनिष्ठ आर्थिक और जन-से-जन संबंध हैं, इसलिए केरल सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को ध्वज संहिता के अनुपालन के विशेष निर्देश जारी किए।
शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी ने कतर पर कब तक शासन किया?
शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी ने 1995 से 2013 तक कतर के अमीर के रूप में शासन किया। 2013 में उन्होंने सत्ता अपने पुत्र शेख तमीम बिन हमद अल-थानी को सौंप दी।
राष्ट्र प्रेस
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