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क्या उमर और राहुल गांधी पाकिस्तान के सोशल मीडिया स्टार बनना चाहते हैं? : तरुण चुघ

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क्या उमर और राहुल गांधी पाकिस्तान के सोशल मीडिया स्टार बनना चाहते हैं? : तरुण चुघ

सारांश

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने मालेगांव विस्फोट मामले में एनआईए अदालत के फैसले पर चर्चा की। उन्होंने कांग्रेस पर हिंदू आतंकवाद का नारा गढ़ने का आरोप लगाया और उमर अब्दुल्ला की आलोचना की। जानिए क्या कहा उन्होंने आतंकवाद को खत्म करने के लिए मोदी सरकार के प्रयासों पर।

मुख्य बातें

मालेगांव विस्फोट मामले में सभी आरोपियों को बरी किया गया है।
कांग्रेस पर हिंदू आतंकवाद का नारा गढ़ने का आरोप।
उमर और फारूक को अपने वादों पर चर्चा करने की आवश्यकता है।
कानून-व्यवस्था अब नियंत्रण में है।
मोदी सरकार आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।

जम्मू, 31 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने गुरुवार को 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में विशेष एनआईए अदालत के निर्णय का स्वागत किया। इस अदालत ने इस मामले के सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया है।

तरुण चुघ ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मालेगांव विस्फोट मामले में अदालत का फैसला स्वागतयोग्य है और इस पर कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक साजिश के तहत 'हिंदू आतंकवाद' का नारा गढ़ने की कोशिश की थी। यह स्पष्ट है कि यह एक जानबूझकर की गई कोशिश थी वोट बैंक को हासिल करने के लिए, जो हिंदुओं को बदनाम करने के उद्देश्य से की गई थी।

जम्मू-कश्मीर में धारा-370 के हटने के बाद कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर चुघ ने कहा कि मैं फारूक और उमर अब्दुल्ला से कहना चाहता हूं कि वे अपने चुनाव घोषणापत्र में किए गए वादों पर चर्चा करें। उन्होंने कहा कि उमर को 'विक्टिम कार्ड' खेलना बंद करना चाहिए और अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करना चाहिए। पुलिस के अलावा, आपके पास सभी विभाग हैं। नशे के पीछे जो लोग हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए। उमर और फारूक के पिछले शासनकाल में कितने निर्दोष मारे गए। अब पथराव की स्थिति शून्य है। कानून-व्यवस्था अब नियंत्रण में है, और नागरिकों की हत्याओं के पीछे जो लोग हैं, उन्हें सजा मिलेगी।

उन्होने पहलगाम हमलावरों पर कार्रवाई के लिए कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' और 'ऑपरेशन महादेव' के लिए सेना की प्रशंसा की जानी चाहिए। आतंकवाद की फैक्ट्री में 100 से ज्यादा लोग मारे गए। उमर को इसकी प्रशंसा करनी चाहिए, सवाल उठाने वालों का साथ नहीं देना चाहिए। मैं उमर और राहुल गांधी से अनुरोध करता हूं कि वे पाकिस्तान के सोशल मीडिया स्टार न बनें। आप अपनी सेना से ज्यादा पाकिस्तानी सेना के मुखपत्र पर भरोसा करते हैं। जनवरी 1990 में मुख्यमंत्री कौन था? हम आतंकवाद को खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं। यह मोदी सरकार है, जिसका ध्येय वाक्य है, खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा.

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण है। राजनीतिक दलों को अपने वादों का पालन करना चाहिए और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना चाहिए। यह आवश्यक है कि सभी पक्ष मिलकर सुरक्षा का माहौल बनाएं।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मालेगांव विस्फोट मामले में सभी आरोपी बरी हो गए?
हाँ, एनआईए अदालत ने मालेगांव विस्फोट मामले के सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया है।
तरुण चुघ ने किसे संबोधित करते हुए अपने विचार व्यक्त किए?
तरुण चुघ ने उमर अब्दुल्ला और राहुल गांधी को संबोधित करते हुए अपने विचार साझा किए।
उमर अब्दुल्ला पर चुघ ने क्या आरोप लगाया?
चुघ ने उमर अब्दुल्ला पर 'विक्टिम कार्ड' खेलने और चुनावी वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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