17 जुलाई 2026
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छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम 2026 पास, 15 लाख MSME को मिलेगी नौकरशाही से मुक्ति

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छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम 2026 पास, 15 लाख MSME को मिलेगी नौकरशाही से मुक्ति

सारांश

छत्तीसगढ़ विधानसभा ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम 2026 ध्वनि मत से पास किया — जो राज्य के 15 लाख MSME के लिए लालफीताशाही का अंत और स्वतः स्वीकृति की शुरुआत है। ट्रस्ट और जोखिम-आधारित यह कानून छत्तीसगढ़ में निवेश का माहौल बदल सकता है।

मुख्य बातें

छत्तीसगढ़ विधानसभा ने 16 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026 ध्वनि मत से पारित किया।
कानून ट्रस्ट-आधारित और जोखिम-आधारित व्यापार अनुमति प्रणाली लागू करेगा।
राज्य के 15 लाख से अधिक MSME और स्टार्टअप्स को स्व-प्रमाणीकरण व स्वतः स्वीकृति का लाभ मिलेगा।
सरकारी विभाग द्वारा समय सीमा में निर्णय न लेने पर अनुमोदन स्वतः स्वीकृत माना जाएगा।
कई परमिटों के लिए वार्षिक नवीनीकरण की अनिवार्यता समाप्त ; जल कनेक्शन, पंजीकरण और भवन अनुमति में तेज़ी आएगी।

छत्तीसगढ़ विधानसभा ने 16 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026 ध्वनि मत से पारित कर दिया, जो राज्य में व्यापार अनुमति की पूरी प्रणाली को ट्रस्ट-आधारित और जोखिम-आधारित ढाँचे में बदल देगा। रायपुर में पारित इस कानून से राज्य के 15 लाख से अधिक लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) और स्टार्टअप्स को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

अधिनियम में क्या है खास

नया कानून व्यवसायों को उनके आकार, निवेश और गतिविधियों की प्रकृति के आधार पर जोखिम प्रोफाइल में वर्गीकृत करता है। कम जोखिम वाले उद्यमों — विशेषकर MSME और स्टार्टअप्स — को स्व-प्रमाणीकरण, स्वतः स्वीकृत अनुमोदन और न्यूनतम सरकारी हस्तक्षेप का लाभ मिलेगा। वहीं उच्च जोखिम वाले और बड़े उद्योगों पर आवश्यक निगरानी पूर्ववत जारी रहेगी।

बार-बार होने वाले सरकारी निरीक्षणों के स्थान पर अब इंजीनियरों और वास्तुकारों जैसे लाइसेंस प्राप्त पेशेवरों द्वारा प्रमाणन को मान्यता दी जाएगी। यह बदलाव अनुपालन की लागत और समय दोनों को घटाएगा।

स्वतः स्वीकृति का प्रावधान

अधिनियम का सबसे महत्त्वपूर्ण प्रावधान यह है कि यदि कोई सरकारी विभाग निर्धारित समय सीमा के भीतर किसी आवेदन पर निर्णय लेने में विफल रहता है, तो अनुमोदन स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा। इससे फाइल निपटान में होने वाली लंबी देरी समाप्त होगी, जो वर्षों से उद्यमियों की सबसे बड़ी शिकायत रही है।

गौरतलब है कि कई परमिटों के लिए अब वार्षिक नवीनीकरण की आवश्यकता नहीं होगी, और पुरानी प्रणाली को जोखिम-आधारित अनुपालन ढाँचे से प्रतिस्थापित किया जाएगा।

किन सेवाओं में आएगी तेज़ी

जल कनेक्शन, फर्म और सोसायटी पंजीकरण तथा भवन निर्माण योजनाओं की मंजूरी — इन तीनों क्षेत्रों में प्रक्रियाएँ तेज़ की जाएँगी। ये वे क्षेत्र हैं जहाँ छोटे उद्यमियों को अब तक सबसे अधिक प्रशासनिक अड़चनों का सामना करना पड़ता था।

आम उद्यमी पर असर

सरकार के अनुसार, लालफीताशाही कम होने, अनुपालन लागत घटने और पारदर्शिता बढ़ने से नए निवेश आकर्षित होंगे और रोज़गार के अधिक अवसर पैदा होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है।

इन सुधारों से उद्यमियों को प्रशासनिक पेचीदगियों में उलझने के बजाय व्यापार वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा। अधिनियम के क्रियान्वयन की दिशा में राज्य सरकार द्वारा विस्तृत नियमावली जारी किए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी — विशेषकर 'स्वतः स्वीकृति' प्रावधान के लिए, जो तभी काम करेगा जब विभागीय डिजिटल प्रणालियाँ समय सीमाओं को वास्तव में ट्रैक करें। देश के कई राज्यों ने इसी तरह के सुधार घोषित किए हैं, परंतु ज़मीनी स्तर पर अनुपालन अक्सर पुरानी मानसिकता की भेंट चढ़ जाता है। जोखिम-वर्गीकरण की परिभाषा कितनी स्पष्ट होगी, यह तय करेगा कि 15 लाख MSME में से कितने वास्तव में 'कम जोखिम' श्रेणी में आते हैं। नियमावली जारी होने तक उत्साह को सतर्क आशावाद तक सीमित रखना उचित होगा।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम 2026 क्या है?
यह 16 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा ध्वनि मत से पारित एक कानून है, जो राज्य में व्यापार अनुमति प्रणाली को ट्रस्ट-आधारित और जोखिम-आधारित ढाँचे में बदलता है। इसका उद्देश्य नौकरशाही बाधाएँ घटाकर MSME, स्टार्टअप्स और निवेशकों के लिए व्यापार करना आसान बनाना है।
इस कानून से MSME को क्या फायदा होगा?
राज्य के 15 लाख से अधिक MSME को स्व-प्रमाणीकरण, स्वतः स्वीकृत अनुमोदन और न्यूनतम सरकारी हस्तक्षेप का लाभ मिलेगा। बार-बार के सरकारी निरीक्षण की जगह लाइसेंस प्राप्त पेशेवरों द्वारा प्रमाणन मान्य होगा, जिससे अनुपालन की लागत और समय दोनों घटेंगे।
स्वतः स्वीकृति (Deemed Approval) का प्रावधान कैसे काम करेगा?
यदि कोई सरकारी विभाग निर्धारित समय सीमा के भीतर किसी आवेदन पर निर्णय नहीं लेता, तो वह अनुमोदन स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा। यह प्रावधान फाइल निपटान में होने वाली लंबी देरी को समाप्त करने के लिए बनाया गया है।
किन सेवाओं में तेज़ी आएगी?
जल कनेक्शन, फर्म और सोसायटी पंजीकरण तथा भवन निर्माण योजनाओं की मंजूरी — इन तीनों क्षेत्रों में प्रक्रियाएँ तेज़ होंगी। इसके अलावा कई परमिटों के लिए वार्षिक नवीनीकरण की अनिवार्यता भी समाप्त की जाएगी।
उच्च जोखिम वाले उद्योगों पर इस कानून का क्या असर होगा?
अधिनियम के अनुसार उच्च जोखिम वाले और बड़े उद्योगों पर आवश्यक सरकारी निगरानी पूर्ववत जारी रहेगी। छूट और सरलीकरण केवल कम जोखिम वाले व्यवसायों के लिए है, जिससे सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी मानकों से कोई समझौता नहीं होगा।
राष्ट्र प्रेस
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