30 जून 2026
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MSME राहत: मध्य पूर्व संकट के बाद ECLGS 5.0 के तहत ₹1 लाख करोड़ वितरित, सचिव भरत खेरा का खुलासा

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MSME राहत: मध्य पूर्व संकट के बाद ECLGS 5.0 के तहत ₹1 लाख करोड़ वितरित, सचिव भरत खेरा का खुलासा

सारांश

मध्य पूर्व संकट से नकदी की किल्लत झेल रहे MSME को केंद्र सरकार ने ECLGS 5.0 के ज़रिए ₹1 लाख करोड़ की राहत दी है। योजना का कुल लक्ष्य ₹2.55 लाख करोड़ का ऋण प्रवाह है और MSME को 100% क्रेडिट गारंटी कवर मिलेगा।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने ECLGS 5.0 के तहत मध्य पूर्व संकट से प्रभावित MSME को ₹1 लाख करोड़ वितरित किए।
योजना को 5 मई 2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दी; कुल ऋण लक्ष्य ₹2.55 लाख करोड़ , जिसमें एयरलाइन क्षेत्र के लिए ₹5,000 करोड़ शामिल।
MSME को 100% और गैर-MSME को 90% क्रेडिट गारंटी कवर NCGTC के माध्यम से।
MSME सचिव भरत खेरा ने 30 जून 2026 को CII कार्यक्रम में यह जानकारी साझा की।
सरकार ने लॉजिस्टिक्स बाधाओं के समाधान के लिए आयकर विभाग और शिपिंग अधिकारियों से समन्वय किया।
संकट के बाद MSME ने नए निर्यात बाज़ार तलाशे; FTA वार्ताओं से और अवसर मिलने की उम्मीद।

केंद्र सरकार ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम 5.0 (ECLGS 5.0) के माध्यम से मध्य पूर्व संकट से प्रभावित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) तथा अन्य उद्योगों को राहत देने के लिए ₹1 लाख करोड़ का वितरण कर दिया है। यह जानकारी MSME सचिव भरत खेरा ने 30 जून 2026 को नई दिल्ली में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के एक कार्यक्रम में दी।

मुख्य घटनाक्रम

खेरा ने CII के मंच से स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया संकट के कारण कुछ निर्यात खेपों और नकदी प्रवाह पर प्रतिकूल असर पड़ा। इसी के मद्देनज़र सरकार ने MSME को तरलता (liquidity) और कार्यशील पूँजी (working capital) की चुनौतियों से उबारने के लिए ECLGS 5.0 को सक्रिय किया।

उन्होंने कहा, "हमारी कोशिश यह रही है कि मुश्किल समय में MSME को बेवजह नुकसान न हो।" साथ ही यह भी जोड़ा कि लॉजिस्टिक्स संबंधी अड़चनों को दूर करने के लिए आयकर विभाग और शिपिंग अधिकारियों के साथ समन्वय किया गया है।

ECLGS 5.0 की संरचना

5 मई 2026 को केंद्रीय कैबिनेट ने ECLGS 5.0 को मंजूरी दी थी। इस योजना का उद्देश्य ₹2.55 लाख करोड़ तक का अतिरिक्त ऋण प्रवाह सुनिश्चित करना है, जिसमें एयरलाइन क्षेत्र के लिए ₹5,000 करोड़ अलग से निर्धारित हैं।

योजना के तहत सरकार नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) के ज़रिए ऋण देने वाली संस्थाओं को गारंटी कवर प्रदान करती है — MSME उधारकर्ताओं को 100% और गैर-MSME उधारकर्ताओं को 90% का कवर। यह प्रावधान इसलिए किया गया है ताकि संकट के दौरान रोज़गार सुरक्षित रहे।

उद्योग की अनुकूलन क्षमता

खेरा ने भारतीय उद्योग की लचीलेपन की सराहना करते हुए कहा, "चाहे कोविड-19 का दौर हो या हाल का पश्चिम एशिया संकट, हमारे MSME ने खुद ही सुधार के उपाय खोजे और वैकल्पिक स्रोत तलाशे। आपूर्ति श्रृंखला की इन रुकावटों से सीखकर यह क्षेत्र और भी सुदृढ़ हुआ है।"

यह ऐसे समय में आया है जब भारत कई मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है, जिससे MSME के लिए नए निर्यात बाज़ार खुलने की उम्मीद है। खेरा के अनुसार, संकट के बाद उद्योग ने नए बाज़ारों की पहचान की है और कई बाज़ार जो पहले बंद थे, वे अब उपलब्ध हैं।

आम उद्योगों पर असर

गौरतलब है कि मध्य पूर्व भारत के MSME निर्यात का एक प्रमुख गंतव्य रहा है। संघर्ष के कारण शिपिंग मार्गों में व्यवधान और भुगतान में देरी से छोटे निर्यातक सबसे अधिक प्रभावित हुए। ECLGS 5.0 के तहत ₹1 लाख करोड़ का वितरण इन इकाइयों को तत्काल नकदी राहत प्रदान करता है।

आगे की राह

सरकार का लक्ष्य ECLGS 5.0 के माध्यम से कुल ₹2.55 लाख करोड़ का ऋण प्रवाह सुनिश्चित करना है। FTA वार्ताओं की प्रगति और नए निर्यात बाज़ारों तक पहुँच के साथ, MSME क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक संभावनाएँ बेहतर होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऋण वितरण की गति और गारंटी कवर का दायरा इस योजना की सफलता की असली कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि यह राशि कितने MSME तक पहुँची और उनकी वास्तविक ज़रूरत के अनुपात में कितनी थी — यह आँकड़ा अभी सामने नहीं आया है। ECLGS का पिछला संस्करण (कोविड दौर में) भी बड़े आँकड़ों के साथ आया था, लेकिन आलोचकों ने तब भी कहा था कि लाभ असमान रूप से बड़े उधारकर्ताओं तक पहुँचा। 100% गारंटी कवर एक मज़बूत प्रोत्साहन है, परंतु बिना पारदर्शी लाभार्थी डेटा के यह आकलन करना कठिन है कि सबसे छोटी इकाइयाँ — जो सबसे अधिक असुरक्षित हैं — वास्तव में लाभान्वित हुईं या नहीं।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ECLGS 5.0 क्या है और यह MSME की कैसे मदद करती है?
ECLGS 5.0 केंद्र सरकार की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम का पाँचवाँ संस्करण है, जिसे 5 मई 2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दी। यह MSME को 100% और गैर-MSME को 90% क्रेडिट गारंटी कवर देकर बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से ऋण लेने में सहूलियत देती है, ताकि नकदी की तंगी से राहत मिले।
मध्य पूर्व संकट का भारतीय MSME पर क्या असर पड़ा?
मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण निर्यात खेपों में देरी, शिपिंग मार्गों में व्यवधान और नकदी प्रवाह पर दबाव पड़ा। MSME सचिव भरत खेरा के अनुसार, इससे विशेष रूप से छोटे निर्यातकों की कार्यशील पूँजी प्रभावित हुई।
ECLGS 5.0 के तहत अब तक कितनी राशि वितरित हुई है?
30 जून 2026 तक ECLGS 5.0 के तहत ₹1 लाख करोड़ वितरित किए जा चुके हैं। योजना का कुल लक्ष्य ₹2.55 लाख करोड़ का अतिरिक्त ऋण प्रवाह सुनिश्चित करना है।
NCGTC की इस योजना में क्या भूमिका है?
नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) इस योजना के तहत ऋण देने वाली संस्थाओं को सरकार की ओर से गारंटी कवर प्रदान करती है। यह गारंटी बैंकों को जोखिम कम लगने पर MSME को ऋण देने के लिए प्रोत्साहित करती है।
संकट के बाद MSME के लिए नए निर्यात अवसर क्या हैं?
MSME सचिव के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट के बाद भारतीय उद्योग ने वैकल्पिक निर्यात बाज़ार खोजे हैं। इसके अलावा, भारत सक्रिय रूप से कई मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर बातचीत कर रहा है, जिससे MSME के लिए नए बाज़ार उपलब्ध होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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