MSME राहत: मध्य पूर्व संकट के बाद ECLGS 5.0 के तहत ₹1 लाख करोड़ वितरित, सचिव भरत खेरा का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम 5.0 (ECLGS 5.0) के माध्यम से मध्य पूर्व संकट से प्रभावित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) तथा अन्य उद्योगों को राहत देने के लिए ₹1 लाख करोड़ का वितरण कर दिया है। यह जानकारी MSME सचिव भरत खेरा ने 30 जून 2026 को नई दिल्ली में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के एक कार्यक्रम में दी।
मुख्य घटनाक्रम
खेरा ने CII के मंच से स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया संकट के कारण कुछ निर्यात खेपों और नकदी प्रवाह पर प्रतिकूल असर पड़ा। इसी के मद्देनज़र सरकार ने MSME को तरलता (liquidity) और कार्यशील पूँजी (working capital) की चुनौतियों से उबारने के लिए ECLGS 5.0 को सक्रिय किया।
उन्होंने कहा, "हमारी कोशिश यह रही है कि मुश्किल समय में MSME को बेवजह नुकसान न हो।" साथ ही यह भी जोड़ा कि लॉजिस्टिक्स संबंधी अड़चनों को दूर करने के लिए आयकर विभाग और शिपिंग अधिकारियों के साथ समन्वय किया गया है।
ECLGS 5.0 की संरचना
5 मई 2026 को केंद्रीय कैबिनेट ने ECLGS 5.0 को मंजूरी दी थी। इस योजना का उद्देश्य ₹2.55 लाख करोड़ तक का अतिरिक्त ऋण प्रवाह सुनिश्चित करना है, जिसमें एयरलाइन क्षेत्र के लिए ₹5,000 करोड़ अलग से निर्धारित हैं।
योजना के तहत सरकार नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) के ज़रिए ऋण देने वाली संस्थाओं को गारंटी कवर प्रदान करती है — MSME उधारकर्ताओं को 100% और गैर-MSME उधारकर्ताओं को 90% का कवर। यह प्रावधान इसलिए किया गया है ताकि संकट के दौरान रोज़गार सुरक्षित रहे।
उद्योग की अनुकूलन क्षमता
खेरा ने भारतीय उद्योग की लचीलेपन की सराहना करते हुए कहा, "चाहे कोविड-19 का दौर हो या हाल का पश्चिम एशिया संकट, हमारे MSME ने खुद ही सुधार के उपाय खोजे और वैकल्पिक स्रोत तलाशे। आपूर्ति श्रृंखला की इन रुकावटों से सीखकर यह क्षेत्र और भी सुदृढ़ हुआ है।"
यह ऐसे समय में आया है जब भारत कई मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है, जिससे MSME के लिए नए निर्यात बाज़ार खुलने की उम्मीद है। खेरा के अनुसार, संकट के बाद उद्योग ने नए बाज़ारों की पहचान की है और कई बाज़ार जो पहले बंद थे, वे अब उपलब्ध हैं।
आम उद्योगों पर असर
गौरतलब है कि मध्य पूर्व भारत के MSME निर्यात का एक प्रमुख गंतव्य रहा है। संघर्ष के कारण शिपिंग मार्गों में व्यवधान और भुगतान में देरी से छोटे निर्यातक सबसे अधिक प्रभावित हुए। ECLGS 5.0 के तहत ₹1 लाख करोड़ का वितरण इन इकाइयों को तत्काल नकदी राहत प्रदान करता है।
आगे की राह
सरकार का लक्ष्य ECLGS 5.0 के माध्यम से कुल ₹2.55 लाख करोड़ का ऋण प्रवाह सुनिश्चित करना है। FTA वार्ताओं की प्रगति और नए निर्यात बाज़ारों तक पहुँच के साथ, MSME क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक संभावनाएँ बेहतर होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऋण वितरण की गति और गारंटी कवर का दायरा इस योजना की सफलता की असली कसौटी होगी।