15 अगस्त 2026
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स्वतंत्रता दिवस पर मौलाना अरशद मदनी का संदेश: आजादी संघर्ष और शहादतों की देन, किसी का तोहफा नहीं

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स्वतंत्रता दिवस पर मौलाना अरशद मदनी का संदेश: आजादी संघर्ष और शहादतों की देन, किसी का तोहफा नहीं

सारांश

80वें स्वतंत्रता दिवस पर मौलाना अरशद मदनी ने याद दिलाया कि आजादी किसी की कृपा नहीं, बल्कि बुजुर्गों की कुर्बानियों का फल है। हिंदू-मुस्लिम एकता को राष्ट्र की बुनियाद बताते हुए उन्होंने साझी विरासत का आह्वान किया।

मुख्य बातें

मौलाना अरशद मदनी ने 15 अगस्त 2026 को एक्स पर कहा कि भारत की आजादी संघर्ष और शहादतों से मिली, किसी का तोहफा नहीं।
मदनी ने हिंदू-मुस्लिम एकता को भारत की असली ताकत और बुनियाद बताया।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने एक्स पर 80वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए 'आस्था, सेवा और राष्ट्र निर्माण की सदी' का उल्लेख किया।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने एक्स पर देशवासियों को बधाई दी।
AIUDF अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल ने एकता का आह्वान करते हुए असम बाढ़ पीड़ितों की मदद की अपील की।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त 2026, के अवसर पर देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की आजादी किसी की दया या उपहार नहीं थी, बल्कि यह अनगिनत कुर्बानियों और शहादतों का परिणाम है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में हिंदू-मुस्लिम एकता को भारत की असली ताकत बताया।

मदनी का मुख्य संदेश

मदनी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'भारत की आजादी हमें किसी से मिला कोई तोहफा या एहसान नहीं थी। यह हमारे बुजुर्गों और विद्वानों द्वारा ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष में दी गई अनगिनत कुर्बानियों, झेली गई जेल की सजाओं, मुश्किलों और शहादतों से हासिल हुई थी।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश 79 वर्षों की स्वतंत्रता का जश्न मना रहा है।

हिंदू-मुस्लिम एकता पर जोर

मदनी ने आगे लिखा कि मुस्लिम विद्वानों ने लगातार देश के बंटवारे का विरोध किया और हिंदू-मुस्लिम एकता को ही भारत की असली ताकत और बुनियाद माना। उन्होंने कहा, 'एक एकजुट राष्ट्र के प्रति उनकी कुर्बानियां, हिम्मत और अटूट निष्ठा हमारे साझे इतिहास और विरासत का एक स्थायी हिस्सा बनी हुई है।' गौरतलब है कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने भी अपनी आधिकारिक एक्स पोस्ट में स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए संगठन की 'आस्था, सेवा और राष्ट्र निर्माण की सदी' का उल्लेख किया।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएँ

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने एक्स पर लिखा, 'सदियों से आबाद रहा है, सदियों तलक आबाद रहेगा। भारत जिंदाबाद रहा है, भारत जिंदाबाद रहेगा।' उन्होंने सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी।

अखिल भारतीय संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (AIUDF) के अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल ने अपनी पोस्ट में एकता, शांति, भाईचारे और सद्भाव का आह्वान किया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देने के साथ-साथ असम में हाल ही में आई बाढ़ में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की और लोगों से जाति, धर्म व नस्ल से ऊपर उठकर पीड़ितों की मदद करने का आग्रह किया।

ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूरे कर 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। स्वतंत्रता संग्राम में मुस्लिम धर्मगुरुओं और विद्वानों की भूमिका पर मदनी का यह बयान राष्ट्रीय एकता और साझी विरासत की याद दिलाता है।

आगे की दिशा

विभिन्न राजनीतिक और धार्मिक नेताओं के इन संदेशों से स्पष्ट है कि 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव का आह्वान केंद्र में रहा। बदरुद्दीन अजमल का असम बाढ़ पीड़ितों की ओर ध्यान आकर्षित करना यह भी दर्शाता है कि राष्ट्रीय पर्व पर भी मानवीय संकट से मुँह नहीं फेरा जाना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो समकालीन राजनीतिक विमर्श में अक्सर हाशिये पर रहती है। हिंदू-मुस्लिम एकता पर उनका जोर ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब सामाजिक ध्रुवीकरण की चर्चाएँ राष्ट्रीय विमर्श पर हावी हैं। बदरुद्दीन अजमल का असम बाढ़ पीड़ितों का उल्लेख यह भी दर्शाता है कि राष्ट्रीय पर्व को केवल उत्सव तक सीमित न रखकर, ज़मीनी संकटों की ओर ध्यान खींचना भी नेतृत्व की जिम्मेदारी है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना अरशद मदनी ने स्वतंत्रता दिवस पर क्या कहा?
मौलाना अरशद मदनी ने 15 अगस्त 2026 को एक्स पर लिखा कि भारत की आजादी किसी का तोहफा नहीं, बल्कि बुजुर्गों और विद्वानों की कुर्बानियों, जेल की सजाओं और शहादतों से हासिल हुई। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता को भारत की असली ताकत बताया।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद कौन सा संगठन है?
जमीयत उलेमा-ए-हिंद एक प्रमुख भारतीय मुस्लिम धार्मिक संगठन है, जिसके अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी हैं। यह संगठन स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी अपनी ऐतिहासिक भूमिका और राष्ट्रीय एकता की वकालत के लिए जाना जाता है।
बदरुद्दीन अजमल ने स्वतंत्रता दिवस पर असम बाढ़ का जिक्र क्यों किया?
AIUDF अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल ने स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए असम में हाल ही में आई बाढ़ में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लोगों से जाति, धर्म और नस्ल से ऊपर उठकर बाढ़ प्रभावितों की मदद करने का आग्रह किया।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर मुस्लिम नेताओं का संदेश क्या था?
80वें स्वतंत्रता दिवस पर मौलाना अरशद मदनी, बदरुद्दीन अजमल और कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी सहित कई नेताओं ने राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और सद्भाव का आह्वान किया। मदनी ने विशेष रूप से स्वतंत्रता संग्राम में मुस्लिम विद्वानों की भूमिका को रेखांकित किया।
भारत का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस कब मनाया गया?
भारत का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2026 को मनाया गया। इस दिन देश को ब्रिटिश शासन से आजाद हुए 79 वर्ष पूरे हो गए।
राष्ट्र प्रेस
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