शी चिनफिंग का 'सुरक्षित चीन' निर्माण पर बड़ा निर्देश, सामाजिक स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 28 सितंबर 2026 को बीजिंग में आयोजित 'सुरक्षित चीन निर्माण कार्य बैठक' के अवसर पर अधिक उच्च स्तर वाले सुरक्षित चीन के निर्माण पर अहम निर्देश जारी किए। इस बैठक में राष्ट्रपति शी के निर्देशों को सुनाया गया, जिनमें राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, सार्वजनिक सुरक्षा शासन का स्तर उन्नत करने और विभिन्न प्रकार के जोखिमों की रोकथाम पर विशेष बल दिया गया।
18वीं सीपीसी कांग्रेस के बाद की प्रगति
शी ने अपने निर्देश में रेखांकित किया कि 18वीं सीपीसी कांग्रेस के बाद से 'सुरक्षित चीन' के निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। उनके अनुसार, जनता के शांतिपूर्ण जीवन और सामाजिक स्थिरता की स्थिति और अधिक मज़बूत हुई है। शी ने दावा किया कि चीन आज विश्व के सबसे सुरक्षित देशों में से एक बन चुका है।
मुख्य निर्देश और नीतिगत प्राथमिकताएँ
राष्ट्रपति शी ने नए अभियान में कई प्रमुख प्राथमिकताएँ निर्धारित कीं। उन्होंने चीनी विशेषता वाली समाजवादी विचारधारा के मार्गदर्शन में समग्र राष्ट्रीय सुरक्षा अवधारणा पर कायम रहने का आह्वान किया। साथ ही, पार्टी के चौतरफा नेतृत्व को मज़बूत करते हुए विकास और सुरक्षा के बीच तालमेल बिठाने पर ज़ोर दिया।
शी के निर्देश के अनुसार, कानूनी शासन के समर्थन और प्रौद्योगिकी सशक्तिकरण को प्रगाढ़ बनाने के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था तथा क्षमता निर्माण को और सुदृढ़ किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक सुरक्षा शासन का स्तर उन्नत करना, सामाजिक प्रशासन व्यवस्था को संपूर्ण बनाना और विभिन्न प्रकार के जोखिमों की रोकथाम करना भी प्रमुख लक्ष्यों में शामिल हैं।
चार सूत्री लक्ष्य
शी चिनफिंग ने चार स्पष्ट लक्ष्य सामने रखे — राष्ट्र अधिक सुरक्षित हो, समाज अधिक व्यवस्थित हो, प्रशासन व प्रबंधन अधिक प्रभावकारी हो, और जनता अधिक संतुष्ट हो। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में निरंतर बल देना आवश्यक है।
गौरतलब है कि यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब चीन आंतरिक सामाजिक स्थिरता और बाहरी भू-राजनीतिक दबावों दोनों से एक साथ जूझ रहा है। 'सुरक्षित चीन' की अवधारणा को चीनी आधुनिकीकरण के दीर्घकालीन और स्थिर विकास की आधारशिला बताया गया है।
चीनी आधुनिकीकरण से जुड़ाव
शी ने स्पष्ट किया कि उच्च स्तर वाले सुरक्षित चीन के निर्माण से चीनी आधुनिकीकरण के दीर्घकालीन और स्थिर विकास को सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यह बयान बीजिंग की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें आर्थिक प्रगति और सामाजिक नियंत्रण को एक साथ साधने की कोशिश की जाती है। आलोचकों का कहना है कि 'सुरक्षा' के नाम पर निगरानी तंत्र के विस्तार पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सवाल उठते रहे हैं, हालाँकि चीनी सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है।
आने वाले समय में इन निर्देशों के क्रियान्वयन की दिशा में नीतिगत कदम उठाए जाने की संभावना है, जो चीन की आंतरिक शासन प्रणाली पर व्यापक असर डाल सकते हैं।