मुसलमानों से देशभक्ति का सबूत माँगना अनुचित: मौलाना साजिद रशीदी, स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका याद दिलाई
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्पष्ट कहा कि मुसलमानों से देशभक्ति का प्रमाण माँगना सर्वथा गलत है, क्योंकि भारत की आजादी की लड़ाई में उनकी कुर्बानियाँ ऐतिहासिक और अविस्मरणीय रही हैं। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राण न्योछावर करने वाले हर समुदाय के शहीदों को याद किया जाए।
मुसलमानों की कुर्बानियाँ और राष्ट्रीय एकता
रशीदी ने कहा कि देश की आजादी के लिए लाखों लोगों ने अपनी जान दी — इनमें हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी समुदायों के लोग शामिल थे। उन्होंने कहा, 'स्वतंत्रता आंदोलन किसी एक मज़हब या जाति की लड़ाई नहीं थी — यह पूरे हिंदुस्तान की साझी विरासत है।' उनके अनुसार, जो लोग मुसलमानों से राष्ट्रप्रेम का सबूत माँगते हैं, वे इतिहास की इस साझेदारी को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं।
राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत पर रुख
राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से जुड़े सवाल पर मौलाना रशीदी ने कहा कि दोनों देश के सम्मान का विषय हैं और राष्ट्रगीत का अपमान किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी नागरिक पर उसकी धार्मिक आस्था के विरुद्ध जाकर कुछ भी जबरन थोपना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, देश के तिरंगे और राष्ट्रगीत का सम्मान करना हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है, लेकिन यह दबाव नहीं, भावना से आनी चाहिए।
राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर टिप्पणी
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल न होने के सवाल पर रशीदी ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की जगह है, परंतु स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर उपस्थित रहना राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर देश के प्रति एकजुटता का प्रतीक होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसरों पर सभी नेताओं की मौजूदगी वांछनीय है।
नफरती बयान और मॉब लिंचिंग पर सरकार से माँग
नफरत फैलाने वाले बयानों और मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर मौलाना रशीदी ने कहा कि केवल निंदा-प्रस्ताव पर्याप्त नहीं हैं — सरकार को ठोस कार्रवाई करनी होगी। उनके अनुसार, यदि नफरत फैलाने वालों के विरुद्ध प्रभावी और निष्पक्ष कार्रवाई हो, तो देश का सामाजिक माहौल काफी हद तक सुधर सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब मॉब लिंचिंग और सांप्रदायिक तनाव की घटनाएँ राष्ट्रीय विमर्श में केंद्र में हैं।
पाकिस्तान और ऑपरेशन सिंदूर पर कड़ा संदेश
पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव और सिंधु जल समझौते को लेकर रशीदी ने कहा कि पाकिस्तान को भारत की शक्ति को कम करके नहीं आँकना चाहिए। ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी चुनौती का मुँहतोड़ जवाब देने में सक्षम है और पाकिस्तान को किसी प्रकार की गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव का माहौल बना हुआ है।
मौलाना रशीदी का यह संबोधन स्वतंत्रता दिवस की उस व्यापक बहस का हिस्सा है जो हर साल राष्ट्रीय पहचान, सांप्रदायिक सौहार्द और नागरिक दायित्व के इर्द-गिर्द उठती है — और इस बार उनके बयानों ने इस विमर्श को और गहराई दी है।