14 जुलाई 2026
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आरएसएस मुस्लिम समुदाय की आज़ादी की कुर्बानियाँ नज़रअंदाज़ करती है: नेकां सांसद सैयद आगा रूहुल्लाह

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आरएसएस मुस्लिम समुदाय की आज़ादी की कुर्बानियाँ नज़रअंदाज़ करती है: नेकां सांसद सैयद आगा रूहुल्लाह

सारांश

नेकां सांसद सैयद आगा रूहुल्लाह ने आरएसएस पर सीधा हमला बोला — आरोप है कि संघ मुस्लिम समुदाय की आज़ादी की कुर्बानियों को जानबूझकर इतिहास से मिटाना चाहता है। साथ ही उन्होंने हॉर्स ट्रेडिंग को अस्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री से आत्मचिंतन की माँग की।

मुख्य बातें

नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद सैयद आगा रूहुल्लाह ने 13 जुलाई को श्रीनगर में आरएसएस पर मुस्लिम समुदाय की स्वतंत्रता संग्राम की कुर्बानियाँ नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि आरएसएस ने स्वयं स्वतंत्रता की लड़ाई में कोई योगदान नहीं दिया, जबकि हिंदू-मुस्लिम सभी समुदाय मिलकर लड़े थे।
रूहुल्लाह ने कश्मीर के संदर्भ में आरएसएस के 'बदलते सिद्धांतों' पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने हॉर्स ट्रेडिंग का विरोध किया और कहा कि असहमति के पीछे ठोस सैद्धांतिक आधार होना चाहिए।
मुख्यमंत्री से आत्मचिंतन की अपील करते हुए कहा कि उनके संज्ञान में कई और संभावित दलबदलू हैं।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद सैयद आगा रूहुल्लाह ने 13 जुलाई को श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में मुस्लिम समुदाय के योगदान को रेखांकित किया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर उस योगदान को जानबूझकर नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज देश में जो लोकतंत्र, शासन व्यवस्था और शांति कायम है, उसका श्रेय उन सभी लोगों को जाता है जिन्होंने देश के लिए अपनी जान कुर्बान की।

मुख्य आरोप: आरएसएस पर इतिहास मिटाने की कोशिश

रूहुल्लाह ने कहा कि जब भी मुस्लिम समुदाय की कुर्बानियों का ज़िक्र आता है, तो कुछ लोग उसे भूल जाते हैं। उनके अनुसार, आरएसएस न केवल मुस्लिम समुदाय के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद नहीं रखना चाहती, बल्कि उससे जुड़ी ऐतिहासिक तारीखों को भी मिटाने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा, 'इन लोगों से बर्दाश्त नहीं होता कि मुस्लिम समुदाय ने देश की आज़ादी में किसी भी प्रकार का योगदान दिया हो।'

सांसद ने यह भी कहा कि आरएसएस ने स्वयं स्वतंत्रता की लड़ाई में कोई योगदान नहीं दिया था, जबकि हिंदू, मुस्लिम और अन्य सभी समुदायों के लोग आज़ादी के लिए एकजुट होकर लड़े थे। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ उसी पुरानी दुश्मनी को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

कश्मीर के संदर्भ में बदलते सिद्धांत

रूहुल्लाह ने कहा कि जब कश्मीर की बात आती है, तो इन लोगों के सिद्धांत बदल जाते हैं। उन्होंने 'शख्सीराज' को समझने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उनके अनुसार, यह रवैया एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है जिसमें मुस्लिम समुदाय के ऐतिहासिक योगदान को राष्ट्रीय स्मृति से बाहर किया जा रहा है।

हॉर्स ट्रेडिंग पर कड़ा रुख

सांसद ने राज्य की राजनीतिक स्थिति पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हॉर्स ट्रेडिंग के सख्त खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, 'चाहे पार्टी से मेरे कितने भी मतभेद हों, लेकिन मैं इसके खिलाफ हूँ कि कोई लालच में आकर पार्टी छोड़े।' उनके अनुसार, मौजूदा सरकार को अपना कार्यकाल पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए और असहमति के पीछे कोई ठोस सैद्धांतिक आधार होना चाहिए।

रूहुल्लाह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अभी तक केवल एक व्यक्ति का ज़िक्र किया है, लेकिन उनके संज्ञान में कई और लोग हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी आत्मचिंतन करने की अपील की कि आखिर उनकी राजनीतिक स्थिति इस मोड़ पर क्यों पहुँची।

आगे क्या

यह बयान ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक हलचल तेज़ है और सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर भी दरारें उभरने की खबरें हैं। रूहुल्लाह के बयान से स्वतंत्रता संग्राम में विभिन्न समुदायों की भूमिका को लेकर राष्ट्रीय बहस फिर से तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक संदर्भ में इसका समय महत्वपूर्ण है। जब राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर दरारें उभर रही हैं, तब इस तरह के बयान भावनात्मक एकजुटता बनाने का राजनीतिक औज़ार भी बन सकते हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस पहलू को नज़रअंदाज़ करती है कि हॉर्स ट्रेडिंग पर रूहुल्लाह की चेतावनी और ऐतिहासिक बहस — दोनों एक ही संवाददाता सम्मेलन में आए, जो इनके आपसी राजनीतिक संबंध को रेखांकित करता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सैयद आगा रूहुल्लाह ने आरएसएस पर क्या आरोप लगाए?
नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद सैयद आगा रूहुल्लाह ने आरोप लगाया कि आरएसएस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में मुस्लिम समुदाय के योगदान को जानबूझकर नज़रअंदाज़ करती है और उससे जुड़ी ऐतिहासिक तारीखों को मिटाना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस ने स्वयं आज़ादी की लड़ाई में कोई भूमिका नहीं निभाई थी।
रूहुल्लाह ने हॉर्स ट्रेडिंग पर क्या कहा?
रूहुल्लाह ने स्पष्ट किया कि वे हॉर्स ट्रेडिंग के सख्त खिलाफ हैं और किसी को भी लालच में आकर पार्टी नहीं छोड़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार को अपना कार्यकाल पूरा करने का मौका मिलना चाहिए और असहमति के पीछे ठोस सैद्धांतिक आधार होना ज़रूरी है।
रूहुल्लाह ने मुख्यमंत्री से क्या माँग की?
उन्होंने मुख्यमंत्री से आत्मचिंतन करने की अपील की कि उनकी राजनीतिक स्थिति इस मोड़ पर क्यों पहुँची। रूहुल्लाह ने कहा कि उनके संज्ञान में कई और लोग हैं जो दलबदल की राह पर हो सकते हैं, जबकि मुख्यमंत्री ने अभी तक केवल एक व्यक्ति का ज़िक्र किया है।
यह बयान किस संदर्भ में आया?
यह बयान 13 जुलाई को श्रीनगर में एक पत्रकार वार्ता के दौरान आया, जब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक हलचल तेज़ है और सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर अस्थिरता की खबरें आ रही हैं। रूहुल्लाह ने एक साथ ऐतिहासिक और समकालीन राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखी।
क्या आरएसएस ने इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया दी?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रूहुल्लाह के इस बयान पर आरएसएस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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