29 सितंबर 2026
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झारखंड SIR-2026: सीईओ के. रवि कुमार ने राजनीतिक दलों संग बैठक कर साझा किया बूथवार डेटा

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झारखंड SIR-2026: सीईओ के. रवि कुमार ने राजनीतिक दलों संग बैठक कर साझा किया बूथवार डेटा

सारांश

झारखंड में SIR-2026 की रफ़्तार तेज हो गई है। सीईओ के. रवि कुमार ने राजनीतिक दलों को बूथवार डेटा सौंपा, सुनवाई की समय-सीमा 15 अक्टूबर तक बताई और फॉर्म 6 पर विपक्ष के सवालों को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया।

मुख्य बातें

रवि कुमार ने 29 सितंबर 2026 को रांची में राजनीतिक दलों के साथ SIR-2026 समीक्षा बैठक की।
बूथवार अनमैप्ड मतदाताओं और मतदाता सूची की गड़बड़ियों का डेटा राजनीतिक दलों के साथ साझा किया गया।
पहले चरण की सुनवाई 5 अक्टूबर तक; कुछ बूथों पर 12 अक्टूबर और कुछ पर 15 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगी।
फॉर्म 6, 7 और 8 जमा करने की प्रक्रिया सक्रिय; आपत्ति अवधि में कोई विस्तार नहीं होगा।
1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष पूरे करने वाले युवा भी फॉर्म जमा कर सकते हैं।
सीईओ ने स्पष्ट किया कि फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं; सुप्रीम कोर्ट ने SIR व्यवस्था की वैधता पहले ही स्पष्ट की है।

झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने 29 सितंबर 2026 को रांची में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर SIR-2026 (विशेष सारांश पुनरीक्षण) प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में बूथवार अनमैप्ड मतदाताओं और मतदाता सूची में सामने आई गड़बड़ियों से जुड़ा डेटा सभी दलों के साथ साझा किया गया, ताकि पात्र भारतीय नागरिकों के नाम अंतिम मतदाता सूची में सुनिश्चित रूप से दर्ज हो सकें।

बूथ-स्तरीय सत्यापन की व्यवस्था

सीईओ के. रवि कुमार ने बताया कि राजनीतिक दलों को बूथवार सूची इसलिए उपलब्ध कराई जा रही है ताकि वे अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) के माध्यम से प्रत्येक मतदाता का स्वतंत्र सत्यापन कर सकें। यही सूची बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता को नोटिस जारी होने के बाद भी वह सुनवाई में उपस्थित नहीं होता, तो उसके पीछे का कारण जानने का प्रयास किया जाएगा।

राजनीतिक दल अपने BLA-2 के माध्यम से भी प्रत्येक बूथ पर मतदाताओं की स्थिति की जाँच कर सकते हैं। सीईओ ने स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

सुनवाई की समय-सीमा और चरण

सीईओ के अनुसार नोटिस जारी करने की प्रक्रिया अभी जारी है। पहले चरण की सुनवाई 5 अक्टूबर तक चलेगी, जबकि कुछ बूथों पर यह 12 अक्टूबर और कुछ पर 15 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगी। जिन मतदाताओं के लिए नोटिस पहले ही जनरेट हो चुके हैं, वे अपने जवाब और आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। घर-घर जाकर भी सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

फॉर्म 6, 7 और 8 की प्रक्रिया

दावा-आपत्ति के तहत नाम जोड़ने या संशोधन के लिए फॉर्म 6, फॉर्म 7 और फॉर्म 8 जमा करने की प्रक्रिया सक्रिय है। सीईओ ने पात्र मतदाताओं से अपील की कि जिन्होंने अभी तक फॉर्म 6 जमा नहीं किया है, वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अवश्य जमा करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आपत्ति दर्ज करने की मौजूदा अवधि में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।

गौरतलब है कि 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष पूरे करने वाले युवा नागरिक भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं। सीईओ ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने साथ-साथ परिवार, रिश्तेदारों और पड़ोसियों की मतदाता सूची में स्थिति भी जाँचें।

फॉर्म 6 पर विपक्ष के सवाल और सुप्रीम कोर्ट का संदर्भ

विपक्ष की ओर से फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रजिस्ट्रेशन रूल्स 1960 के तहत उपयोग होने वाला यह फॉर्म पहले भी प्रयोग में था और अब भी वही फॉर्म लागू है। SIR प्रक्रिया के तहत सेल्फ-डिक्लेरेशन के लिए एक अतिरिक्त घोषणा पत्र का प्रावधान किया गया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस व्यवस्था की वैधता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले में स्थिति पहले ही स्पष्ट की जा चुकी है।

सीईओ ने बताया कि चुनाव आयोग की ओर से जारी सभी आदेश संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत जारी किए जाते हैं। उन्होंने नोटिस और सत्यापन से जुड़े दस्तावेज जमा करने की समय-सीमा बढ़ाने तथा अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख में बदलाव को लेकर आयोग को अनुरोध भेजा है — जिस पर आयोग के निर्णय के बाद झारखंड के मतदाताओं को सूचित किया जाएगा।

आगे की राह

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब झारखंड में मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है। SIR-2026 की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख आयोग के निर्णय पर निर्भर करेगी। सीईओ ने मतदाताओं से आग्रह किया कि वे फॉर्म 6 या SIR प्रक्रिया को लेकर किसी भ्रम में न रहें और निर्धारित समय में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि बूथ-स्तर पर BLA और BLO की क्षमता इस डेटा को कितनी तेज़ी से सत्यापन में बदल पाती है। विपक्ष द्वारा फॉर्म 6 पर उठाए जा रहे सवाल — चाहे वे प्रक्रियागत हों या राजनीतिक — यह दर्शाते हैं कि मतदाता सूची की शुद्धता का मुद्दा अगले चुनाव चक्र से पहले संवेदनशील बना रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देना कानूनी स्थिति को स्पष्ट करता है, परंतु जमीनी स्तर पर भ्रम दूर करने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान की ज़रूरत अभी भी बनी हुई है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में SIR-2026 प्रक्रिया क्या है?
SIR-2026 यानी विशेष सारांश पुनरीक्षण-2026, चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध करने की प्रक्रिया है। इसके तहत अनमैप्ड मतदाताओं की पहचान, सत्यापन और पात्र नागरिकों के नाम अंतिम सूची में शामिल करना शामिल है।
झारखंड में SIR-2026 की सुनवाई की अंतिम तारीख क्या है?
पहले चरण की सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। कुछ बूथों पर यह प्रक्रिया 12 अक्टूबर और कुछ पर 15 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगी। आपत्ति दर्ज करने की मौजूदा अवधि में विस्तार नहीं होगा।
फॉर्म 6 क्या है और इसे क्यों जमा करना ज़रूरी है?
फॉर्म 6 मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए रजिस्ट्रेशन रूल्स 1960 के तहत निर्धारित आधिकारिक फॉर्म है। जो पात्र नागरिक अभी तक यह फॉर्म जमा नहीं कर पाए हैं, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर इसे जमा करना अनिवार्य है, अन्यथा उनका नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाएगा।
क्या SIR-2026 के तहत फॉर्म 6 में कोई बदलाव किया गया है?
नहीं। सीईओ के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है और रजिस्ट्रेशन रूल्स 1960 के तहत पहले से उपयोग होने वाला यही फॉर्म अब भी लागू है। SIR के तहत केवल सेल्फ-डिक्लेरेशन के लिए एक अतिरिक्त घोषणा पत्र जोड़ा गया है, जिसकी वैधता सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भी स्पष्ट है।
18 वर्ष पूरे करने वाले नए मतदाता SIR-2026 में कैसे नाम दर्ज करा सकते हैं?
जो युवा 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म 6 जमा कर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। उन्हें समय-सीमा के भीतर आवेदन करना आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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