क्या मध्य प्रदेश के अमरकंटक में तीन बहनों की मौत हो गई?
सारांश
Key Takeaways
- अमरकंटक में तीन बहनों की सड़क हादसे में मृत्यु हुई।
- हादसा ट्रैक्टर पलटने से हुआ।
- मां भी घायल हुईं और अस्पताल में इलाज चल रहा है।
- पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
- सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता जरूरी है।
शहडोल, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल अमरकंटक के निकट खजुरवार जंगल क्षेत्र में एक गंभीर सड़क दुर्घटना घटित हुई। इस घटना में तीन नाबालिग बहनों की अकाल मृत्यु हो गई है। यह जानकारी शनिवार को अधिकारियों द्वारा दी गई।
अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा शुक्रवार को दोपहर लगभग 1:30 बजे अमरकंटक के पवित्र शहर से करीब 35 किमी दूर एक कच्ची सड़क पर हुआ। पीड़ित बहनों की पहचान खजुरवार गांव के निवासी दिनेश कुमार महोबे की बेटियों काव्या महोबे (6), अनामिका महोबे (3) और अंशिका महोबे (3) के रूप में हुई है।
लड़कियां अपनी मां रुक्मणी बाई महोबे के साथ सीमेंट की बोरियों और लोहे की छड़ों से भरे एक ट्रैक्टर के इंजन पर यात्रा कर रही थीं, जिसका संचालन दिनेश कुमार का बड़ा भाई कर रहा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चालक ने अचानक रास्ते में आए एक जानवर से बचने का प्रयास किया, जिसके चलते वह वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। परिणामस्वरूप, ट्रैक्टर पलट गया और कई यात्रियों को गंभीर चोटें आईं। तीनों बहनों ने दमेहड़ी अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जहां चिकित्सकीय स्टाफ ने उन्हें पहुँचने पर मृत घोषित कर दिया। इस दुर्घटना में बच्चियों की मां रुक्मणी बाई भी घायल हुईं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
स्थानीय निवासियों ने ट्रैक्टर को सीधा करने में सहायता की। दुर्घटना की सूचना मिलने पर अमरकंटक पुलिस मौके पर पहुँची। जांच अधिकारी लाल बहादुर तिवारी और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर पीआर धनंजय ने रेस्पॉन्स टीम का नेतृत्व किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम किया गया और फिर अंतिम संस्कार के लिए दुःखी परिवार को सौंप दिया गया।
विंध्य पर्वत श्रृंखला में स्थित और नर्मदा नदी का उद्गम स्थल माने जाने वाले अमरकंटक में प्रतिदिन बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और स्थानीय निवासी आते हैं। आस-पास के जंगलों की कच्ची सड़कें आमतौर पर निर्माण सामग्री एवं सामान को ट्रैक्टरों से ले जाने के लिए उपयोग की जाती हैं, लेकिन असमान भूमि, जंगली जानवरों के रास्ते और वाहनों पर अधिक सामान लादने के कारण यह सड़कें जान के लिए बड़ा खतरा बन जाती हैं।