अमरावती विकास कार्य जारी, नारा लोकेश ने विपक्ष के दावों को बताया झूठा
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने 14 जून 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य की राजधानी अमरावती में निर्माण कार्य पूरी गति से जारी है और विपक्ष के अवरोध संबंधी दावे तथ्यहीन हैं। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा, 'अमरावती में विकास के कार्य जोरों पर हैं और इसे रोका नहीं जा रहा है।'
मुख्य घटनाक्रम
लोकेश द्वारा साझा किए गए वीडियो में आइकॉनिक टावर्स, विधानसभा भवन, उच्च न्यायालय, सड़कें, जलाशय, एमएलए-एमएलसी टावर्स, एआईएस टावर्स, सचिवों के बंगले, जीओ टावर्स, एनजीओ टावर्स, ग्रुप डी टावर्स, हैप्पी नेस्ट और मंत्रियों के बंगलों पर चल रहे कार्यों की झलकियाँ दिखाई गई हैं। वीडियो के ज़रिये नागरिकों से अपील की गई कि वे अमरावती को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार पर भरोसा न करें।
सरकार की प्रतिक्रिया
नगर प्रशासन एवं शहरी विकास मंत्री पी. नारायण ने शनिवार, 13 जून को विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) पर अमरावती परियोजनाओं के बारे में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान से पार्टी का राजनीतिक समर्थन और घटेगा।
निर्माण लागत पर वाईएसआरसीपी के आरोपों को खारिज करते हुए पी. नारायण ने तुलनात्मक आँकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी प्राप्त केंद्र सरकार के आवासीय परिसर की निर्माण लागत ₹3,945 प्रति वर्ग फुट है, जबकि अमरावती का हैप्पीनेस्ट हाउसिंग प्रोजेक्ट मात्र ₹3,393 प्रति वर्ग फुट की लागत पर बन रहा है। गजेटेड अधिकारियों के आवासीय क्वार्टरों की लागत ₹3,684 प्रति वर्ग फुट अनुमानित है।
आइकॉनिक संरचनाओं पर अधिक लागत क्यों
मंत्री नारायण ने स्पष्ट किया कि अमरावती में योजनाबद्ध कई भवन आइकॉनिक स्ट्रक्चर हैं, जिनमें स्वाभाविक रूप से निर्माण लागत अधिक होती है। उन्होंने इसे असाधारण व्यय नहीं, बल्कि वास्तुशिल्पीय विशिष्टता का परिणाम बताया।
बुनियादी ढाँचे की समीक्षा
मंत्री नारायण ने अमरावती में चल रहे अवसंरचना कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया, जिसमें राजधानी क्षेत्र की बाढ़ प्रबंधन क्षमता बढ़ाने के लिए नहर एवं जल-निकासी विकास परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कोंडावीती वागु और पलावागु पर पुल निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और कहा कि ये परियोजनाएँ मानसून के दौरान सुचारू जल-निकासी सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएँगी।
आगे क्या
सरकार का दावा है कि बारिश के बावजूद कोई भी निर्माण कार्य नहीं रुका है और अमरावती को राजधानी के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया निर्बाध जारी है। विपक्ष के आरोपों और सरकार के जवाबी दावों के बीच यह राजनीतिक बहस आने वाले हफ्तों में और तेज़ होने की संभावना है।