अश्विनी वैष्णव का दावा: दक्षिण भारत के लिए ₹1.06 लाख करोड़ रेलवे निवेश, बुलेट ट्रेन और नए जोन का ऐलान
सारांश
Key Takeaways
- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 28 अप्रैल को विशाखापट्टनम में गूगल क्लाउड इंडिया एआई हब के शिलान्यास समारोह में दक्षिण भारत के लिए कई बड़े ऐलान किए।
- आंध्र प्रदेश का रेलवे बजट 10 साल में ₹886 करोड़ से बढ़कर ₹10,134 करोड़ हो गया; राज्य में ₹1.06 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट जारी।
- अमरावती-हैदराबाद बुलेट ट्रेन यात्रा 70 मिनट, चेन्नई-बेंगलुरु मात्र 73 मिनट में होगी।
- कोलकाता से चेन्नई तक पूर्वी तट पर डबल लाइन को चार लाइन में बदला जाएगा, जिससे 500 नई ट्रेनें चलेंगी।
- साउथ कोस्ट रेलवे जोन की आधिकारिक घोषणा 1 जून को होगी, जो 2014 का वादा पूरा करेगी।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार, 28 अप्रैल को विशाखापट्टनम में कहा कि केंद्र सरकार दक्षिण भारत के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और विपक्ष द्वारा दक्षिणी राज्यों के साथ अन्याय का जो नैरेटिव गढ़ा जा रहा है, वह तथ्यों से बार-बार खारिज हो रहा है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की उपस्थिति में गूगल क्लाउड इंडिया एआई हब के शिलान्यास समारोह में बोलते हुए वैष्णव ने बुलेट ट्रेन परियोजनाओं, रेलवे बजट में भारी वृद्धि और नए रेलवे जोन की घोषणा की।
बुलेट ट्रेन परियोजनाएँ: यात्रा समय में क्रांतिकारी बदलाव
वैष्णव ने बताया कि बजट 2026-27 में घोषित बुलेट ट्रेन परियोजनाएँ दक्षिण भारत के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का सबसे बड़ा प्रमाण हैं। उनके अनुसार अमरावती-हैदराबाद बुलेट ट्रेन से यात्रा का समय घटकर मात्र 70 मिनट रह जाएगा, जबकि अमरावती से चेन्नई का सफर 112 मिनट में पूरा होगा।
हैदराबाद-पुणे के बीच यात्रा 1 घंटा 55 मिनट में संभव होगी। चेन्नई-बेंगलुरु बुलेट ट्रेन से सफर सिर्फ 73 मिनट का होगा और हैदराबाद से बेंगलुरु की दूरी 2 घंटे 8 मिनट में तय होगी। ये आँकड़े मौजूदा ट्रेन यात्रा समय की तुलना में कई गुना कम हैं।
आंध्र प्रदेश में रेलवे निवेश: 10 साल में 11 गुना वृद्धि
मंत्री ने रेलवे बजट में हुई ऐतिहासिक वृद्धि के आँकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि 10 साल पहले संयुक्त आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए रेलवे बजट मात्र ₹886 करोड़ था, जो अब सिर्फ आंध्र प्रदेश के लिए बढ़कर ₹10,134 करोड़ हो गया है — यानी लगभग 11 गुना की वृद्धि।
राज्य में कुल ₹1.06 लाख करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। इसके अलावा 74 रेलवे स्टेशनों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है, 832 फ्लाईओवर और अंडरपास बन चुके हैं और 299 पर काम अभी जारी है।
राज्य में 1,759 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पूरा हो चुका है और 3,300 किलोमीटर ट्रैक पर निर्माण कार्य जारी है। 100 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण भी पूरा हो चुका है। राज्य में फिलहाल 16 वंदे भारत और 22 अमृत भारत ट्रेनें चल रही हैं।
पूर्वी तट पर चार रेलवे लाइन और 500 नई ट्रेनें
वैष्णव ने घोषणा की कि कोलकाता से चेन्नई तक पूरे पूर्वी तट पर जहाँ-जहाँ डबल रेलवे लाइन है, उसे चार लाइन में बदला जाएगा। उनके अनुसार इससे 500 नई ट्रेनें चलाई जा सकेंगी और माल ढुलाई तथा कंटेनर ट्रेनों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि इस कदम से बंदरगाहों, पर्यटन स्थलों और सांस्कृतिक केंद्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिसका सीधा असर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
साउथ कोस्ट रेलवे जोन: 1 जून को आधिकारिक घोषणा
केंद्रीय मंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि साउथ कोस्ट रेलवे जोन को 1 जून को आधिकारिक रूप से घोषित किया जाएगा। गौरतलब है कि 2014 में आंध्र प्रदेश के विभाजन के समय तत्कालीन सरकार ने विशाखापट्टनम में मुख्यालय के साथ एक नया रेलवे जोन बनाने का वादा किया था।
जनवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशाखापट्टनम में साउथ कोस्टल रेलवे जोन मुख्यालय के निर्माण की आधारशिला रखी थी। वैष्णव ने कहा कि 1 जून की घोषणा से आंध्र प्रदेश से किया गया एक दशक पुराना वादा पूरा हो जाएगा। यह कदम राज्य के रेलवे प्रशासन को और अधिक स्वायत्तता और दक्षता प्रदान करेगा।