30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ओडिशा विधानसभा का विशेष सत्र आज: महिला आरक्षण पर चर्चा, 30 प्लाटून सुरक्षाबल तैनात

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ओडिशा विधानसभा का विशेष सत्र आज: महिला आरक्षण पर चर्चा, 30 प्लाटून सुरक्षाबल तैनात

सारांश

ओडिशा विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल को बुलाया गया है, जिसमें 'भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी' पर चर्चा होगी। राष्ट्रीय स्तर पर महिला आरक्षण विधेयक की राजनीतिक खींचतान के बीच यह सत्र BJP, BJD और कांग्रेस की सामूहिक भागीदारी के साथ होगा।

मुख्य बातें

ओडिशा विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2025 को बुलाया गया है।
सत्र का विषय 'भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी' है, जो महिला आरक्षण विधेयक पर राष्ट्रीय बहस की पृष्ठभूमि में आयोजित हो रहा है।
संसदीय कार्य मंत्री मुकेश महालिंग ने राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति को सत्र के एजेंडे से अवगत कराया; राज्यपाल ने पहल की सराहना की।
सुरक्षा के लिए 30 प्लाटून और 100 वरिष्ठ अधिकारी तैनात; 11 क्विक रिस्पॉन्स टीमें भी मुस्तैद।
BJP, BJD और कांग्रेस तीनों दलों की सत्र में सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है।

संसदीय कार्य मंत्री मुकेश महालिंग ने बुधवार, 30 अप्रैल 2025 को भुवनेश्वर स्थित लोक भवन में राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति से मुलाकात कर ओडिशा विधानसभा के विशेष सत्र के एजेंडे और महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। यह विशेष सत्र 30 अप्रैल को 17वीं ओडिशा विधानसभा के एक दिवसीय सत्र के रूप में बुलाया गया है, जिसमें 'भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी' विषय पर गहन चर्चा प्रस्तावित है।

विशेष सत्र का उद्देश्य

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह विशेष सत्र भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी को केंद्र में रखकर बुलाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य शासन और निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाना है। महालिंग ने राज्यपाल को सदन में उठाए जाने वाले मुख्य विषयों और प्रस्तावित चर्चाओं से अवगत कराया।

गौरतलब है कि यह सत्र ऐसे समय में बुलाया गया है जब राष्ट्रीय स्तर पर महिला आरक्षण विधेयक के पारित न होने को लेकर राजनीतिक खींचतान जारी है। ओडिशा विधानसभा का यह कदम उस व्यापक बहस में राज्य की भागीदारी को रेखांकित करता है।

राज्यपाल की प्रतिक्रिया

राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने इस पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि ये चर्चाएँ सार्थक और परिणाम-उन्मुख होंगी। उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के महत्व पर जोर देते हुए विशेष सत्र के सुचारू संचालन के लिए शुभकामनाएँ दीं।

सुरक्षा व्यवस्था

पुलिस कमिश्नर सुरेश देव दत्ता सिंह ने अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिए लगभग 30 प्लाटून तैनात की गई हैं और लगभग 100 वरिष्ठ अधिकारी इन व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।

इसके अलावा 11 'क्विक रिस्पॉन्स टीमें' (त्वरित प्रतिक्रिया दल) तैनात की गई हैं — जिनमें से सात विधानसभा परिसर के अंदर और चार आसपास के बाहरी क्षेत्रों में तैनात हैं।

राजनीतिक दलों की भागीदारी

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ-साथ विपक्षी दल — बीजू जनता दल (BJD) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) — से अपेक्षा है कि वे इस एक दिवसीय विशेष सत्र में सक्रिय रूप से भाग लेंगे और महिला प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर अपने-अपने दृष्टिकोण रखेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब महिला आरक्षण विधेयक राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में बना हुआ है।

आगे क्या

इस विशेष सत्र में होने वाली चर्चाओं से ओडिशा सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति की दिशा स्पष्ट हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य विधानसभाओं में इस तरह की बहसें केंद्र पर महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने का दबाव बढ़ा सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह चर्चा ठोस विधायी कदमों में बदलेगी या महज एक औपचारिकता बनकर रह जाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर महिला आरक्षण विधेयक वर्षों से अटका है, और राज्य विधानसभाओं में इस तरह की बहसें तब तक प्रभावी नहीं होतीं जब तक वे स्पष्ट नीतिगत सिफारिशों के साथ न आएँ। BJP सरकार के लिए यह सत्र महिला मतदाताओं को संदेश देने का अवसर भी है, लेकिन विपक्ष की उपस्थिति इसे एकतरफा नहीं रहने देगी।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा विधानसभा का विशेष सत्र क्यों बुलाया गया है?
यह सत्र 'भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी' विषय पर चर्चा के लिए बुलाया गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इसका उद्देश्य शासन और निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना है।
विशेष सत्र में कौन-कौन से दल भाग लेंगे?
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ-साथ विपक्षी बीजू जनता दल (BJD) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) तीनों दलों की इस एक दिवसीय सत्र में सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है।
राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने सत्र पर क्या कहा?
राज्यपाल कंभमपति ने इस पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि चर्चाएँ सार्थक और परिणाम-उन्मुख होंगी। उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के महत्व पर भी जोर दिया।
विशेष सत्र के लिए क्या सुरक्षा व्यवस्था की गई है?
पुलिस कमिश्नर सुरेश देव दत्ता सिंह के अनुसार लगभग 30 प्लाटून और 100 वरिष्ठ अधिकारी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 11 क्विक रिस्पॉन्स टीमें भी मुस्तैद हैं — सात परिसर के अंदर और चार बाहरी क्षेत्रों में।
यह सत्र राष्ट्रीय महिला आरक्षण विधेयक से कैसे जुड़ा है?
यह सत्र ऐसे समय में बुलाया गया है जब केंद्रीय स्तर पर महिला आरक्षण विधेयक के पारित न होने को लेकर राजनीतिक खींचतान जारी है। ओडिशा विधानसभा की यह पहल उस व्यापक राष्ट्रीय बहस में राज्य की भागीदारी को रेखांकित करती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले