आंध्र प्रदेश ने 39,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति दी, 1.11 लाख रोजगार की उम्मीद
सारांश
Key Takeaways
- आंध्र प्रदेश में 39,436 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव स्वीकृत हुए।
- 1.11 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना।
- मुख्यमंत्री ने नवीकरणीय ऊर्जा को प्राथमिकता दी।
- कृषि और खाद्य प्रसंस्करण में भी निवेश बढ़ाने की योजना।
- औद्योगिक सुरक्षा में सुधार की दिशा में कदम।
अमरावती, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एसआईपीबी) ने मंगलवार को 39,436 करोड़ रुपये की 31 परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में 1.11 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में हुई बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा, उद्योग, आईटी, पर्यटन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ ऊर्जा को राज्य की औद्योगिक रणनीति का केंद्र बताया और अधिकारियों को सौर ऊर्जा क्षमता का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने रायलसीमा क्षेत्र को एक बड़े नवीकरणीय ऊर्जा हब के रूप में विकसित करने पर जोर दिया, साथ ही बड़े सोलर पार्क और मजबूत ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि बिजली की आपूर्ति सुचारु रूप से हो सके।
राज्य सरकार उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में भी प्रयास कर रही है। इसके लिए श्री सिटी, कोप्पार्थी और अनंतपुर को प्रमुख विकास केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, आईटी सेक्टर को मजबूत करने और उच्च-स्तरीय निवेश आकर्षित करने के लिए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की स्थापना पर भी जोर दिया जा रहा है।
अमरावती के प्रस्तावित ‘क्वांटम वैली’ में तीन कंपनियों के निवेश प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे उन्नत तकनीकी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
बोर्ड ने कृषि, बागवानी, और मत्स्य अपशिष्ट को इथेनॉल जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों में परिवर्तित करने की परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। यह कदम राज्य को सर्कुलर और सतत औद्योगिक मॉडल की दिशा में आगे बढ़ाएगा।
इसके अलावा, सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने, पाम ऑयल और कोको जैसी फसलों के लिए बेहतर बाजार व्यवस्था विकसित करने, और किसानों की आय बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फार्मा, स्टील, ग्रीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में आधुनिक सुरक्षा मानकों को लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही आपदा प्रबंधन मानकों के अनुरूप एक व्यापक संचालन ढांचा तैयार किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत परियोजनाओं को समय पर लागू किया जाए और निवेश को तेजी से क्रियान्वित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का फोकस गति, पैमाने और स्थिरता पर है, ताकि निवेश जल्दी से रोजगार और आर्थिक विकास में परिवर्तित हो सके।