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सरकार ने रेलवे के लिए 765 करोड़ की परियोजनाओं को दी मंजूरी, संचार और ट्रैक्शन में सुधार

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सरकार ने रेलवे के लिए 765 करोड़ की परियोजनाओं को दी मंजूरी, संचार और ट्रैक्शन में सुधार

सारांश

भारतीय रेलवे के संचालन में सुधार के लिए सरकार ने 765 करोड़ रुपए की नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इस कदम से रेलवे की क्षमता में वृद्धि होगी और संचार प्रणाली आधुनिक बनेगी। जानिए इन योजनाओं के बारे में विस्तार से।

मुख्य बातें

765 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी रेलवे संचालन में सुधार इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम का उन्नयन ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का विस्तार एलटीई आधारित 'कवच' प्रणाली का कार्यान्वयन

नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने 765 करोड़ रुपए की राशि की कई परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य रेलवे संचालन को सुधारना, पटरियों की क्षमता को बढ़ाना और नेटवर्क के महत्वपूर्ण हिस्सों में आधुनिक संचार प्रणाली विकसित करना है।

रेल मंत्रालय के अनुसार, इनमें से कुछ परियोजनाओं में व्यस्त माल और यात्री कॉरिडोर पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम का उन्नयन और वेस्टर्न रेलवे के वडोदरा एवं मुंबई सेंट्रल डिवीजनों में ऑप्टिकल फाइबर कम्युनिकेशन नेटवर्क का विस्तार शामिल है।

सरकार ने ईस्ट कोस्ट रेलवे के 106 किलोमीटर लंबे दुव्वाडा-विशाखापत्तनम-विजयनगरम सेक्शन में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए 318.07 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है।

रेल मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इस सेक्शन को मौजूदा 1×25 केवी सिस्टम से आधुनिक 2×25 केवी सिस्टम में अपग्रेड किया जाएगा, जिससे इस व्यस्त कॉरिडोर पर माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि होगी, ट्रेनों की गति में सुधार होगा और संचालन अधिक विश्वसनीय बनेगा।

मंत्रालय ने यह भी बताया कि यह परियोजना रेलवे बजट 2024-25 में शामिल उस राष्ट्रीय कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पूरे भारतीय रेलवे में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को आधुनिक बनाना है।

साथ ही, सरकार ने साउथ सेंट्रल रेलवे के गुंटकल डिवीजन के अंतर्गत कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में स्थित 126 किलोमीटर लंबे रायचूर–गुंटकल सेक्शन में भी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए 259.39 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है।

मंत्रालय के अनुसार, इस मार्ग पर भी मौजूदा 1×25 केवी सिस्टम को 2×25 केवी सिस्टम में बदला जाएगा। यह मार्ग मुंबई-चेन्नई कॉरिडोर का हिस्सा है और इसके अपग्रेड होने से मालगाड़ियों की आवाजाही सुगम होगी और यात्री ट्रेनों की गति में वृद्धि होगी। इससे वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनों के संचालन को भी सहायता मिलेगी।

सरकार ने वेस्टर्न रेलवे के वडोदरा और मुंबई सेंट्रल डिवीजनों में संचार नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 187.88 करोड़ रुपए की परियोजना को भी स्वीकृति दी है। इस परियोजना के तहत 4×48 कोर ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) नेटवर्क स्थापित किया जाएगा।

इस योजना के अंतर्गत लगभग 1,000 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जाएगी, जिसमें वडोदरा डिवीजन में 692 किलोमीटर और मुंबई डिवीजन में 308 किलोमीटर शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि इस आधुनिक संचार नेटवर्क से रेलवे में एलटीई आधारित 'कवच' प्रणाली को लागू करने में मदद मिलेगी। यह भारत में विकसित ट्रेन टक्कर रोकने वाली स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली है, जिससे रेलवे नेटवर्क पर सुरक्षा और संचालन दोनों में सुधार होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि देश की आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य रेलवे संचालन को बेहतर बनाना, लाइन क्षमता बढ़ाना और नेटवर्क के महत्वपूर्ण हिस्सों में आधुनिक संचार प्रणाली विकसित करना है।
सरकार ने कितनी राशि की परियोजनाओं को मंजूरी दी है?
सरकार ने 765 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम में क्या बदलाव किया जाएगा?
इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को मौजूदा 1×25 केवी सिस्टम से 2×25 केवी सिस्टम में अपग्रेड किया जाएगा।
इन परियोजनाओं से क्या लाभ होगा?
इन परियोजनाओं से माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों की रफ्तार में सुधार होगा और संचालन अधिक विश्वसनीय बनेगा।
कवच प्रणाली क्या है?
कवच प्रणाली एक स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली है, जो ट्रेनों के टकराव को रोकने में मदद करती है।
राष्ट्र प्रेस
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