ट्विशा शर्मा मौत मामला: पिता का आरोप — ससुराल पक्ष सिस्टम पर दबाव बनाने में सक्षम, SIT जांच जारी
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में 12 मई 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाली ट्विशा शर्मा के पिता नव निधि शर्मा ने मंगलवार को एक विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी करते हुए आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष का परिवार अत्यंत प्रभावशाली है और जांच प्रक्रिया, जनमत तथा व्यवस्था पर दबाव बनाने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि शोक में डूबा उनका परिवार लगातार सार्वजनिक हमलों और एकतरफा नैरेटिव का सामना कर रहा है।
पिता का सार्वजनिक बयान
नव निधि शर्मा ने कहा, 'टूटे हुए दिल, असहनीय पीड़ा और कभी न खत्म होने वाले नुकसान के एहसास के साथ मैं दिवंगत ट्विशा शर्मा का पिता न्याय, निष्पक्षता और अपनी बेटी की गरिमा की रक्षा के लिए यह सार्वजनिक बयान जारी करने को मजबूर हूं।' उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बेटी अब जीवित नहीं है कि वह आरोपी पक्ष द्वारा किए जा रहे सार्वजनिक हमलों और झूठे आरोपों का जवाब दे सके।
शर्मा ने कहा, 'आज जब हमारी बेटी हमेशा के लिए खामोश हो चुकी है, तब भी जिन लोगों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, वे लगातार सार्वजनिक रूप से बोल रहे हैं, अपना बचाव कर रहे हैं और अपनी मनचाही कहानी पेश कर रहे हैं। यह असमान स्थिति पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर लोगों के भरोसे को कमज़ोर कर रही है।'
आरोपी पक्ष की पृष्ठभूमि और अदालती कार्रवाई
पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी माँ गिरिबाला सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। गिरिबाला सिंह भोपाल जिला अदालत की सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं और वर्तमान में भोपाल उपभोक्ता अदालत की प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। भोपाल की एक जिला अदालत ने सह-आरोपी गिरिबाला सिंह को अंतरिम जमानत दे दी, जबकि समर्थ की अंतरिम जमानत याचिका को जस्टिस पल्लवी द्विवेदी ने सोमवार को खारिज कर दिया। वकील समर्थ सिंह 12 मई से ही फरार बताए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि नव निधि शर्मा ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि जांच पूरी होने तक गिरिबाला सिंह को उनके अर्ध-न्यायिक दायित्वों से हटाया या निलंबित किया जाए, क्योंकि उनके पद पर बने रहने से जांचकर्ताओं, गवाहों और फोरेंसिक प्रक्रिया पर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है।
परिवार के आरोप और अभियोजन के साक्ष्य
ट्विशा के परिवार का आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी गई और उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पति ने उसके अजन्मे बच्चे के पिता को लेकर भी सवाल उठाए और बार-बार मारपीट की।
अभियोजन पक्ष ने उन व्हाट्सएप संदेशों का हवाला दिया जो ट्विशा ने अपनी मृत्यु से कुछ दिन पहले अपनी माँ को भेजे थे। 9 मई के एक संदेश में उसने कथित तौर पर लिखा था, 'मां, प्लीज आप कल मुझे यहां से लेने आ जाओ,' जबकि एक अन्य संदेश में उसने अपनी जिंदगी को नरक बताया था।
बचाव पक्ष ने अदालत में दावा किया कि 12 मई को ट्विशा एक ब्यूटी पार्लर गई थीं और उसके बाद टहलने निकली थीं। परिवार के अनुसार वह छत पर एक लोहे की रॉड से एक्सरसाइज रेसिस्टेंस बैंड के सहारे लटकी मिलीं। हालाँकि, ट्विशा के परिवार ने इस बयान का खंडन किया है।
SIT गठन और दूसरे पोस्टमॉर्टम की माँग
भोपाल पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। ट्विशा के अवशेष अभी एम्स भोपाल में रखे हुए हैं, क्योंकि परिवार एम्स नई दिल्ली में दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने की माँग कर रहा है और इसके लिए 13 मई से ही मध्य प्रदेश में संपर्क कर रहा है।
नव निधि शर्मा ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल से भी हस्तक्षेप की माँग की है। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का हवाला देते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की माँग की गई है।
आगे क्या
ट्विशा शर्मा ने दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से विवाह किया था। मामले में SIT की जांच जारी है, समर्थ सिंह अभी भी फरार हैं और अदालत में कानूनी लड़ाई आगे बढ़ रही है। परिवार का कहना है कि वे भारत के संविधान, न्यायपालिका और जांच एजेंसियों पर भरोसा बनाए हुए हैं और उम्मीद करते हैं कि बिना किसी दबाव के सच की जीत होगी।