ट्विशा शर्मा मौत मामला: सास गिरिबाला सिंह ने सभी आरोप नकारे, CCTV को बताया सच का गवाह
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल में ट्विशा शर्मा मौत मामले में मृतका की सास गिरिबाला सिंह ने मंगलवार, 19 मई को अपने परिवार पर लगाए जा रहे सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि घटना को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है और घर में लगे CCTV कैमरे सच्चाई उजागर करने में सक्षम हैं।
गिरिबाला सिंह का पक्ष
गिरिबाला सिंह ने कहा, 'ट्विशा हमारी बेटी जैसी थी, वो हमारे घर की बहू थी और बहू का दर्जा घर में बहुत बड़ा होता है, क्योंकि वो एक पीढ़ी को संवारने का काम करती है।' उन्होंने दावा किया कि घटना वाले दिन ट्विशा छत पर थी, तभी उसकी माँ का फोन आया। इसके बाद गिरिबाला छत पर गईं, जहाँ दरवाज़ा थोड़ा खुला हुआ था। उनके अनुसार, उनके बेटे समर्थ भी बिना चप्पल के छत पर पहुँचे।
उन्होंने बताया कि परिवार ने ट्विशा को पहले माउंट हॉस्पिटल और फिर एम्स पहुँचाया। गिरिबाला के अनुसार, 'हमने उसे बचाने में पूरा जीजान लगा दिया, लेकिन सिर्फ चर्चा में बने रहने के लिए हमें आरोपी बना दिया गया, जो पूरी तरह गलत है।'
अस्पताल में ट्विशा का कथित बयान
गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि अस्पताल में ट्विशा ने कहा था कि उसने अधिक मात्रा में मारवोना ले ली है, जिससे वह बच्चा नहीं कर सकती। उन्होंने यह भी कहा कि ट्विशा के अपने परिवार के साथ किए गए व्हाट्सऐप चैट में वह समर्थ पर आरोप लगाने की बात कह रही थी। गिरिबाला के मुताबिक, 'इस पूरे मामले में सच्चाई की पूरी तस्वीर सामने आनी चाहिए।'
शादी से पहले और बाद का व्यवहार
गिरिबाला सिंह ने बताया कि शादी से पहले ट्विशा ने चार बच्चे चाहने की बात कही थी, लेकिन पहले बच्चे के दौरान वह हिचकिचाने लगी। उन्होंने कहा कि शादी के बाद ट्विशा का व्यवहार बदल गया था, हालाँकि परिवार ने उसे हर तरह की छूट दी। उनके अनुसार, एक बार ट्विशा ने खुद माफी माँगते हुए कहा था कि 'आपने मुझे जैसा समझा, वो मैं नहीं हूँ।' गिरिबाला ने कहा कि उन्होंने तब भी ट्विशा को परिवार का हिस्सा बताया।
बाद में, उनके अनुसार, ट्विशा ने खुद को नुकसान पहुँचाना शुरू किया और कहने लगी कि उसे बच्चा नहीं रखना। इसके बाद उसने कैब बुलाई और घर छोड़ दिया।
SIT जाँच और माँगें
गिरिबाला सिंह ने बताया कि SIT की टीम ने जाँच के दौरान कोई भी चाबी जब्त नहीं की। उन्होंने माँग की कि चाबी जब्त की जाए, ट्विशा की कॉल डिटेल्स सार्वजनिक की जाएँ और उसके खर्च का ब्यौरा भी सामने लाया जाए। उन्होंने कहा, 'अब सब कुछ संदेह के दायरे में आ चुका है।'
आगे की जाँच
यह मामला भोपाल में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयानों के बीच SIT की जाँच जारी है। CCTV फुटेज, कॉल डिटेल्स और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल से आने वाले दिनों में मामले की दिशा तय होगी।