ट्विशा शर्मा मौत मामला: डॉ. तरीषा शंकर बोलीं — 'न्याय तक परिवार के साथ खड़ी रहूंगी'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ट्विशा शर्मा मौत मामला: डॉ. तरीषा शंकर बोलीं — 'न्याय तक परिवार के साथ खड़ी रहूंगी'

सारांश

ट्विशा शर्मा मौत मामले में इंदिरा यूनिवर्सिटी की चांसलर डॉ. तरीषा शंकर ने परिवार के साथ खड़े रहने का ऐलान किया। परिवार ने दूसरे पोस्टमॉर्टम और जाँच को दिल्ली ट्रांसफर करने की माँग की है, साथ ही प्रभावशाली लोगों के दबाव का आरोप लगाया है।

मुख्य बातें

तरीषा शंकर (चांसलर, इंदिरा यूनिवर्सिटी) ने ट्विशा शर्मा के परिवार को न्याय तक पूरा समर्थन देने का वचन दिया।
ट्विशा की माँ रेखा शर्मा ने कहा कि पिछले 5-6 दिनों से परिवार दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है, पर सुनवाई नहीं हो रही।
परिवार ने दूसरे पोस्टमॉर्टम और जाँच को मध्य प्रदेश से दिल्ली स्थानांतरित करने की माँग की है।
ट्विशा के पिता ने आरोप लगाया कि पहले दूसरे पोस्टमॉर्टम की अनुमति दी गई, फिर रोकी गई — जो कथित तौर पर प्रभावशाली दबाव का संकेत है।
परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने जाँच को प्रभावित किया है और न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप हो रहा है।

इंदिरा यूनिवर्सिटी की चांसलर डॉ. तरीषा शंकर ने ट्विशा शर्मा मौत मामले में एक भावुक बयान जारी करते हुए कहा कि वह न्याय मिलने तक पीड़ित परिवार के साथ अटल खड़ी रहेंगी। पुणे में दिए गए इस बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे देश की है। मध्य प्रदेश में चर्चित यह मामला अब नए मोड़ पर है, जहाँ परिवार ने दूसरे पोस्टमॉर्टम और जाँच को दिल्ली स्थानांतरित करने की माँग तेज कर दी है।

चांसलर का बयान और पारिवारिक जुड़ाव

डॉ. तरीषा शंकर ने कहा कि ट्विशा उनके परिवार का एक अहम हिस्सा रही हैं और इसी नाते वह हर कदम पर पीड़ित परिवार को पूरा सहयोग देंगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि देशभर में लोग इस लड़ाई में परिवार के साथ हैं और न्याय की माँग को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

परिवार की माँगें और आरोप

ट्विशा की माँ रेखा शर्मा ने बताया कि पिछले 5-6 दिनों से परिवार अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा, 'मैं दोबारा पोस्टमॉर्टम की माँग कर रही हूँ और चाहती हूँ कि हमारा केस जल्द से जल्द दिल्ली ट्रांसफर किया जाए। यहाँ हमारी कोई मदद नहीं कर रहा।'

परिवार का आरोप है कि मामले में प्रभावशाली लोगों का दबाव है, जाँच को प्रभावित किया जा रहा है और न्यायिक प्रक्रिया में भी हस्तक्षेप हो रहा है।

दूसरे पोस्टमॉर्टम पर विवाद

ट्विशा के पिता ने सवाल उठाया कि यदि दूसरे पोस्टमॉर्टम की अनुमति पहले दी गई थी, तो बाद में उसे क्यों रोका गया। उन्होंने कहा, 'अगर मामला कमिश्नर के अधिकार क्षेत्र में था तो अनुमति पहले कैसे मिल गई और बाद में क्यों रोक दी गई? यह साफ तौर पर प्रभाव का मामला है। न्यायिक प्रक्रिया में किसी के अधिकारों में दखल देना गलत है।'

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने पूरे मामले को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश की है।

मामले का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में ट्विशा शर्मा मौत मामला पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। परिवार की माँग है कि जाँच किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए ताकि निष्पक्ष परिणाम सुनिश्चित हो सके।

आगे क्या होगा

परिवार की ओर से जाँच को दिल्ली स्थानांतरित करने और दूसरे पोस्टमॉर्टम की माँग अभी लंबित है। डॉ. तरीषा शंकर के सार्वजनिक समर्थन के बाद यह मामला और अधिक ध्यान आकर्षित कर सकता है। न्याय की यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक परिवार को संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह है दूसरे पोस्टमॉर्टम की अनुमति पहले देकर फिर वापस लेना — यह प्रक्रियागत विरोधाभास अपने आप में जाँच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक著名 शिक्षाविद् का सार्वजनिक समर्थन मामले को दृश्यता देता है, लेकिन असली जवाबदेही तब तय होगी जब जाँच एजेंसी स्वतंत्र रूप से काम करे। परिवार की दिल्ली ट्रांसफर की माँग इस बात का संकेत है कि स्थानीय तंत्र पर भरोसा टूट चुका है — और यह प्रवृत्ति देशभर में उन मामलों में दिखती है जहाँ पीड़ित परिवार राज्य की जाँच से असंतुष्ट होते हैं।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्विशा शर्मा मौत मामला क्या है?
ट्विशा शर्मा मौत मामला मध्य प्रदेश से जुड़ा एक विवादास्पद मामला है जिसमें पीड़ित परिवार जाँच की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है। परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव के चलते जाँच प्रभावित हो रही है।
डॉ. तरीषा शंकर ने इस मामले में क्या कहा?
इंदिरा यूनिवर्सिटी की चांसलर डॉ. तरीषा शंकर ने कहा कि वह ट्विशा शर्मा को न्याय दिलाने तक परिवार के साथ खड़ी रहेंगी। उन्होंने ट्विशा को अपने परिवार का अहम हिस्सा बताया और पूरे देश के समर्थन का उल्लेख किया।
परिवार दूसरे पोस्टमॉर्टम की माँग क्यों कर रहा है?
परिवार का कहना है कि पहले दूसरे पोस्टमॉर्टम की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में उसे रोक दिया गया। ट्विशा के पिता के अनुसार यह कथित दबाव और प्रभाव का स्पष्ट संकेत है, और निष्पक्ष जाँच के लिए दूसरा पोस्टमॉर्टम ज़रूरी है।
परिवार जाँच दिल्ली ट्रांसफर क्यों चाहता है?
परिवार का आरोप है कि मध्य प्रदेश में स्थानीय स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही और प्रभावशाली लोग जाँच को प्रभावित कर रहे हैं। इसलिए वे चाहते हैं कि मामला किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपा जाए और जाँच दिल्ली में हो।
इस मामले में अब तक क्या हुआ है?
मामले में परिवार पिछले 5-6 दिनों से अलग-अलग दफ्तरों में न्याय की गुहार लगा रहा है। दूसरे पोस्टमॉर्टम की अनुमति विवादास्पद तरीके से रोकी गई है और डॉ. तरीषा शंकर जैसे著名 व्यक्तित्वों ने परिवार के समर्थन में आवाज़ उठाई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 मिनट पहले
  2. 1 घंटा पहले
  3. 2 घंटे पहले
  4. 2 घंटे पहले
  5. 20 घंटे पहले
  6. 20 घंटे पहले
  7. 20 घंटे पहले
  8. 22 घंटे पहले