फडणवीस का ओबीसी विकास पर जोर: केंद्र-राज्य समन्वय से कल्याण योजनाओं में तेज़ी, 72 छात्रावास शुरू

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फडणवीस का ओबीसी विकास पर जोर: केंद्र-राज्य समन्वय से कल्याण योजनाओं में तेज़ी, 72 छात्रावास शुरू

सारांश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ओबीसी कल्याण संसदीय समिति को बताया कि राज्य के 36 जिलों में 72 छात्रावास, 'स्वयं' योजना के तहत ₹60,000 की सहायता और महाज्योति प्रशिक्षण से 147 छात्रों की सफलता — केंद्र-राज्य समन्वय का यह मॉडल ओबीसी उत्थान की नई इबारत लिख रहा है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र CM देवेंद्र फडणवीस ने 19 मई को ओबीसी कल्याण संसदीय समिति के साथ मुंबई में बैठक की।
राज्य के 36 जिलों में लड़कों और लड़कियों के लिए 72 छात्रावास शुरू किए गए हैं।
'स्वयं' योजना के तहत छात्रावास से वंचित ओबीसी छात्रों को ₹60,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाती है।
महाज्योति संस्थान के प्रशिक्षण से 29 छात्रों ने UPSC और 118 छात्रों ने MPSC परीक्षा उत्तीर्ण की।
उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली ओबीसी छात्राओं को 100% शुल्क माफी और विदेश शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार, 19 मई को मुंबई में स्पष्ट किया कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के समग्र उत्थान के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सक्रिय समन्वय के ज़रिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएँ प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि ओबीसी का विकास महाराष्ट्र की समग्र प्रगति की बुनियाद है।

बैठक का संदर्भ

मुख्यमंत्री फडणवीस अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण संबंधी संसदीय समिति के साथ आयोजित बैठक में बोल रहे थे। इस अवसर पर ओबीसी बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे, संसदीय समिति के अध्यक्ष गणेश सिंह तथा समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। यह बैठक राज्य में ओबीसी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के उद्देश्य से बुलाई गई थी।

स्वतंत्र विभाग और कल्याण योजनाएँ

राज्य सरकार ने एक स्वतंत्र 'ओबीसी बहुजन कल्याण विभाग' की स्थापना की है, जो ओबीसी, विमुक्त जाति, खानाबदोश जनजाति, विशेष पिछड़ा वर्ग और अन्य पिछड़े समुदायों के लिए योजनाओं के क्रियान्वयन में तेज़ी ला रहा है। फडणवीस ने बताया कि शिक्षा को सशक्त बनाने और आर्थिक उत्थान को बढ़ावा देने के लिए अनेक पहल एक साथ चल रही हैं।

शैक्षिक पहल और वित्तीय सहायता

मुख्यमंत्री ने प्रमुख शैक्षिक योजनाओं का विवरण देते हुए बताया कि ओबीसी छात्रों को छात्रवृत्ति, विदेश में शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता और उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओं के लिए 100 प्रतिशत शुल्क माफी दी जा रही है। ओबीसी विभाग के माध्यम से ग्रामीण और दूरदराज़ के क्षेत्रों में आश्रम स्कूल भी संचालित किए जा रहे हैं।

राज्य के 36 जिलों में लड़कों और लड़कियों के लिए कुल 72 छात्रावास शुरू किए गए हैं, जिनकी निगरानी मंत्री अतुल सावे द्वारा लगातार की जाती रही है। जिन छात्रों को छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल पाता, उनके लिए 'स्वयं' योजना के तहत रहने और शिक्षा संबंधी खर्चों के लिए ₹60,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाती है।

प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता

महाज्योति संस्थान संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ओबीसी छात्रों को निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करता है। फडणवीस ने बताया कि इस प्रशिक्षण के परिणामस्वरूप 29 छात्रों ने UPSC परीक्षा और 118 छात्रों ने MPSC परीक्षा उत्तीर्ण की है।

आगे की दिशा

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में ओबीसी आरक्षण और कल्याण नीतियाँ राजनीतिक रूप से संवेदनशील विषय बनी हुई हैं। केंद्र-राज्य समन्वय का यह मॉडल आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी एक संदर्भ बिंदु बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे में कल्याण योजनाओं का विस्तार एक राजनीतिक संदेश भी है। संसदीय समिति के सामने यह प्रस्तुति केंद्र से अतिरिक्त बजट आवंटन की पृष्ठभूमि में देखी जानी चाहिए।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में ओबीसी छात्रों के लिए 'स्वयं' योजना क्या है?
'स्वयं' योजना उन ओबीसी छात्रों के लिए है जिन्हें सरकारी छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल पाता। इस योजना के तहत रहने और शिक्षा से जुड़े खर्चों के लिए ₹60,000 तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
महाज्योति संस्थान ओबीसी छात्रों की कैसे मदद करता है?
महाज्योति संस्थान UPSC, MPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ओबीसी छात्रों को निःशुल्क प्रशिक्षण देता है। इसके प्रशिक्षण से अब तक 29 छात्रों ने UPSC और 118 छात्रों ने MPSC परीक्षा उत्तीर्ण की है।
महाराष्ट्र में ओबीसी बहुजन कल्याण विभाग क्या करता है?
यह स्वतंत्र विभाग ओबीसी, विमुक्त जाति, खानाबदोश जनजाति, विशेष पिछड़ा वर्ग और अन्य पिछड़े समुदायों के लिए कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन की देखरेख करता है। विभाग की स्थापना के बाद से योजनाओं के लागू होने की गति में तेज़ी आई है।
महाराष्ट्र में ओबीसी छात्राओं को शिक्षा में क्या सुविधाएँ मिलती हैं?
उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली ओबीसी छात्राओं को 100 प्रतिशत शुल्क माफी दी जाती है। इसके अतिरिक्त विदेश में शिक्षा के लिए भी वित्तीय सहायता उपलब्ध है।
ओबीसी कल्याण संसदीय समिति की बैठक में कौन उपस्थित थे?
बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अलावा ओबीसी बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे, संसदीय समिति के अध्यक्ष गणेश सिंह और समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे। यह बैठक 19 मई को मुंबई में आयोजित हुई।
राष्ट्र प्रेस
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