20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अभिषेक बनर्जी के आवास पर कथित अवैध निर्माण: कलकत्ता हाईकोर्ट ने KMC से 7 दिन में रिपोर्ट तलब की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अभिषेक बनर्जी के आवास पर कथित अवैध निर्माण: कलकत्ता हाईकोर्ट ने KMC से 7 दिन में रिपोर्ट तलब की

सारांश

कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी के हरिश चटर्जी स्ट्रीट आवास और उनकी कंपनी लीप्स एंड बॉन्ड्स के परिसरों में कथित अवैध निर्माण को लेकर KMC से सात दिनों में दस्तावेजी रिपोर्ट माँगी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कुल 17 संपत्तियाँ जाँच के दायरे में हैं। अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद।

मुख्य बातें

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 3 जून को KMC को 7 दिन में दस्तावेजी रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति स्मिता दास डे ने संपत्ति मालिकों को 2 सप्ताह में जवाब देने को कहा।
याचिका अमित बनर्जी और लता बनर्जी ने दायर की, 29-सी हरिश चटर्जी स्ट्रीट मकान को वैध बताया।
KMC एक्ट की धारा 401 के तहत नोटिस जारी; कथित तौर पर कुल 17 संपत्तियाँ जाँच के दायरे में।
कंपनी लीप्स एंड बॉन्ड्स ने पहले निगम से 10 दिन का अतिरिक्त समय माँगा था।
अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद निर्धारित।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने 3 जून को कोलकाता नगर निगम (KMC) को निर्देश दिया कि वह सात दिनों के भीतर दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ रिपोर्ट दाखिल करे और बताए कि तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास और उनकी कंपनी लीप्स एंड बॉन्ड्स के परिसरों में कथित अवैध निर्माण या स्वीकृत नक्शे से विचलन कहाँ-कहाँ मौजूद है। न्यायमूर्ति स्मिता दास डे ने सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

अदालत का निर्देश

अदालत ने स्पष्ट किया कि KMC अपनी रिपोर्ट में विस्तार से बताए कि किस प्रकार की अनियमितताएँ या कथित अवैध निर्माण पाए गए हैं, वे संपत्ति के किस हिस्से में स्थित हैं और कुल निर्मित क्षेत्रफल की तुलना में उनका दायरा कितना है।

इसके साथ ही अदालत ने संपत्ति मालिकों को भी दो सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया है। उन्हें यह बताना होगा कि संपत्ति में कोई अवैध निर्माण है या नहीं, और यदि है तो उसकी सीमा क्या है।

बनर्जी परिवार की याचिका

गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी के पिता अमित बनर्जी और माता लता बनर्जी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि कोलकाता के 29-सी, हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित मकान का निर्माण पूरी तरह वैध तरीके से किया गया है। दंपति ने KMC द्वारा जारी नोटिस को रद्द करने की माँग करते हुए अदालत का रुख किया है।

उनका कहना है कि वैध रूप से निर्मित मकान को लेकर निगम ने अवैध निर्माण का नोटिस जारी किया है, जो उचित नहीं है।

KMC के नोटिस और कंपनी की प्रतिक्रिया

हाल के दिनों में KMC ने अभिषेक बनर्जी और उनकी कंपनी से जुड़े कई पतों पर नोटिस भेजे हैं। करीब एक सप्ताह पहले लीप्स एंड बॉन्ड्स ने निगम से 10 दिन का अतिरिक्त समय माँगा था और इस संबंध में निगम के भवन विभाग को पत्र भी भेजा था।

पत्र में कंपनी ने कहा था कि वह निगम द्वारा माँगी गई सभी जानकारियाँ उपलब्ध कराने को तैयार है, लेकिन इसके लिए कुछ अतिरिक्त समय की आवश्यकता है।

17 संपत्तियों तक फैली जाँच

निगम ने हाल ही में अभिषेक बनर्जी और उनकी कंपनी के नाम पर पंजीकृत कालीघाट रोड और हरिश मुखर्जी रोड स्थित संपत्तियों के संबंध में कई नोटिस जारी किए थे। नगर निगम सूत्रों के अनुसार, KMC एक्ट की धारा 401 के तहत जारी नोटिसों में स्वीकृत भवन नक्शा, निर्माण संबंधी दस्तावेज और अतिरिक्त निर्माण के लिए प्राप्त अनुमतियों का विवरण माँगा गया था।

शुरुआती रिपोर्टों में दो संपत्तियों का उल्लेख था, लेकिन बाद में कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि कुल 17 संपत्तियों के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से कुछ संपत्तियाँ कथित तौर पर अभिषेक बनर्जी के रिश्तेदारों के नाम पर भी दर्ज बताई जा रही हैं।

आगे क्या

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चाएँ शुरू हो गई हैं। अगली सुनवाई में KMC की रिपोर्ट और संपत्ति मालिकों की ओर से दाखिल जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी के दूसरे सबसे ताक़तवर चेहरे की संपत्तियों की पारदर्शिता पर सीधा सवाल है। दिलचस्प यह है कि नोटिसों की संख्या दो से बढ़कर कथित तौर पर 17 तक पहुँची है — यह विस्तार खुद बताता है कि जाँच का दायरा शुरुआती अनुमान से कहीं बड़ा है। कोर्ट का यह जोर कि KMC ‘दस्तावेजी साक्ष्य' के साथ रिपोर्ट दे, निगम पर भी उतना ही दबाव है जितना बनर्जी परिवार पर — क्योंकि अगर अनियमितताएँ साबित हुईं तो सवाल यह भी उठेगा कि वर्षों तक स्वीकृत नक्शे से विचलन कैसे अनदेखा रहा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कलकत्ता हाईकोर्ट ने KMC को क्या आदेश दिया है?
हाईकोर्ट ने 3 जून को KMC को निर्देश दिया कि वह सात दिनों के भीतर दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ बताए कि अभिषेक बनर्जी के आवास और उनकी कंपनी लीप्स एंड बॉन्ड्स के परिसरों में कथित अवैध निर्माण या स्वीकृत नक्शे से विचलन कहाँ-कहाँ है। निर्देश न्यायमूर्ति स्मिता दास डे ने जारी किया।
अभिषेक बनर्जी के माता-पिता ने अदालत में क्या दावा किया है?
अमित बनर्जी और लता बनर्जी ने याचिका में दावा किया है कि 29-सी, हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित उनका मकान पूरी तरह वैध तरीके से बना है। उन्होंने KMC द्वारा जारी अवैध निर्माण नोटिस को रद्द करने की माँग की है।
कितनी संपत्तियाँ जाँच के दायरे में हैं?
शुरुआती रिपोर्टों में दो संपत्तियों का उल्लेख था, लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्टों में कथित तौर पर कुल 17 संपत्तियों के संबंध में नोटिस जारी होने का दावा किया गया है। इनमें कालीघाट रोड और हरिश मुखर्जी रोड की संपत्तियाँ तथा बनर्जी के रिश्तेदारों के नाम पंजीकृत संपत्तियाँ भी कथित रूप से शामिल हैं।
KMC एक्ट की धारा 401 क्या है और इसका इस मामले से क्या संबंध है?
नगर निगम सूत्रों के अनुसार, KMC एक्ट की धारा 401 के तहत जारी नोटिसों में स्वीकृत भवन नक्शा, निर्माण संबंधी दस्तावेज और अतिरिक्त निर्माण के लिए प्राप्त अनुमतियों का विवरण माँगा गया है। इसी प्रावधान के तहत बनर्जी से जुड़ी संपत्तियों पर दस्तावेजी जवाब तलब किया गया है।
मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है। उस समय KMC की रिपोर्ट और संपत्ति मालिकों के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले