अभिषेक बनर्जी के आवास पर कथित अवैध निर्माण: कलकत्ता हाईकोर्ट ने KMC से 7 दिन में रिपोर्ट तलब की
सारांश
मुख्य बातें
कलकत्ता हाई कोर्ट ने 3 जून को कोलकाता नगर निगम (KMC) को निर्देश दिया कि वह सात दिनों के भीतर दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ रिपोर्ट दाखिल करे और बताए कि तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास और उनकी कंपनी लीप्स एंड बॉन्ड्स के परिसरों में कथित अवैध निर्माण या स्वीकृत नक्शे से विचलन कहाँ-कहाँ मौजूद है। न्यायमूर्ति स्मिता दास डे ने सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।
अदालत का निर्देश
अदालत ने स्पष्ट किया कि KMC अपनी रिपोर्ट में विस्तार से बताए कि किस प्रकार की अनियमितताएँ या कथित अवैध निर्माण पाए गए हैं, वे संपत्ति के किस हिस्से में स्थित हैं और कुल निर्मित क्षेत्रफल की तुलना में उनका दायरा कितना है।
इसके साथ ही अदालत ने संपत्ति मालिकों को भी दो सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया है। उन्हें यह बताना होगा कि संपत्ति में कोई अवैध निर्माण है या नहीं, और यदि है तो उसकी सीमा क्या है।
बनर्जी परिवार की याचिका
गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी के पिता अमित बनर्जी और माता लता बनर्जी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि कोलकाता के 29-सी, हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित मकान का निर्माण पूरी तरह वैध तरीके से किया गया है। दंपति ने KMC द्वारा जारी नोटिस को रद्द करने की माँग करते हुए अदालत का रुख किया है।
उनका कहना है कि वैध रूप से निर्मित मकान को लेकर निगम ने अवैध निर्माण का नोटिस जारी किया है, जो उचित नहीं है।
KMC के नोटिस और कंपनी की प्रतिक्रिया
हाल के दिनों में KMC ने अभिषेक बनर्जी और उनकी कंपनी से जुड़े कई पतों पर नोटिस भेजे हैं। करीब एक सप्ताह पहले लीप्स एंड बॉन्ड्स ने निगम से 10 दिन का अतिरिक्त समय माँगा था और इस संबंध में निगम के भवन विभाग को पत्र भी भेजा था।
पत्र में कंपनी ने कहा था कि वह निगम द्वारा माँगी गई सभी जानकारियाँ उपलब्ध कराने को तैयार है, लेकिन इसके लिए कुछ अतिरिक्त समय की आवश्यकता है।
17 संपत्तियों तक फैली जाँच
निगम ने हाल ही में अभिषेक बनर्जी और उनकी कंपनी के नाम पर पंजीकृत कालीघाट रोड और हरिश मुखर्जी रोड स्थित संपत्तियों के संबंध में कई नोटिस जारी किए थे। नगर निगम सूत्रों के अनुसार, KMC एक्ट की धारा 401 के तहत जारी नोटिसों में स्वीकृत भवन नक्शा, निर्माण संबंधी दस्तावेज और अतिरिक्त निर्माण के लिए प्राप्त अनुमतियों का विवरण माँगा गया था।
शुरुआती रिपोर्टों में दो संपत्तियों का उल्लेख था, लेकिन बाद में कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि कुल 17 संपत्तियों के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से कुछ संपत्तियाँ कथित तौर पर अभिषेक बनर्जी के रिश्तेदारों के नाम पर भी दर्ज बताई जा रही हैं।
आगे क्या
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चाएँ शुरू हो गई हैं। अगली सुनवाई में KMC की रिपोर्ट और संपत्ति मालिकों की ओर से दाखिल जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।