केएमसी नोटिस के खिलाफ अभिषेक बनर्जी के माता-पिता कलकत्ता हाई कोर्ट पहुँचे, अगले बुधवार सुनवाई संभव
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव एवं सांसद अभिषेक बनर्जी के पिता अमित बनर्जी और माता लता बनर्जी ने कोलकाता नगर निगम (KMC) द्वारा जारी नोटिस को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने याचिका दायर कर नोटिस रद्द करने की माँग की है और तर्क दिया है कि विवादित भवन का निर्माण पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के अनुसार हुआ है। इस मामले की सुनवाई अगले बुधवार को हाई कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ में होने की संभावना है।
मुख्य घटनाक्रम
हाल ही में KMC ने अभिषेक बनर्जी के कई पतों पर नोटिस भेजे थे। ये नोटिस कोलकाता नगर निगम अधिनियम की धारा 401 के तहत जारी किए गए हैं, जिनमें भवन के स्वीकृत नक्शे, निर्माण-संबंधी दस्तावेज और अतिरिक्त निर्माण की अनुमति से जुड़े कागजात माँगे गए हैं। जाँच का केंद्र यह है कि कहीं कोई निर्माण स्वीकृत नक्शे से अलग तो नहीं हुआ।
नगर निगम ने विशेष रूप से कालीघाट रोड और हरिश मुखर्जी रोड स्थित उन संपत्तियों को लेकर नोटिस जारी किए हैं जो अभिषेक बनर्जी और उनकी कंपनी के नाम पर दर्ज हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कुल 17 संपत्तियों को लेकर नोटिस भेजे गए हैं, जिनमें उनके कुछ रिश्तेदारों के नाम पर दर्ज संपत्तियाँ भी कथित तौर पर शामिल हैं।
अभिषेक बनर्जी की प्रतिक्रिया
शनिवार को अभिषेक बनर्जी ने अपने कालीघाट स्थित आवास पर मीडिया से बातचीत में कहा कि नगर निगम को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि निर्माण में कथित गड़बड़ी कहाँ हुई है। उन्होंने कहा, 'नगर निगम बताए कि भवन का कौन-सा हिस्सा नियमों के खिलाफ है। नोटिस में सिर्फ 'डिविएशन' का जिक्र है, लेकिन यह नहीं बताया गया कि वह कहाँ है। मैंने उन्हें लिखित जवाब दे दिया है और जरूरत पड़ने पर अदालत का भी रुख करूंगा।'
उन्होंने यह भी कहा कि जब तक नगर निगम यह नहीं बताता कि कौन-सा हिस्सा अवैध है, तब तक वे इस मामले पर विस्तृत जवाब नहीं देंगे।
कंपनी 'लीप्स एंड बाउंड्स' ने माँगा अतिरिक्त समय
अभिषेक बनर्जी की कंपनी 'लीप्स एंड बाउंड्स' ने भी KMC से 10 दिन का अतिरिक्त समय माँगा है। कंपनी का कहना है कि वह निगम द्वारा माँगी गई सभी जानकारियाँ देने के लिए तैयार है, लेकिन दस्तावेज जुटाने के लिए कुछ अतिरिक्त समय आवश्यक है।
आगे क्या होगा
मामला अब न्यायिक दायरे में आ चुका है। कलकत्ता हाई कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ अगले बुधवार को याचिका पर सुनवाई कर सकती है, जिसमें यह तय होगा कि KMC का नोटिस कानूनी रूप से वैध है या नहीं। यह मामला राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के एक प्रमुख नेता के परिवार और नगर निगम के बीच सीधे टकराव का रूप ले चुका है।