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अभिषेक बनर्जी की 17 संपत्तियों को KMC नोटिस पर मेयर फिरहाद हकीम बोले — 'मुझे कोई जानकारी नहीं'

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अभिषेक बनर्जी की 17 संपत्तियों को KMC नोटिस पर मेयर फिरहाद हकीम बोले — 'मुझे कोई जानकारी नहीं'

सारांश

कोलकाता नगर निगम द्वारा TMC सांसद अभिषेक बनर्जी की 17 संपत्तियों को नोटिस जारी होने की खबर के बाद मेयर फिरहाद हकीम ने अनजान होने का दावा किया। BJP ने 43 संपत्तियों की सूची जारी की, जिसे TMC ने मनगढ़ंत बताया। अभिषेक ने कहा — 'मैं कभी नहीं झुकूँगा।'

मुख्य बातें

KMC ने रिपोर्टों के अनुसार अभिषेक बनर्जी से जुड़ी 17 संपत्तियों को KMC अधिनियम, 1980 की धारा 400(1) के तहत नोटिस जारी किए।
मेयर फिरहाद हकीम ने 20 मई को कहा — उन्हें इन नोटिसों की कोई जानकारी नहीं थी; ऐसे फैसले KMC आयुक्त के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
अभिषेक बनर्जी ने कालीघाट में TMC विधायकों की बैठक में कहा कि वे BJP के सामने कभी नहीं झुकेंगे, चाहे घर भी गिरा दिया जाए।
BJP की पश्चिम बंगाल इकाई ने अभिषेक बनर्जी से जुड़ी कथित 43 संपत्तियों की सूची जारी की; TMC ने इसे मनगढ़ंत बताया।
धारा 400(1) के तहत नोटिस मिलने पर संपत्ति मालिक को पक्ष रखने का अवसर मिलता है — अंतिम कार्रवाई अभी बाकी।

कोलकाता नगर निगम (KMC) द्वारा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के कथित स्वामित्व या सह-स्वामित्व वाली 17 संपत्तियों को नोटिस जारी किए जाने की खबरों के बीच, KMC के मेयर फिरहाद हकीम ने बुधवार, 20 मई को इस पूरे घटनाक्रम से अनजान होने का दावा किया। हकीम, जो तृणमूल कांग्रेस के चार बार के विधायक और पश्चिम बंगाल कैबिनेट में पूर्व मंत्री भी रह चुके हैं, ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि ऐसे फैसलों में उनकी कोई भूमिका नहीं है।

नोटिस का आधार क्या है

रिपोर्टों के अनुसार, KMC ने KMC अधिनियम, 1980 की धारा 400(1) के तहत अभिषेक बनर्जी से जुड़ी 17 संपत्तियों को नोटिस भेजे हैं। यह धारा कथित अवैध निर्माणों के मालिकों को नगर निगम अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का अवसर देती है। ये सभी संपत्तियाँ KMC के अधिकार क्षेत्र में आती हैं।

मेयर हकीम का बयान

मेयर फिरहाद हकीम ने बुधवार दोपहर मीडिया से बातचीत में कहा, 'KMC अधिनियम के तहत, मैं केवल एक नीति निर्माता हूँ। मुझे ऐसे नोटिसों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुझे इस घटनाक्रम के बारे में भी किसी ने सूचित नहीं किया था।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि KMC आयुक्त को ऐसे मामलों में निर्णय लेने का अधिकार है और मेयर का भवन विभाग के फैसलों पर कोई सीधा प्रभाव नहीं होता।

अभिषेक बनर्जी का रुख

इससे एक दिन पहले, मंगलवार को दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित आवास पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अध्यक्षता में हुई नवनिर्वाचित TMC विधायकों की बैठक में अभिषेक बनर्जी भी उपस्थित थे। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने बैठक में कहा, 'वे जो चाहें करें। वे मुझे नोटिस भेज सकते हैं। वे मेरा घर भी गिरा सकते हैं। लेकिन मैं कभी नहीं झुकूँगा। चाहे कुछ भी हो जाए, मैं भाजपा के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखूँगा।'

भाजपा का आरोप और TMC का जवाब

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पश्चिम बंगाल इकाई ने 43 संपत्तियों की एक सूची जारी की, जिनके बारे में भाजपा खेमे ने आरोप लगाया कि वे अभिषेक बनर्जी से जुड़ी हैं। हालाँकि, तृणमूल कांग्रेस ने इस सूची को मनगढ़ंत और अविश्वसनीय बताते हुए खारिज कर दिया। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक तनाव चरम पर है और भाजपा राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि KMC अधिनियम की धारा 400(1) के तहत नोटिस मिलने के बाद संपत्ति मालिकों को अपना पक्ष रखने का मौका मिलता है, जिसके बाद ही कोई कार्रवाई संभव है। KMC आयुक्त के स्तर पर इस मामले में आगे क्या निर्णय होता है, यह देखना बाकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल उठाता है कि क्या KMC का भवन विभाग सत्तारूढ़ दल के शीर्ष नेता से जुड़ी संपत्तियों पर स्वतंत्र रूप से कार्रवाई कर सकता है। BJP की 43 संपत्तियों की सूची और KMC के 17 नोटिस के बीच का अंतर भी अनुत्तरित है — दोनों के स्रोत और सत्यापन अस्पष्ट हैं। यह विवाद पश्चिम बंगाल में चुनाव-पश्चात राजनीतिक बदले की कार्रवाई और जवाबी आरोपों के उस चक्र का हिस्सा लगता है जो राज्य में दशकों से चला आ रहा है — और जिसमें आम नागरिक की जवाबदेही सबसे पीछे रह जाती है।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

KMC ने अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों को किस कानून के तहत नोटिस दिया?
रिपोर्टों के अनुसार, KMC ने KMC अधिनियम, 1980 की धारा 400(1) के तहत 17 संपत्तियों को नोटिस जारी किए। यह धारा कथित अवैध निर्माणों के मालिकों को नगर निगम के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखने का अवसर देती है।
मेयर फिरहाद हकीम ने इस मामले में क्या कहा?
मेयर फिरहाद हकीम ने 20 मई को कहा कि उन्हें इन नोटिसों की कोई जानकारी नहीं थी और KMC अधिनियम के तहत वे केवल नीति निर्माता हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भवन विभाग से जुड़े फैसले KMC आयुक्त के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
अभिषेक बनर्जी ने इन नोटिसों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
अभिषेक बनर्जी ने कालीघाट में TMC विधायकों की बैठक में कहा कि वे BJP के सामने कभी नहीं झुकेंगे, चाहे उनका घर भी गिरा दिया जाए। उन्होंने भाजपा के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया।
BJP ने अभिषेक बनर्जी की कितनी संपत्तियों का दावा किया और TMC ने क्या कहा?
BJP की पश्चिम बंगाल इकाई ने 43 संपत्तियों की सूची जारी कर दावा किया कि ये अभिषेक बनर्जी से जुड़ी हैं। तृणमूल कांग्रेस ने इस सूची को मनगढ़ंत और अविश्वसनीय बताते हुए खारिज कर दिया।
धारा 400(1) के तहत नोटिस मिलने के बाद आगे क्या होता है?
धारा 400(1) के तहत नोटिस मिलने पर संपत्ति मालिक को KMC अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का अवसर मिलता है। उसके बाद ही KMC आयुक्त कोई अंतिम कार्रवाई — जैसे निर्माण हटाना — का निर्देश दे सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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