ट्विशा शर्मा केस: भोपाल कोर्ट ने दूसरे पोस्टमार्टम की याचिका खारिज, शव संरक्षण पर नया विवाद
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल कोर्ट ने बुधवार, 20 मई 2026 को दहेज प्रताड़ना मामले में मृत ट्विशा शर्मा के शव का दूसरा पोस्टमार्टम कराने की माँग वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 19 मई को एम्स दिल्ली में पुनः पोस्टमार्टम और फोरेंसिक विश्लेषण के लिए जारी किए गए निर्देश रद्द किए जाते हैं।
मुख्य घटनाक्रम
मामला भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र का है, जहाँ मृतका के परिजनों ने दहेज प्रताड़ना और धारा 498ए के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। अपराध क्रमांक 133/2026 के तहत मामले की जाँच जारी है। ट्विशा की शादी समर्थ सिंह के साथ हुई थी।
मृतका के परिजनों का कहना है कि उन्हें पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर संदेह है, इसीलिए वे दोबारा पोस्टमार्टम की माँग कर रहे थे। कोर्ट ने इस याचिका को अस्वीकार करते हुए पहले जारी निर्देश वापस ले लिए।
शव संरक्षण की चुनौती
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, ट्विशा शर्मा का शव वर्तमान में एम्स भोपाल की मॉर्चरी में माइनस 4 डिग्री तापमान पर रखा गया है। हालाँकि, एम्स भोपाल के अधिकारियों के अनुसार शव को माइनस 80 डिग्री पर संरक्षित करने की आवश्यकता है।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर, भोपाल में किसी भी संस्थान में इतने कम तापमान पर शव संरक्षण की सुविधा फिलहाल उपलब्ध नहीं है। पुलिस ने यह भी कहा है कि शव को अधिक समय तक मॉर्चरी में रखना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
कोर्ट के निर्देश
कोर्ट ने कटारा हिल्स थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) को निर्देश दिया है कि वे तत्काल चिकित्सा संस्थानों से लिखित जानकारी प्राप्त करें। इस जानकारी में यह पता लगाया जाए कि मध्य प्रदेश के अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों या महानगरों में माइनस 80 डिग्री पर शव संरक्षण की सुविधा उपलब्ध है या नहीं।
एसएचओ को बिना किसी देरी के इस संबंध में कोर्ट को लिखित रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है।
परिवार और पुलिस के बीच विवाद
पुलिस ने मृतका के पिता नवनिधि शर्मा को पत्र लिखकर शव ले जाने का आग्रह किया है। परिवार दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की माँग पर अड़ा है, जबकि पुलिस शव के दीर्घकालिक संरक्षण में असमर्थता जता रही है। यह विवाद ऐसे समय में और गहरा गया है जब शव संरक्षण की तकनीकी सीमाएँ भी सामने आ रही हैं।
आगे क्या होगा
कोर्ट के निर्देश पर एसएचओ की रिपोर्ट आने के बाद ही शव के भविष्य के बारे में अगला कदम तय होगा। मामले की अगली सुनवाई में शव संरक्षण की स्थिति और जाँच की प्रगति पर विचार किया जाएगा। दहेज प्रताड़ना के इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।