ट्विशा शर्मा दहेज मामला: एम्स भोपाल में शव डीकंपोज होने की आशंका, पुलिस ने परिजनों से की शव लेने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में दर्ज दहेज प्रताड़ना मामले में मृतका ट्विशा शर्मा के शव को लेकर नया विवाद सामने आया है। कटारा हिल्स थाना प्रभारी ने मृतका के पिता नवनिधि शर्मा को पत्र लिखकर शव जल्द से जल्द ले जाने का आग्रह किया है, क्योंकि एम्स भोपाल की मॉर्चरी में शव को दीर्घकाल तक सुरक्षित रखने की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
मॉर्चरी में क्या है स्थिति
थाना प्रभारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, ट्विशा शर्मा का पोस्टमार्टम 13 मई 2026 को किया जा चुका है। फिलहाल शव एम्स भोपाल के मॉर्चरी रूम में 4 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा हुआ है। एफएमपी विभाग ने चेतावनी दी है कि शव को डीकंपोज होने से बचाने के लिए उसे -80 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखना आवश्यक है, परंतु एम्स भोपाल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में शव के खराब होने की आशंका बढ़ती जा रही है।
परिवार की माँग और पुलिस का रुख
मृतका के परिजनों का कहना है कि वे पहले पोस्टमार्टम की रिपोर्ट पर संदेह के चलते दोबारा पोस्टमार्टम कराना चाहते हैं। पुलिस ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि परिवार की इस माँग पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। हालाँकि, पुलिस ने यह भी कहा है कि शव को अधिक समय तक मॉर्चरी में रखना संभव नहीं है और परिवार को जल्द निर्णय लेना होगा।
मामले की पृष्ठभूमि
ट्विशा शर्मा की शादी समर्थ सिंह के साथ हुई थी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि दहेज के लिए लगातार प्रताड़ना के कारण उनकी बेटी की मौत हुई। इस संबंध में धारा 498ए के तहत अपराध क्रमांक 133/2026 दर्ज किया गया है और जाँच जारी है। आरोपी पक्ष ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
एम्स भोपाल के चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य मॉर्चरी में शव को केवल कुछ ही दिनों तक सुरक्षित अवस्था में रखा जा सकता है। अधिक समय बीतने पर शव के डीकंपोज होने से महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट हो सकते हैं, जिससे जाँच प्रभावित होने की गंभीर आशंका है। यह ऐसे समय में आया है जब परिवार दूसरे पोस्टमार्टम के लिए कानूनी रास्ता तलाश रहा है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
परिवार की ओर से भोपाल पुलिस कमिश्नर कार्यालय को भी शव को सुरक्षित रखने के संबंध में अर्जी दी जा चुकी है। अब परिवार पर शव लेने अथवा आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करने की जिम्मेदारी है। पुलिस परिवार के जवाब का इंतजार कर रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने सभी पक्षों से सहयोग की अपील की है।