श्री अन्न: गर्मियों में वजन नियंत्रण, हड्डियों की मजबूती और ऊर्जा का प्राकृतिक स्रोत
सारांश
मुख्य बातें
श्री अन्न (मिलेट्स) को गर्मियों के मौसम में रोज़ाना के आहार में शामिल करने की सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञ देते हैं, क्योंकि बाजरा, रागी, ज्वार और अन्य मिलेट्स शरीर को पोषण, ऊर्जा और रोग-प्रतिरोध क्षमता प्रदान करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के मौसम में पोषक तत्वों की कमी तेज़ी से हो सकती है और श्री अन्न इस कमी को पूरा करने में सक्षम है।
पोषण का पावरहाउस क्यों कहलाता है श्री अन्न
नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार, श्री अन्न में फाइबर, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और आवश्यक खनिज तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर की दैनिक पोषण संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने के साथ-साथ कई सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में भी सहायक हैं। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक है जब भारत में प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की खपत तेज़ी से बढ़ रही है।
वजन नियंत्रण और हड्डियों की मजबूती में भूमिका
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि श्री अन्न में मौजूद उच्च फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे अनावश्यक भूख नहीं लगती और वजन बढ़ने की समस्या पर नियंत्रण रहता है। इसके अलावा, श्री अन्न कैल्शियम और फॉस्फोरस का भी उत्कृष्ट स्रोत है — ये दोनों खनिज हड्डियों और दाँतों को मज़बूत बनाने में सहायक हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बच्चों, महिलाओं और बुज़ुर्गों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है।
गर्मियों में सेवन को लेकर भ्रांति और सच्चाई
गर्मियों में श्री अन्न के सेवन को लेकर एक आम भ्रांति यह है कि इसे इस मौसम में नहीं खाना चाहिए। हालाँकि, विशेषज्ञ इस धारणा को ग़लत बताते हैं। उनके अनुसार, गर्मियों में शरीर में डिहाइड्रेशन और थकान का ख़तरा अधिक होता है, और श्री अन्न ऊर्जा बनाए रखने तथा पाचन को सुचारु रखने में मदद करता है। गौरतलब है कि भारत सरकार ने वर्ष 2023 को 'अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष' के रूप में मनाया था, जिससे श्री अन्न की वैश्विक पहचान और बढ़ी है।
सही तरीके से करें सेवन
विशेषज्ञों की सलाह है कि श्री अन्न को उपयोग से पहले अच्छी तरह भिगोकर रखना चाहिए। भिगोने से इसमें मौजूद एंटी-न्यूट्रिएंट्स कम हो जाते हैं और पाचन सरल हो जाता है। इसे दलिया, खिचड़ी, रोटी, इडली, डोसा या ठंडाई के रूप में आहार में शामिल किया जा सकता है। गर्मियों के लिए बाजरे की खीर और रागी का सत्तू विशेष रूप से उपयुक्त विकल्प बताए जाते हैं।
आम जनता पर असर और आगे की राह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रोज़ाना के आहार में श्री अन्न को शामिल करने से शरीर को संपूर्ण पोषण मिलता है। गर्मी के मौसम में थकान, कमज़ोरी और पाचन संबंधी समस्याओं से बचने के लिए इसका नियमित सेवन उपयोगी साबित हो सकता है। जैसे-जैसे भारत में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, श्री अन्न एक किफ़ायती और टिकाऊ आहार विकल्प के रूप में तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है।