स्टार्टअप इकोसिस्टम अब टियर-2 और 3 शहरों तक पहुँचा, देश में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप: रक्षा खडसे

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स्टार्टअप इकोसिस्टम अब टियर-2 और 3 शहरों तक पहुँचा, देश में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप: रक्षा खडसे

सारांश

इंदौर में ब्रिक्स यूथ एंटरप्रेन्योरशिप वर्किंग ग्रुप मीटिंग 2026 के मंच पर केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे ने घोषणा की कि भारत में स्टार्टअप की संख्या 2 लाख पार कर चुकी है और यह इकोसिस्टम अब टियर-2 व 3 शहरों तक पहुँच गया है — एक ऐसा अनुभव जिसे भारत अब ब्रिक्स देशों के साथ साझा करेगा।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे ने 20 मई 2026 को इंदौर में कहा कि भारत में स्टार्टअप की संख्या 2 लाख से अधिक हो गई है।
स्टार्टअप इकोसिस्टम अब टियर-2 और टियर-3 शहरों तक विस्तारित हो चुका है।
ब्रिक्स यूथ एंटरप्रेन्योरशिप वर्किंग ग्रुप मीटिंग 2026 इंदौर में शुरू हुई; भारत अपना स्टार्टअप अनुभव ब्रिक्स देशों से साझा करेगा।
मध्य पूर्व संकट के कारण कुछ प्रतिभागी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़ रहे हैं।
जयशंकर ने ब्रिक्स के 20 वर्षों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और संगठन को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 20 मई 2026 को इंदौर में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब महानगरों की सीमाएँ पार कर टियर-2 और टियर-3 शहरों तक विस्तार पा चुका है। उन्होंने बताया कि देश में स्टार्टअप की कुल संख्या 2 लाख से अधिक हो गई है।

ब्रिक्स बैठक के मंच पर बोलीं खडसे

ब्रिक्स यूथ एंटरप्रेन्योरशिप वर्किंग ग्रुप मीटिंग 2026 के साइडलाइन में बातचीत करते हुए खडसे ने कहा कि पीएम मोदी के विज़न के अनुरूप केंद्र सरकार ने स्टार्टअप, इनोवेशन और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने के लिए कई अहम निर्णय लिए हैं। उनके अनुसार, इन नीतिगत कदमों के परिणामस्वरूप देश में एक सुदृढ़ स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित हुआ है, जिसका लाभ अब छोटे शहरों के युवा उद्यमी भी उठा रहे हैं।

खडसे ने यह भी बताया कि यह दो दिवसीय बैठक आज से शुरू हुई है और इसमें कई देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। मध्य पूर्व में जारी संकट के कारण कुछ प्रतिभागी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके और वे वर्चुअल माध्यम से जुड़ रहे हैं।

भारत का अनुभव ब्रिक्स देशों से साझा करने पर सहमति

खडसे ने बताया कि पिछली ब्रिक्स कॉन्फ्रेंस में यह सहमति बनी थी कि भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के अनुभव को सभी ब्रिक्स सदस्य देशों के साथ साझा किया जाएगा। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए इंदौर में इस वर्किंग ग्रुप बैठक का आयोजन किया गया है। उनके अनुसार, इस पहल से सभी भागीदार देशों को युवा उद्यमिता के क्षेत्र में लाभ होगा।

जयशंकर ने ब्रिक्स के 20 वर्षों की उपलब्धियाँ गिनाईं

बीते सप्ताह विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के 20 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि 'ब्रिक्स-20: मजबूती, नवाचार, सहयोग और स्थिरता का निर्माण' विषय पर आधारित यह सत्र ब्रिक्स सदस्य देशों के साथ-साथ पार्टनर देशों को भी एक मंच पर लाया है।

जयशंकर ने कहा, 'पिछले 20 वर्षों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए, हम आज अपने सहयोग की प्रकृति और उसके भविष्य की दिशा पर चर्चा कर रहे हैं। पार्टनर देशों की मौजूदगी ने हमारे सामूहिक प्रयासों को और मजबूत किया है और आपसी जुड़ाव को गहरा किया है।'

ब्रिक्स की बढ़ती प्रासंगिकता और विस्तार

जयशंकर ने यह भी रेखांकित किया कि समय के साथ ब्रिक्स का दायरा और महत्व दोनों बढ़े हैं। उनके अनुसार, यह उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों की उस आकांक्षा को दर्शाता है जिसमें वे एक अधिक संतुलित और समावेशी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार ब्रिक्स ने अपने एजेंडे और सदस्यता दोनों का विस्तार किया है, लेकिन इसका केंद्र हमेशा लोगों के विकास और व्यावहारिक सहयोग पर बना रहा है।

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भारत वैश्विक स्टार्टअप रैंकिंग में लगातार ऊपर चढ़ रहा है और सरकार टियर-2 व टियर-3 शहरों में उद्यमशीलता की संस्कृति को और गहरा करने की दिशा में काम कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इनमें से कितने टियर-2 और 3 शहरों में टिकाऊ रोज़गार और राजस्व उत्पन्न कर रहे हैं। स्टार्टअप की संख्या और उनकी व्यावसायिक सफलता के बीच का अंतर अक्सर नीतिगत चर्चाओं में अनदेखा रह जाता है। ब्रिक्स मंच पर भारत के अनुभव को साझा करना कूटनीतिक दृष्टि से सकारात्मक है, किंतु घरेलू स्तर पर फंडिंग की पहुँच, मेंटरशिप और बाज़ार तक पहुँच जैसी बाधाएँ छोटे शहरों के उद्यमियों के लिए अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में अभी कितने स्टार्टअप हैं और ये कहाँ-कहाँ फैले हैं?
केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे के अनुसार, भारत में स्टार्टअप की संख्या अब 2 लाख से अधिक हो गई है। ये स्टार्टअप अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी सक्रिय रूप से स्थापित हो रहे हैं।
ब्रिक्स यूथ एंटरप्रेन्योरशिप वर्किंग ग्रुप मीटिंग 2026 क्या है?
यह एक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय बैठक है जो 20 मई 2026 को इंदौर में शुरू हुई। इसका उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच युवा उद्यमिता के अनुभव साझा करना है, जिसमें भारत अपने स्टार्टअप इकोसिस्टम की सफलता को अन्य सदस्य देशों के साथ साझा करेगा।
रक्षा खडसे कौन हैं और इस बैठक में उनकी भूमिका क्या है?
रक्षा खडसे केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री हैं। वे इंदौर में आयोजित ब्रिक्स यूथ एंटरप्रेन्योरशिप वर्किंग ग्रुप मीटिंग 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और उन्होंने स्टार्टअप इकोसिस्टम की प्रगति पर भारत का पक्ष रखा।
विदेश मंत्री जयशंकर ने ब्रिक्स के बारे में क्या कहा?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में संगठन के 20 वर्षों की उपलब्धियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का दायरा और महत्व दोनों बढ़े हैं और सामूहिक ताकत का उपयोग कर इसे और मजबूत, तेज़ और लचीला बनाया जा सकता है।
क्या इस बैठक में सभी ब्रिक्स देश शामिल हुए?
अधिकांश देशों के प्रतिनिधि इंदौर में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हैं। हालाँकि, मध्य पूर्व में जारी संकट के कारण कुछ प्रतिभागी व्यक्तिगत रूप से नहीं आ सके और वे वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़ रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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