क्या देश में मान्यता प्राप्त दो लाख से अधिक स्टार्टअप्स में से 50 प्रतिशत टियर 2 और 3 शहरों से हैं?
सारांश
Key Takeaways
जम्मू, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि 2014 से पहले देश में लगभग 400 स्टार्टअप्स थे, लेकिन वर्तमान में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 2 लाख से अधिक हो गई है, जिनमें से 50 प्रतिशत टियर 2 और 3 शहरों से हैं।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि पहले यह धारणा थी कि स्टार्टअप्स केवल बड़े शहरों में ही शुरू हो सकते हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने इस धारणा को बदल दिया है। अब देश में लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप छोटे शहरों से हैं, जिनमें से कई का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने कई योजनाओं के माध्यम से एक संपूर्ण स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित किया है, जिससे युवा सरकारी नौकरियों की बजाय अन्य आय अर्जित करने के साधनों की ओर ध्यान दे रहे हैं, जहां आवश्यकता के अनुसार अच्छे अवसर उपलब्ध हैं।
इस कार्यक्रम में आए उधमपुर के युवा कारोबारी ने बताया कि उन्होंने हेल्थ सेक्टर में एक स्टार्टअप शुरू किया है। उनकी कंपनी हार्ट हेल्थ पर काम कर रही है। हमने इस कार्यक्रम में एक हेल्थ सप्लीमेंट लॉन्च किया है, जो लोगों के पोषण की कमी को दूर करेगा।
वहीं, एक छात्रा ने बताया कि इस कार्यक्रम में हमें स्टार्टअप शुरू करने के बारे में जानकारी दी गई है और वर्तमान में वह कृषि क्षेत्र में चावल की वैरायटी में सुधार के लिए एक ऐप पर काम कर रही है।
राष्ट्रीय राजधानी में स्थित भारत मंडपम में स्टार्ट इंडिया मिशन के 10 वर्ष पूरे होने पर लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज हम स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे होने का माइलस्टोन सेलिब्रेट कर रहे हैं। यह यात्रा केवल एक सरकारी योजना की सफलता नहीं है, बल्कि लाखों सपनों की यात्रा है।"
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप इंडिया मिशन में योगदान देने वाले युवाओं की सराहना की और कहा, "हमारे युवा इनोवेटर्स, जिन्होंने नए सपने देखने का साहस दिखाया, मैं उन सभी की बहुत-बहुत सराहना करता हूं।"
कार्यक्रम में आगे बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "आप याद करें, 10 साल पहले क्या स्थिति थी। व्यक्तिगत प्रयास और इनोवेशन के लिए कोई गुंजाइश नहीं थी। हमने उन परिस्थितियों को चुनौती दी, स्टार्टअप इंडिया लॉन्च किया और युवाओं को खुला आसमान दिया। आज इसका परिणाम हमारे सामने है। केवल 10 साल में स्टार्टअप इंडिया मिशन एक क्रांति बन चुका है। भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है।"