ट्विशा शर्मा केस: एम्स रिपोर्ट ने आत्महत्या के एंगल की पुष्टि की, पति समर्थ सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी

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ट्विशा शर्मा केस: एम्स रिपोर्ट ने आत्महत्या के एंगल की पुष्टि की, पति समर्थ सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी

सारांश

शादी के पाँच महीने बाद भोपाल में फाँसी पर मिलीं पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा के मामले में एम्स की बेल्ट रिपोर्ट ने आत्महत्या के एंगल को बल दिया है। लेकिन परिवार प्रक्रियागत खामियों का हवाला देते हुए दूसरे पोस्टमार्टम और स्वतंत्र जाँच की माँग पर अडिग है। फरार पति समर्थ सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी।

मुख्य बातें

एम्स भोपाल की बेल्ट रिपोर्ट ने ट्विशा शर्मा की मौत में प्रथम दृष्टया आत्महत्या के एंगल की पुष्टि की है।
सहायक पुलिस आयुक्त रजनीश कश्यप ने माना कि बेल्ट को बरामदगी के दो दिन बाद एम्स भेजा गया था।
फरार पति, वकील समर्थ सिंह , के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी; क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को पासपोर्ट जब्ती की सूचना दी गई।
परिवार ने भोपाल जिला न्यायालय में पार्थिव शरीर को एम्स नई दिल्ली भेजने और दूसरे पोस्टमार्टम की अनुमति माँगी; बुधवार को फैसला संभव।
ट्विशा ( 31 वर्ष ) शादी के पाँच महीने बाद 12 मई को भोपाल के ससुराल में फाँसी पर लटकी मिली थीं; पार्थिव शरीर आठ दिन बाद भी एम्स भोपाल में।

भोपाल में 12 मई को अपने ससुराल में फांसी पर लटकी पाई गईं 31 वर्षीय पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत की जाँच में एक अहम मोड़ आया है। अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल द्वारा घटनास्थल से बरामद बेल्ट की जाँच रिपोर्ट प्रथम दृष्टया आत्महत्या के एंगल की ओर इशारा करती है। यह जानकारी सहायक पुलिस आयुक्त रजनीश कश्यप ने मंगलवार, 19 मई को दी।

एम्स रिपोर्ट और फोरेंसिक प्रक्रिया

सहायक पुलिस आयुक्त कश्यप के अनुसार, फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला ने बेल्ट को जब्त कर एम्स को जाँच के लिए भेजा था। एम्स की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है और इसे अब फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला को आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राथमिक रिपोर्ट को सहायक साक्ष्यों से समर्थन मिला है।

हालाँकि, कश्यप ने स्वयं स्वीकार किया कि बेल्ट बरामद होने के दो दिन बाद उसे एम्स भेजा गया था — एक तथ्य जो परिवार की आपत्तियों के केंद्र में है।

परिवार के गंभीर आरोप

ट्विशा के परिवार ने जाँच प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि जाँच अधिकारी ने कथित तौर पर फाँसी में इस्तेमाल की गई बेल्ट को जाँच के दौरान डॉक्टरों के सामने पेश नहीं किया, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्य की विश्वसनीयता प्रभावित हुई।

यह ऐसे समय में आया है जब परिवार पहले पोस्टमार्टम में खामियाँ बताते हुए एम्स नई दिल्ली में दूसरा पोस्टमार्टम कराने की माँग कर रहा है। ट्विशा का पार्थिव शरीर मृत्यु के आठ दिन बाद भी एम्स भोपाल में ही है, क्योंकि परिवार अंतिम संस्कार करने से इनकार कर रहा है।

न्यायालय में अर्जी

ट्विशा के परिवार ने मंगलवार को भोपाल जिला न्यायालय में एक आवेदन दायर कर पार्थिव शरीर को एम्स नई दिल्ली में दूसरे पोस्टमार्टम के लिए स्थानांतरित करने की अनुमति माँगी है। न्यायालय बुधवार को इस आवेदन पर फैसला सुना सकता है। परिवार ने यह भी माँग की है कि जाँच मध्य प्रदेश से बाहर की किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए।

पति समर्थ सिंह के खिलाफ कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि ट्विशा के फरार पति, वकील समर्थ सिंह, की तलाश में लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके अलावा, क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को उनके पासपोर्ट की जब्ती के संबंध में औपचारिक सूचना दे दी गई है और सहयोग के लिए संपर्क किया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 31 वर्षीय पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा अपनी शादी के महज पाँच महीने बाद, 12 मई को भोपाल स्थित ससुराल में फाँसी पर लटकी पाई गई थीं। यह मामला प्रक्रियागत खामियों और परिवार की माँगों के कारण जटिल होता जा रहा है। जाँच का अगला मोड़ न्यायालय के बुधवार के फैसले पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह मामला सिर्फ मौत के कारण तक सीमित नहीं रहा — यह जाँच प्रक्रिया की विश्वसनीयता का सवाल बन चुका है। जब स्वयं पुलिस अधिकारी यह स्वीकार करते हैं कि अहम साक्ष्य दो दिन देरी से भेजा गया, तो परिवार की आपत्तियाँ निराधार नहीं लगतीं। शादी के पाँच महीने के भीतर एक युवा महिला की मौत, फरार पति, और प्रक्रियागत चूकें — ये मिलकर ऐसी परिस्थिति बनाते हैं जहाँ पुलिस का 'आत्महत्या' का निष्कर्ष न्यायालय की स्वतंत्र निगरानी के बिना जनता का भरोसा नहीं जीत सकता। बुधवार का न्यायालयी फैसला इस मामले की दिशा तय करेगा।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्विशा शर्मा की मौत कब और कहाँ हुई?
31 वर्षीय पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में फाँसी पर लटकी पाई गईं, जो उनकी शादी के महज पाँच महीने बाद हुआ। उनका पार्थिव शरीर मृत्यु के आठ दिन बाद भी एम्स भोपाल में है।
एम्स की रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
एम्स भोपाल द्वारा घटनास्थल से बरामद बेल्ट की जाँच रिपोर्ट प्रथम दृष्टया आत्महत्या के एंगल की पुष्टि करती है। सहायक पुलिस आयुक्त रजनीश कश्यप के अनुसार, इस रिपोर्ट में सहायक साक्ष्य मौजूद हैं और इसे अब फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला को भेजा जाएगा।
परिवार ने जाँच पर क्या आपत्तियाँ जताई हैं?
परिवार का आरोप है कि जाँच अधिकारी ने कथित तौर पर फाँसी में इस्तेमाल बेल्ट को जाँच के दौरान डॉक्टरों के सामने पेश नहीं किया, जिससे साक्ष्य की अहमियत प्रभावित हुई। परिवार पहले पोस्टमार्टम में खामियाँ बताते हुए एम्स नई दिल्ली में दूसरे पोस्टमार्टम और मध्य प्रदेश से बाहर की स्वतंत्र एजेंसी से जाँच की माँग कर रहा है।
पति समर्थ सिंह के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है?
पुलिस ने फरार पति, वकील समर्थ सिंह, की तलाश में लुकआउट नोटिस जारी किया है। इसके अलावा, क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को उनके पासपोर्ट की जब्ती के लिए औपचारिक रूप से सूचित किया गया है।
मामले में अदालत की क्या भूमिका है?
ट्विशा के परिवार ने मंगलवार को भोपाल जिला न्यायालय में आवेदन दायर कर पार्थिव शरीर को एम्स नई दिल्ली भेजने और दूसरा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति माँगी है। न्यायालय बुधवार को इस आवेदन पर फैसला सुना सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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