6 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अभिषेक बनर्जी की 17 संपत्तियों पर KMC नोटिस के बाद ममता ने बुलाई आपात पार्षद बैठक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अभिषेक बनर्जी की 17 संपत्तियों पर KMC नोटिस के बाद ममता ने बुलाई आपात पार्षद बैठक

सारांश

अभिषेक बनर्जी की 17 संपत्तियों पर KMC के नोटिस ने TMC में भूचाल ला दिया है। ममता बनर्जी ने आपात पार्षद बैठक बुलाई है क्योंकि नगर आयुक्त मेयर और MMIC को नजरअंदाज कर राज्य सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं — यह TMC-नियंत्रित KMC के भीतर एक असामान्य प्रशासनिक टकराव है।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी ने KMC के सभी पार्षदों की आपात बैठक बुलाई, अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों पर नोटिस के बाद।
KMC ने KMC एक्ट 1980 की धारा 400(1) के तहत 17 संपत्तियों पर नोटिस जारी किए, जिनमें 2 आवासीय संपत्तियाँ भी शामिल हैं।
नगर आयुक्त स्मित पांडे पर आरोप है कि वे मेयर और MMIC को दरकिनार कर नगर विकास मंत्रालय के निर्देशों पर काम कर रहे हैं।
मेयर फिरहाद हकीम ने माना कि उन्हें नोटिस कार्रवाई की पूर्व जानकारी नहीं थी।
188A हरीश मुखर्जी रोड स्थित संपत्ति पर नया नोटिस; 'लीप्स एंड बाउंड्स इंफ्रा कंसल्टेंट' से जुड़े कथित अवैध निर्माण का आरोप।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता नगर निगम (KMC) के सभी पार्षदों की एक आपात बैठक बुलाई है। यह बैठक उनके भतीजे और TMC सांसद अभिषेक बनर्जी की कई संपत्तियों पर पिछले सात दिनों में KMC द्वारा जारी लगातार नोटिसों के बाद बुलाई गई है। KMC बोर्ड TMC के नियंत्रण में है, जिससे यह टकराव पार्टी के भीतर प्रशासनिक संघर्ष का रूप ले रहा है।

बैठक का मुख्य एजेंडा

KMC में एक पार्टी पार्षद के अनुसार, बैठक का मुख्य उद्देश्य मौजूदा स्थिति पर विचार-विमर्श करना है। पार्टी का आरोप है कि KMC की नौकरशाही निर्वाचित पार्षदों, मेयर और मेयर-इन-काउंसिल (MMIC) को दरकिनार कर नगर विकास मंत्रालय के निर्देशों पर स्वतंत्र रूप से काम कर रही है।

पार्टी पार्षद ने कहा, "नगर आयुक्त स्मित पांडे ने शुक्रवार को होने वाली नगर निगम की बैठक रद्द कर दी है। प्रशासन राज्य सरकार के निर्देशों पर बिना मेयर और MMIC से सलाह-मशविरा किए स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए हमारे शीर्ष नेता ने सभी पार्षदों की यह महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है।"

17 संपत्तियों पर नोटिस — क्या है मामला

इस सप्ताह की शुरुआत में KMC अधिकारियों ने अभिषेक बनर्जी से जुड़ी या सह-स्वामित्व वाली कई संपत्तियों की जाँच शुरू की। निगम ने KMC एक्ट 1980 की धारा 400(1) के तहत 17 संपत्तियों पर नोटिस जारी किए हैं, जिसमें कथित अवैध निर्माणों के मालिकों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। इन नोटिसों की प्रतियाँ संबंधित संपत्तियों की दीवारों पर चिपकाई गई हैं। अभिषेक बनर्जी की दो आवासीय संपत्तियाँ भी जाँच के दायरे में हैं।

हरीश मुखर्जी रोड संपत्ति पर नया विवाद

22 मई को KMC के असेसर-कलेक्टर (साउथ) कार्यालय ने 188A हरीश मुखर्जी रोड स्थित अभिषेक बनर्जी की संपत्ति को लेकर एक और नोटिस जारी किया। KMC रिकॉर्ड के अनुसार, यह संपत्ति पहले एक निजी कंपनी के नाम पर दर्ज थी, जिसे बाद में 'लीप्स एंड बाउंड्स इंफ्रा कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड' नाम दिया गया। आरोप है कि पुरानी इमारत को तोड़कर वहाँ नया भवन 'संतिनिकेतन' बनाया गया, लेकिन संपत्ति को अभी भी 'ओनर ऑकूपाइड' के रूप में दर्ज रखा गया है।

मेयर फिरहाद हकीम की प्रतिक्रिया

KMC के मेयर फिरहाद हकीम — जो चार बार के विधायक और पूर्व मंत्री हैं — ने कहा कि उन्हें इस कार्रवाई की पूर्व जानकारी नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर आयुक्त अपने अधिकारों के तहत बिना मेयर को सूचित किए नोटिस जारी कर सकते हैं। गौरतलब है कि KMC बोर्ड पर TMC का पूर्ण नियंत्रण है, ऐसे में यह स्वीकारोक्ति पार्टी के भीतर प्रशासनिक दरार की ओर संकेत करती है।

आगे क्या होगा

ममता बनर्जी की बुलाई बैठक यह तय करेगी कि TMC पार्षद नगर आयुक्त की स्वायत्त कार्रवाई को किस तरह से संबोधित करते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अभिषेक बनर्जी पहले से ही कई जाँच एजेंसियों की नजर में हैं। आने वाले दिनों में KMC की नोटिस प्रक्रिया और पार्टी की प्रतिक्रिया राज्य की राजनीति पर गहरा असर डाल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह TMC के भीतर सत्ता-संघर्ष का आईना है। KMC बोर्ड पर TMC का पूर्ण नियंत्रण होने के बावजूद नगर आयुक्त का मेयर को सूचित किए बिना नोटिस जारी करना यह दर्शाता है कि नगर विकास मंत्रालय — जो राज्य सरकार के अधीन है — ने निर्वाचित प्रतिनिधियों की परवाह किए बगैर सीधी कार्रवाई की। सवाल यह है कि क्या यह ममता बनर्जी की जानकारी में हुआ, या यह उनकी पार्टी के भीतर अभिषेक-विरोधी धड़े की स्वायत्त चाल है। मुख्यधारा की कवरेज इसे महज कानूनी नोटिस की खबर बना रही है, जबकि असली कहानी TMC की आंतरिक राजनीति और 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले अभिषेक बनर्जी की स्थिति को लेकर है।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी ने KMC पार्षदों की आपात बैठक क्यों बुलाई?
ममता बनर्जी ने यह बैठक इसलिए बुलाई क्योंकि KMC के नगर आयुक्त ने उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी की 17 संपत्तियों पर नोटिस जारी किए, और मेयर व MMIC को इसकी जानकारी नहीं दी गई। पार्टी का आरोप है कि नौकरशाही निर्वाचित प्रतिनिधियों को नजरअंदाज कर नगर विकास मंत्रालय के निर्देशों पर काम कर रही है।
KMC ने अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों पर कितने नोटिस जारी किए हैं?
KMC ने KMC एक्ट 1980 की धारा 400(1) के तहत अभिषेक बनर्जी से जुड़ी या सह-स्वामित्व वाली 17 संपत्तियों पर नोटिस जारी किए हैं, जिनमें 2 आवासीय संपत्तियाँ भी शामिल हैं। इन नोटिसों की प्रतियाँ संबंधित संपत्तियों की दीवारों पर चिपकाई गई हैं।
188A हरीश मुखर्जी रोड की संपत्ति पर क्या विवाद है?
KMC रिकॉर्ड के अनुसार, यह संपत्ति पहले एक निजी कंपनी के नाम पर थी जिसे बाद में 'लीप्स एंड बाउंड्स इंफ्रा कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड' नाम दिया गया। आरोप है कि पुरानी इमारत तोड़कर नया भवन 'संतिनिकेतन' बनाया गया, लेकिन संपत्ति को अभी भी 'ओनर ऑकूपाइड' के रूप में दर्ज रखा गया है।
मेयर फिरहाद हकीम ने KMC की नोटिस कार्रवाई पर क्या कहा?
मेयर फिरहाद हकीम ने स्वीकार किया कि उन्हें इस कार्रवाई की पूर्व जानकारी नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर आयुक्त अपने अधिकारों के तहत बिना मेयर को सूचित किए नोटिस जारी कर सकते हैं।
KMC एक्ट 1980 की धारा 400(1) क्या है?
KMC एक्ट 1980 की धारा 400(1) के तहत नगर निगम कथित अवैध निर्माणों के मालिकों को नोटिस जारी कर सकता है और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर देता है। यह धारा संपत्ति मालिकों को कार्रवाई से पहले सुनवाई का अधिकार देती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले