नासिक में बादल फटने का खतरा, मुंबई में रेड अलर्ट; CM फडणवीस ने 8 जुलाई तक हाई अलर्ट का ऐलान किया
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार, 6 जुलाई को चेतावनी दी कि नासिक में बादल फटने की प्रबल आशंका है और मुंबई के निचले इलाकों में हाई टाइड के दौरान भारी जलभराव तथा स्थानीय बाढ़ आ सकती है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को नासिक में 300 मिमी वर्षा का अनुमान लगाया है, जो मुख्यतः बादल फटने के कारण होगी। राज्यभर में यह हाई अलर्ट की स्थिति 8 जुलाई तक बनी रहेगी।
मौसम का मिज़ाज और अलर्ट की स्थिति
IMD ने मुंबई के लिए पहले जारी 'ऑरेंज अलर्ट' को सोमवार को 'रेड अलर्ट' में बदल दिया, क्योंकि हालात तेज़ी से बिगड़ते दिखे। पुणे, रायगढ़, ठाणे और पालघर जिलों के लिए भी 'रेड अलर्ट' जारी है। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब एक गहरे डिप्रेशन में तब्दील हो चुका है, जिसका मुख्य असर कोंकण तट पर पड़ रहा है। इस कारण हवाओं की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँचने की आशंका है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि मुंबई में पिछले चार दिनों में महीने के औसत के बराबर बारिश हो चुकी है और यह लगातार पाँचवाँ दिन है जब शहर में भारी वर्षा दर्ज की जा रही है।
बुनियादी ढाँचे पर असर — सड़क, रेल और राजमार्ग
मुंबई-गोवा हाईवे पर काशेड़ी घाट में बड़े भूस्खलन के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है और मलबा हटाने का काम जारी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस हाईवे पर आठ अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन की अभूतपूर्व घटनाएँ हुई हैं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर आपातकालीन दल लगभग 100 टन मलबा हटाने में जुटे हैं; फिलहाल पुणे की ओर जाने वाली तीन लेन चालू रखी गई हैं।
पालघर जिले में निचले इलाकों में जलभराव के कारण गुजरात से आने वाली ट्रेनें रोकनी पड़ी हैं। निर्माणाधीन अहमदाबाद-मुंबई हाईवे पर भी पानी जमा होने की खबर है।
मानखुर्द हादसा और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मानखुर्द में एक झुग्गी बस्ती में ढाँचा ढहने से छह लोगों की मौत हो जाने के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, "हमने सभी क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है।" आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन के साथ मौजूद मुख्यमंत्री ने मॉनसून की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की और आपदा प्रबंधन सेल, जिला कलेक्टरों तथा मंडल प्रशासन के बचाव व राहत कार्यों का जायज़ा लिया।
नासिक के लिए विशेष रूप से मुख्यमंत्री ने कहा, "बादल फटने जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नासिक शहर, पूरे जिले और ग्रामीण इलाकों में व्यापक उपाय किए गए हैं।"
नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर, रायगढ़ और महाबलेश्वर में असाधारण वर्षा
सावित्री नदी सहित चार अन्य प्रमुख नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, हालाँकि मुख्यमंत्री ने बताया कि अधिकारियों ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। रायगढ़ में जन-जीवन पूरी तरह प्रभावित है, जबकि महाबलेश्वर और लोनावला में वर्षा का स्तर मौसमी औसत से काफी अधिक दर्ज किया गया है।
नागरिकों के लिए चेतावनी और सावधानियाँ
मुख्यमंत्री फडणवीस ने नागरिकों से अपील की कि जब तक अत्यंत आवश्यक न हो, यात्रा से बचें। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को सचेत करते हुए कहा कि इस खतरनाक मौसम में झरनों या ट्रैकिंग स्थलों पर न जाएँ। दोपहर से देर रात तक 90 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएँ चलने की आशंका को देखते हुए बड़े पैमाने पर पेड़ उखड़ने और टहनियाँ गिरने की घटनाओं की भी चेतावनी दी गई है। राज्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 8 जुलाई तक पूरे महाराष्ट्र में हाई अलर्ट बना रहेगा।