6 जुलाई 2026
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नासिक में बादल फटने का खतरा, मुंबई में रेड अलर्ट; CM फडणवीस ने 8 जुलाई तक हाई अलर्ट का ऐलान किया

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नासिक में बादल फटने का खतरा, मुंबई में रेड अलर्ट; CM फडणवीस ने 8 जुलाई तक हाई अलर्ट का ऐलान किया

सारांश

मुंबई में लगातार पाँचवें दिन भारी बारिश, रेड अलर्ट और हाई टाइड का तिहरा संकट। नासिक में 300 मिमी बादल फटने का खतरा, आठ जगह भूस्खलन, मानखुर्द में छह मौतें — और CM फडणवीस का 8 जुलाई तक हाई अलर्ट का ऐलान। महाराष्ट्र का यह मॉनसून असाधारण रूप से आक्रामक है।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 6 जुलाई को नासिक में बादल फटने की चेतावनी जारी की; IMD ने मंगलवार को 300 मिमी बारिश का अनुमान दिया।
मुंबई में 'ऑरेंज अलर्ट' को 'रेड अलर्ट' में बदला गया; पुणे, रायगढ़, ठाणे, पालघर भी रेड अलर्ट पर।
बंगाल की खाड़ी में गहरे डिप्रेशन के कारण हवाओं की रफ्तार 90 किमी/घंटे तक पहुँचने की आशंका।
मानखुर्द में ढाँचा ढहने से 6 लोगों की मौत ; सावित्री नदी सहित पाँच नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर।
मुंबई-गोवा हाईवे पर 8 जगह भूस्खलन ; मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 100 टन मलबा हटाने का काम जारी।
राज्यभर में हाई अलर्ट 8 जुलाई तक लागू; नागरिकों से अनावश्यक यात्रा और ट्रैकिंग से बचने की अपील।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार, 6 जुलाई को चेतावनी दी कि नासिक में बादल फटने की प्रबल आशंका है और मुंबई के निचले इलाकों में हाई टाइड के दौरान भारी जलभराव तथा स्थानीय बाढ़ आ सकती है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को नासिक में 300 मिमी वर्षा का अनुमान लगाया है, जो मुख्यतः बादल फटने के कारण होगी। राज्यभर में यह हाई अलर्ट की स्थिति 8 जुलाई तक बनी रहेगी।

मौसम का मिज़ाज और अलर्ट की स्थिति

IMD ने मुंबई के लिए पहले जारी 'ऑरेंज अलर्ट' को सोमवार को 'रेड अलर्ट' में बदल दिया, क्योंकि हालात तेज़ी से बिगड़ते दिखे। पुणे, रायगढ़, ठाणे और पालघर जिलों के लिए भी 'रेड अलर्ट' जारी है। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब एक गहरे डिप्रेशन में तब्दील हो चुका है, जिसका मुख्य असर कोंकण तट पर पड़ रहा है। इस कारण हवाओं की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँचने की आशंका है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि मुंबई में पिछले चार दिनों में महीने के औसत के बराबर बारिश हो चुकी है और यह लगातार पाँचवाँ दिन है जब शहर में भारी वर्षा दर्ज की जा रही है।

बुनियादी ढाँचे पर असर — सड़क, रेल और राजमार्ग

मुंबई-गोवा हाईवे पर काशेड़ी घाट में बड़े भूस्खलन के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है और मलबा हटाने का काम जारी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस हाईवे पर आठ अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन की अभूतपूर्व घटनाएँ हुई हैं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर आपातकालीन दल लगभग 100 टन मलबा हटाने में जुटे हैं; फिलहाल पुणे की ओर जाने वाली तीन लेन चालू रखी गई हैं।

पालघर जिले में निचले इलाकों में जलभराव के कारण गुजरात से आने वाली ट्रेनें रोकनी पड़ी हैं। निर्माणाधीन अहमदाबाद-मुंबई हाईवे पर भी पानी जमा होने की खबर है।

मानखुर्द हादसा और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

मानखुर्द में एक झुग्गी बस्ती में ढाँचा ढहने से छह लोगों की मौत हो जाने के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, "हमने सभी क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है।" आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन के साथ मौजूद मुख्यमंत्री ने मॉनसून की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की और आपदा प्रबंधन सेल, जिला कलेक्टरों तथा मंडल प्रशासन के बचाव व राहत कार्यों का जायज़ा लिया।

नासिक के लिए विशेष रूप से मुख्यमंत्री ने कहा, "बादल फटने जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नासिक शहर, पूरे जिले और ग्रामीण इलाकों में व्यापक उपाय किए गए हैं।"

नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर, रायगढ़ और महाबलेश्वर में असाधारण वर्षा

सावित्री नदी सहित चार अन्य प्रमुख नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, हालाँकि मुख्यमंत्री ने बताया कि अधिकारियों ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। रायगढ़ में जन-जीवन पूरी तरह प्रभावित है, जबकि महाबलेश्वर और लोनावला में वर्षा का स्तर मौसमी औसत से काफी अधिक दर्ज किया गया है।

नागरिकों के लिए चेतावनी और सावधानियाँ

मुख्यमंत्री फडणवीस ने नागरिकों से अपील की कि जब तक अत्यंत आवश्यक न हो, यात्रा से बचें। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को सचेत करते हुए कहा कि इस खतरनाक मौसम में झरनों या ट्रैकिंग स्थलों पर न जाएँ। दोपहर से देर रात तक 90 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएँ चलने की आशंका को देखते हुए बड़े पैमाने पर पेड़ उखड़ने और टहनियाँ गिरने की घटनाओं की भी चेतावनी दी गई है। राज्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 8 जुलाई तक पूरे महाराष्ट्र में हाई अलर्ट बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस बुनियादी ढाँचागत भेद्यता की परीक्षा है जो हर मॉनसून में उजागर होती है। काशेड़ी घाट पर आठ भूस्खलन और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 100 टन मलबा यह सवाल उठाते हैं कि पहाड़ी राजमार्गों पर आपदा-रोधी निर्माण मानकों का पालन कितना हो रहा है। मानखुर्द में झुग्गी बस्ती का ढाँचा ढहना और छह मौतें यह याद दिलाती हैं कि जलवायु जोखिम का सबसे भारी बोझ सबसे कमज़ोर तबके पर पड़ता है। प्रशासनिक सतर्कता और समीक्षाएँ ज़रूरी हैं, लेकिन दीर्घकालिक जवाब तैयारी में नहीं, बल्कि शहरी नियोजन और भूमि-उपयोग नीति में निहित है।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नासिक में बादल फटने की चेतावनी क्यों जारी की गई है?
IMD ने मंगलवार को नासिक में बादल फटने के कारण 300 मिमी बारिश का अनुमान लगाया है। बंगाल की खाड़ी में बना गहरा डिप्रेशन कोंकण तट पर सक्रिय है, जिससे अत्यधिक वर्षा की स्थितियाँ बन रही हैं।
मुंबई में रेड अलर्ट का क्या मतलब है और किन जिलों पर असर है?
रेड अलर्ट का अर्थ है अत्यधिक भारी वर्षा की प्रबल आशंका और नागरिकों को घर के अंदर रहने की सलाह। मुंबई के अलावा पुणे, रायगढ़, ठाणे और पालघर जिलों के लिए भी रेड अलर्ट जारी है।
मुंबई के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा क्यों बढ़ गया है?
CM फडणवीस के अनुसार मुंबई के तट पर हाई टाइड आने वाली है। यदि उस दौरान भारी बारिश जारी रही, तो निचले इलाकों में भारी जलभराव और स्थानीय बाढ़ की पूरी आशंका है।
महाराष्ट्र में हाई अलर्ट कब तक रहेगा और प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
राज्यभर में हाई अलर्ट 8 जुलाई तक लागू रहेगा। CM फडणवीस ने आपदा प्रबंधन सेल, जिला कलेक्टरों और मंडल प्रशासन के राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की है और नासिक शहर, जिले व ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष तैयारी की गई है।
मुंबई-गोवा हाईवे और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की क्या स्थिति है?
मुंबई-गोवा हाईवे पर काशेड़ी घाट सहित आठ स्थानों पर भूस्खलन से यातायात ठप है और मलबा हटाने का काम जारी है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर आपातकालीन दल लगभग 100 टन मलबा हटा रहे हैं; पुणे की ओर तीन लेन चालू हैं।
राष्ट्र प्रेस
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