6 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

इंद्रायणी बाढ़: CM फडणवीस ने वारकरियों से आलंदी-देहू न जाने की अपील, चारों पुल डूबे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
इंद्रायणी बाढ़: CM फडणवीस ने वारकरियों से आलंदी-देहू न जाने की अपील, चारों पुल डूबे

सारांश

इंद्रायणी नदी में उफान से आलंदी के चारों पुल डूब गए हैं — ठीक वारी के मौसम में। CM फडणवीस ने लाखों श्रद्धालुओं से सीधी अपील की: देहू-आलंदी नहीं, पुणे में रहें। NDRF-SDRF तैनात, हर तीन घंटे पर SMS अलर्ट जारी।

मुख्य बातें

इंद्रायणी नदी में बाढ़ से आलंदी के चारों पुल पूरी तरह जलमग्न, तीर्थनगरी तक पहुँचना असुरक्षित।
CM देवेंद्र फडणवीस ने 6 जुलाई को वारकरियों से देहू और आलंदी न जाने की अपील की; पुणे में 'वारी' में शामिल होने का आग्रह।
IMD ने कई ज़िलों के लिए रेड अलर्ट जारी; 70-90 किमी/घंटा की हवाओं से पेड़ गिरे, इमारतों को नुकसान।
NDRF , SDRF और स्थानीय निकाय पूरी क्षमता से तैनात; प्रभावित इलाकों में हर 3 घंटे पर SMS अलर्ट।
आपातकालीन हेल्पलाइन — राज्य: 1070 , ज़िला: 1077 , मोबाइल: 09321587143 चालू।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार, 6 जुलाई को इंद्रायणी नदी में आई विकराल बाढ़ के मद्देनज़र वारकरियों और श्रद्धालुओं से तत्काल अपील जारी की कि वे आलंदी और देहू की ओर न बढ़ें और जहाँ हैं वहीं सुरक्षित रुक जाएँ। आलंदी को जोड़ने वाले चारों पुल पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे तीर्थनगरी तक पहुँचना फ़िलहाल जानलेवा हो गया है।

मुख्यमंत्री की सीधी अपील

मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'वारकरियों और नागरिकों को प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों के निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए।' उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे देहू और आलंदी जाने के बजाय पुणे शहर में आयोजित 'वारी' जुलूस में ही सम्मिलित हों। जो वारकरी दल पुणे पहुँच चुके हैं, उन्हें शहर की सीमा के भीतर ही रहने का निर्देश दिया गया है।

बाढ़ की स्थिति और मौसम अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र के कई ज़िलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। 70 से 90 किमी/घंटा की रफ़्तार से चलने वाली आँधी-तूफ़ानी हवाओं ने पहले ही व्यापक तबाही मचाई है — कई पेड़ धराशायी हुए हैं और इमारतों को भारी क्षति पहुँची है। राज्य विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी आपातकालीन सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

राहत एवं बचाव तंत्र

मुख्यमंत्री फडणवीस ने घोषणा की कि नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) और स्थानीय निकाय पूरी क्षमता के साथ मैदान में हैं। उन्होंने कहा, 'हम एक गंभीर और लगातार बदलते प्राकृतिक संकट का सामना कर रहे हैं। अभी हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता जान-माल के नुकसान को रोकना और बचाव कार्य चलाना है।' प्रशासन को भूस्खलन की आशंका वाले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के विशेष निर्देश दिए गए हैं।

SMS अलर्ट और हेल्पलाइन नंबर

राज्य के स्वचालित तंत्र के ज़रिये सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में फँसे लोगों को हर तीन घंटे में सीधे आपातकालीन SMS अलर्ट भेजे जा रहे हैं। नागरिकों को केवल आधिकारिक स्रोतों की जानकारी पर भरोसा करने और अफ़वाहों से बचने की सलाह दी गई है। आपातकालीन सहायता के लिए निम्नलिखित नंबर चालू हैं — राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम (टोल-फ्री): 1070; मोबाइल: 09321587143; टेलीफोन: 022-22027990 / 022-22794229; ज़िला स्तरीय कंट्रोल रूम (टोल-फ्री): 1077

आगे क्या

बाढ़ का स्तर कम होने तक वारकरी यात्रा पर अनिश्चितकालीन रोक बनी रह सकती है। प्रशासन स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है और पुलों के सुरक्षित होने पर ही तीर्थयात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती उन हज़ारों वारकरियों तक पहुँचना है जो पहले से रास्ते में हैं और जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है। यह घटना राज्य के आपदा-प्रबंधन ढाँचे की उस पुरानी कमज़ोरी को भी उजागर करती है — तीर्थ-सीज़न और मानसून की परिणति एक साथ होती है, फिर भी हर साल तैयारी प्रतिक्रियात्मक रहती है।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंद्रायणी नदी में बाढ़ के कारण आलंदी की स्थिति क्या है?
इंद्रायणी नदी में भारी बाढ़ आने से आलंदी को जोड़ने वाले चारों पुल पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं, जिससे तीर्थनगरी तक पहुँचना फ़िलहाल पूरी तरह असुरक्षित है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को वहाँ न जाने की सख्त हिदायत दी है।
CM फडणवीस ने वारकरियों को क्या सलाह दी है?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वारकरियों से अपील की है कि वे देहू और आलंदी न जाएँ और इसके बजाय पुणे शहर में आयोजित 'वारी' जुलूस में शामिल हों। जो दल पुणे पहुँच चुके हैं, उन्हें शहर की सीमा के भीतर ही रहने का निर्देश दिया गया है।
महाराष्ट्र बाढ़ के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर क्या हैं?
राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का टोल-फ्री नंबर 1070 है; मोबाइल नंबर 09321587143 और टेलीफोन 022-22027990 तथा 022-22794229 भी उपलब्ध हैं। ज़िला स्तरीय सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।
महाराष्ट्र में बाढ़ राहत के लिए कौन-सी टीमें तैनात हैं?
NDRF, SDRF और स्थानीय निकाय पूरी क्षमता के साथ मैदान में हैं। राज्य का स्वचालित तंत्र सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में हर तीन घंटे पर सीधे SMS अलर्ट भेज रहा है।
IMD ने महाराष्ट्र के लिए किस स्तर का अलर्ट जारी किया है?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र के कई ज़िलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। 70 से 90 किमी/घंटा की रफ़्तार से चलने वाली हवाओं ने पहले ही पेड़ गिराए हैं और इमारतों को नुकसान पहुँचाया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 52 मिनट पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 6 घंटे पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले