मुंबई बारिश में 12 से अधिक मौतें, AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने BMC और ट्रिपल इंजन सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में 6 जुलाई 2026 को लगातार चौथे दिन भारी बारिश के कारण शहर में बाढ़, पेड़ गिरने और इमारत ढहने की घटनाओं में 12 से अधिक लोगों की मौत हो गई। इस त्रासदी के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने महाराष्ट्र सरकार और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) पर तीखा हमला बोला। पठान ने इसे केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता का परिणाम बताया।
मुख्य घटनाक्रम
शहर के विभिन्न इलाकों से मौत और तबाही की खबरें आती रहीं। एक बस पर पेड़ गिरने से 11 वर्षीय बच्चे की जान चली गई। मानखुर्द में एक तीन मंजिला इमारत के ढहने से कई लोगों की मौत हुई, जिनमें मासूम बच्चे भी शामिल थे। खुले मैनहोल में गिरने से भी एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। इसके अलावा मिसिंग लिंक परियोजना के निर्माण स्थल पर भूस्खलन के कारण यातायात बाधित रहा और नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वारिस पठान की प्रतिक्रिया
वारिस पठान ने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले ट्रिपल इंजन सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए थे और तैयारियों का प्रदर्शन भी किया था, लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके उलट निकली। उन्होंने आरोप लगाया कि सीवरेज व ड्रेनेज व्यवस्था को समय पर दुरुस्त नहीं किया गया और पेड़ों का सुरक्षा ऑडिट भी नहीं कराया गया।
पठान ने कहा, मिसिंग लिंक परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बुनियादी ढाँचे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने माँग की कि मुंबई के विकास के लिए स्वीकृत बजट के खर्च का हिसाब जनता के सामने रखा जाए। उनके अनुसार केवल मुआवजा देने या निचले स्तर के अधिकारियों को निलंबित करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा — वरिष्ठ प्रशासनिक नेतृत्व की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
राम मंदिर ट्रस्ट विवाद पर पठान का रुख
राम मंदिर ट्रस्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर पठान ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा विषय है और यदि कोई अनियमितता सिद्ध होती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने किसी भी मामले में दोहरे मानदंड न अपनाने पर ज़ोर दिया।
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड विवाद
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्य को शामिल किए जाने पर पठान ने कहा कि उनकी पार्टी पहले भी इस विषय पर आपत्ति दर्ज करा चुकी है। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियाँ धार्मिक दान के रूप में स्थापित हैं और उनका संचालन वक्फ के मूल उद्देश्यों के अनुरूप होना चाहिए। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि यदि वक्फ बोर्ड में अन्य समुदाय के सदस्य शामिल किए जा सकते हैं, तो क्या अन्य धार्मिक ट्रस्टों में भी यही व्यवस्था लागू होगी। उन्होंने नए प्रावधानों का विस्तृत अध्ययन करने के बाद पूर्ण प्रतिक्रिया देने की बात कही।
आगे क्या होगा
मुंबई में बारिश का दौर अभी जारी है और मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। विपक्षी दलों ने BMC और राज्य सरकार से उच्चस्तरीय जाँच और जवाबदेही की माँग तेज़ कर दी है। गौरतलब है कि मुंबई में हर मानसून में ऐसी घटनाएँ दोहराई जाती हैं, जो दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचे की कमज़ोरियों की ओर इशारा करती हैं।