ईद-उल-अजहा पर वारिस पठान का BJP पर आरोप: मुसलमानों को परेशान कर दंगे जैसा माहौल बनाने की कोशिश
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने 28 मई 2026 को ईद-उल-अजहा के अवसर पर महाराष्ट्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है और राज्य में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश की जा रही है। पठान ने पूरे देश को ईद की मुबारकबाद देते हुए यह बात कही।
कुर्बानी की अनुमति पर विवाद
पठान ने आरोप लगाया कि कई आवासीय सोसायटियों में बकरे की कुर्बानी को लेकर मुसलमानों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'हम कई वर्षों से सोसायटियों में परमिशन लेकर बकरे लाते हैं, एक कोने में बांधते हैं और फिर कहीं ले जाकर कुर्बानी देते हैं।' उनके अनुसार, इस बार बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा पहले दी गई अनुमतियाँ भी दबाव में रद्द करवाई गईं।
BJP पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने का आरोप
पठान ने दावा किया कि 'इस बार BJP की कट्टरवादी ताकतों की मंशा थी कि हिंदू-मुसलमान के बीच तनाव पैदा करें और दंगा फैलाएं।' उन्होंने महाराष्ट्र सरकार पर दंगे जैसा माहौल बनाने की जिम्मेदारी डाली। गौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में आए हैं जब ईद के त्योहार के दौरान कई शहरों में प्रशासनिक निर्देशों को लेकर तनाव की खबरें सामने आई थीं।
नमाज और भजन-कीर्तन पर दोहरे मानदंड का सवाल
पठान ने सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर उठाए जा रहे मुद्दे पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, 'सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने की बात करते हैं, लेकिन मीरा रोड के बाहर लोग सड़कों पर भजन-कीर्तन कर रहे हैं। क्या उनके लिए कोई नियम नहीं है? क्या सारे कानून सिर्फ मुसलमानों के लिए हैं?' यह ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक आयोजनों को लेकर देशभर में बहस चल रही है।
मुख्यमंत्री से अपील
पठान ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से इस स्थिति पर ध्यान देने की अपील करते हुए कहा, 'यह सोची-समझी साजिश है। राज्य का वातावरण खराब करने की कोशिश की जा रही है।' उन्होंने ईद के संदेश को दोहराते हुए कहा कि यह त्योहार मोहब्बत और त्याग का प्रतीक है और नफरत की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि महाराष्ट्र सरकार और प्रशासन इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।