बकरीद पर कुर्बानी प्रतिबंध: वारिस पठान का VHP, बजरंग दल और BJP पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) नेता वारिस पठान ने मुंबई में बकरीद से पहले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा कुछ स्थानों पर कुर्बानी पर लगाए गए प्रतिबंधों के विरोध में 27 मई 2025 को कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद (VHP), बजरंग दल और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं पर आरोप लगाया कि वे जानबूझकर मुसलमानों के त्योहारों को निशाना बनाकर सामाजिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
सोसायटियों में 'जांच' का आरोप
पठान ने बताया कि मुंबई की कई आवासीय सोसायटियों से उनके पास फोन आए, जिनमें निवासियों ने शिकायत की कि कुछ संगठनों के लोग सोसायटी परिसरों में घुसकर यह जाँच कर रहे थे कि कहीं कुर्बानी के लिए जानवर रखे गए हैं या नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन लोगों को निजी परिसरों में इस तरह की जाँच का अधिकार किसने दिया।
पठान के अनुसार, कई सोसायटियों को पहले BMC की ओर से निर्धारित स्थान पर कुर्बानी की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में दबाव बनाकर वह अनुमति रद्द करा दी गई। उन्होंने तर्क दिया कि अगर सोसायटियों में पालतू कुत्ते रखने की अनुमति हो सकती है, तो बकरीद पर कुर्बानी के लिए जानवर रखने पर आपत्ति क्यों।
1995 से चली आ रही परंपरा पर अचानक विरोध
पठान ने कहा कि वर्षों से मुंबई में लोग मिलजुलकर त्योहार मनाते आए हैं और पहले कभी इस तरह की अड़चन नहीं आई। उनके अनुसार कई सोसायटी के निवासियों ने बताया कि 1995 से वहाँ कुर्बानी की व्यवस्था होती रही है, लेकिन इस बार अचानक विरोध शुरू हो गया। पठान ने कहा कि यह बदलाव स्वाभाविक नहीं, बल्कि संगठित तरीके से फैलाए जा रहे नफरत के माहौल का नतीजा है।
बकरीद पर उनकी व्यक्तिगत योजना और मुस्लिम धर्मगुरुओं की अपील
पठान ने कहा कि वे सुबह ईदगाह जाकर नमाज़ अदा करेंगे, लोगों से गले मिलेंगे और फिर कुर्बानी की रस्म पूरी करेंगे। इस बीच मुस्लिम धर्मगुरुओं और उलेमाओं ने अपील की है कि कुर्बानी के जानवरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा न की जाएँ और ऐसा कोई कार्य न किया जाए जिससे किसी की धार्मिक भावनाएँ आहत हों।
ताजमहल वीडियो और कानूनी समानता का सवाल
ताजमहल में कथित कीर्तन-भजन के वायरल वीडियो पर भी पठान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर उस परिसर में भजन-कीर्तन हो सकता है, तो किसी मुसलमान द्वारा नमाज़ पढ़ने पर विवाद क्यों खड़ा होता है। उनके अनुसार अगर कोई मुसलमान वहाँ कुछ मिनट नमाज़ पढ़ता, तो उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज हो जाती। उन्होंने कहा कि कानून और नियम सभी नागरिकों के लिए समान होने चाहिए।
फिलिस्तीन के लिए दुआ और शांति का संदेश
पठान ने फिलिस्तीन और गाज़ा में जारी हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि बकरीद पर वे वहाँ के निर्दोष लोगों के लिए भी दुआ करेंगे। उन्होंने कहा कि मुसलमान हमेशा अमन, शांति और भाईचारे का संदेश देते आए हैं और इस बार भी वही परंपरा जारी रहेगी। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इन विवादों को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाता है।