मुंबई में मानसून की दस्तक: रात भर 78 मिमी बारिश, IMD का ऑरेंज अलर्ट जारी
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में 24 जून 2025 को दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुँचते ही रात भर मूसलाधार बारिश हुई, जिससे शहर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार सुबह मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर और सिंधुदुर्ग के लिए तीन घंटे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया। मौसम विभाग के अनुसार शहर में औसत वर्षा 78 मिमी दर्ज की गई।
मुख्य घटनाक्रम
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने IMD के हवाले से अपनी एक्स पोस्ट में चेतावनी दी कि 'कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने और अत्यंत तेज़ बारिश की संभावना है, साथ ही 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएँ भी चल सकती हैं।' ठाणे में भारी बारिश के कारण कई वाहनों पर पेड़ गिर गए, जिसके बाद फायर ब्रिगेड और वर्तक नगर वार्ड के आपदा प्रबंधन दल ने तत्काल मौके पर पहुँचकर गिरे हुए पेड़ों को काटकर रास्ता साफ किया।
मुंबई के विक्रोली इलाके में सनहाइट्स बिल्डिंग के समीप एक लंबी रिटेनिंग वॉल ढह गई। यह दीवार इमारत और सड़क दोनों से सटी हुई थी। सौभाग्यवश इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और नगर निगम की टीम ने शीघ्र पहुँचकर मलबा साफ किया।
परिवहन और नागरिक सेवाओं पर असर
BMC के अनुसार, मुंबई के सभी प्रमुख सबवे खुले रहे और यातायात काफी हद तक सुचारू रहा। उपनगरीय रेल सेवाएँ सामान्य रूप से चलती रहीं और BEST बसों का संचालन भी बाधित नहीं हुआ। पश्चिम रेलवे ने स्पष्ट किया कि मुंबई उपनगरीय लाइन और हार्बर लाइन पर ट्रेनें नियमित समयसारिणी के अनुसार चलती रहेंगी, हालाँकि बादल छाए रहने और मध्यम से भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी।
मानसून का विस्तार
IMD ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि 'दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य अरब सागर के शेष हिस्सों, मुंबई सहित महाराष्ट्र के अतिरिक्त क्षेत्रों, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के और इलाकों में आगे बढ़ गया है।' मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ में मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं तथा आने वाले दिनों में इन राज्यों में और वर्षा की संभावना है।
सावधानी की अपील
अधिकारियों ने नागरिकों से दिन भर सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की पहली रात ही शहर में जलजमाव और संरचनात्मक क्षति जैसी घटनाएँ सामने आईं, जो मुंबई के पुराने बुनियादी ढाँचे पर मौसमी दबाव की परिचित तस्वीर है। आने वाले दिनों में मानसून की तीव्रता और बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है।