8 जुलाई 2026
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TMC में दरार: ममता की KMC बैठक में 37 पार्षद गायब, अभिषेक बनर्जी की 17 संपत्तियों पर नोटिस

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TMC में दरार: ममता की KMC बैठक में 37 पार्षद गायब, अभिषेक बनर्जी की 17 संपत्तियों पर नोटिस

सारांश

पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद TMC का संकट गहराया — ममता की KMC बैठक में 37 पार्षद नदारद रहे और अभिषेक बनर्जी की 17 संपत्तियों पर उसी KMC के नोटिस, जो TMC के नियंत्रण में है। पार्टी के भीतर शक्ति-संघर्ष अब सड़क पर आ गया है।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी द्वारा बुलाई गई 22 मई 2026 की KMC बैठक में 137 में से केवल 100 पार्षद उपस्थित हुए।
अनुपस्थित रहने वालों में MMIC सदस्य देबासिस कुमार भी शामिल, जो राशबेहारी सीट से हार चुके हैं।
KMC ने पिछले सात दिनों में अभिषेक बनर्जी की 17 संपत्तियों पर नोटिस जारी किए।
अभिषेक बनर्जी ने KMC से पहले अवैध हिस्से चिह्नित करने को कहा, तभी स्पष्टीकरण देने की बात कही।
ममता ने पार्षदों से कहा — नौकरशाही के असहयोग से निराश न हों, विरोध करें और काम जारी रखें।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी द्वारा 22 मई 2026 को बुलाई गई कोलकाता नगर निगम (KMC) पार्षदों की अहम बैठक में पार्टी के 137 में से केवल 100 पार्षद ही उपस्थित हुए — यानी 37 पार्षदों की अनुपस्थिति ने हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में TMC की करारी हार के बाद पार्टी के भीतर गहराती आंतरिक कलह को सार्वजनिक कर दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया जब KMC ने पिछले सात दिनों में TMC महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी से जुड़ी 17 संपत्तियों पर नोटिस जारी किए हैं।

बैठक में क्या हुआ

नाम न छापने की शर्त पर बैठक में शामिल एक पार्षद के अनुसार, शुक्रवार दोपहर हुई इस बैठक में केवल 100 पार्षद पहुँचे। अनुपस्थित रहने वालों में KMC के सदस्य महापौर-परिषद (MMIC) देबासिस कुमार भी शामिल थे, जो हाल के विधानसभा चुनाव में दक्षिण कोलकाता के राशबेहारी विधानसभा क्षेत्र से हार गए थे। गौरतलब है कि TMC अभी भी KMC बोर्ड में 137 पार्षदों के साथ बहुमत में है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में अनुपस्थिति को पार्टी नेतृत्व के लिए सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

ममता बनर्जी का संदेश

बैठक में उपस्थित पार्षदों के अनुसार, ममता बनर्जी ने मौजूद पार्षदों से कहा कि वे KMC की नौकरशाही व्यवस्था के असहयोग से निराश न हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचित पार्षदों, नगर अध्यक्षों, MMIC और महापौर फिरहाद हकीम के निर्देशों की अनदेखी की जा रही है। ममता ने पार्षदों को संदेश दिया — 'डरें नहीं, विरोध करें और अपनी पूरी क्षमता से काम करते रहें।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में बदलते राजनीतिक परिदृश्य के बीच पार्टी अपने जनाधार को पुनः संगठित करने की कोशिश में है।

अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों पर नोटिस विवाद

KMC द्वारा जारी नोटिसों में TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी के स्वामित्व या सह-स्वामित्व वाली 17 संपत्तियाँ शामिल हैं। इनमें दक्षिण कोलकाता के हरीश मुखर्जी रोड स्थित उनका आवास भी है, जो कालीघाट में ममता बनर्जी के आवास के निकट है। यह पहली बार है जब KMC — जो स्वयं TMC के नियंत्रण में है — ने पार्टी के इतने वरिष्ठ नेता की संपत्तियों पर इस तरह की कार्रवाई की है, जिससे पार्टी के भीतर गुटबाजी की अटकलें तेज हो गई हैं।

अभिषेक बनर्जी की प्रतिक्रिया

अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार दोपहर इन नोटिसों पर अपनी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि KMC अधिकारियों को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि भवन के कौन से हिस्से अवैध हैं। उन्होंने कहा, 'जो लोग मुझसे ये सवाल पूछ रहे हैं, उन्हें पहले ये सवाल KMC अधिकारियों से पूछना चाहिए। अगर KMC जवाब देती है, तो मैं अपना स्पष्टीकरण दूंगा। उन्हें भवन के उन हिस्सों को चिह्नित करने दें जिनका निर्माण अवैध रूप से किया गया है — उसके बाद मैं अपना स्पष्टीकरण दूंगा।' उनका यह बयान पार्टी के भीतर चल रहे शक्ति-संघर्ष के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आगे क्या होगा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में हार के बाद TMC अपने संगठन को पुनर्गठित करने की प्रक्रिया में है। KMC में पार्षदों की इस बड़े पैमाने पर अनुपस्थिति और अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों पर नोटिस — दोनों घटनाएँ मिलकर पार्टी नेतृत्व के सामने एक जटिल आंतरिक संकट खड़ा कर रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पार्टी इस दरार को पाटती है या यह और गहरी होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अब यह संस्थागत स्तर पर दिखने लगी है। 37 पार्षदों की अनुपस्थिति को महज व्यस्तता नहीं माना जा सकता — यह एक संदेश है। मुख्यधारा की कवरेज जो नज़रअंदाज़ कर रही है वह यह है कि KMC में बहुमत के बावजूद TMC का संगठनात्मक अनुशासन दरक रहा है, और यह दरार अगले नगरपालिका चुनावों से पहले पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी ने KMC बैठक क्यों बुलाई थी?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में TMC की हार के बाद पार्टी के KMC पार्षदों को एकजुट करने और नौकरशाही असहयोग से निपटने की रणनीति पर चर्चा के लिए यह बैठक बुलाई गई थी। बैठक में ममता ने पार्षदों को डरने की बजाय विरोध करने और काम जारी रखने का संदेश दिया।
अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों पर KMC ने नोटिस क्यों भेजे?
KMC ने पिछले सात दिनों में अभिषेक बनर्जी के स्वामित्व या सह-स्वामित्व वाली 17 संपत्तियों पर नोटिस जारी किए हैं, जिनमें कालीघाट के निकट हरीश मुखर्जी रोड स्थित उनका आवास भी शामिल है। नोटिस में कथित अवैध निर्माण का संदर्भ है, हालाँकि अभिषेक ने KMC से पहले अवैध हिस्से स्पष्ट रूप से चिह्नित करने को कहा है।
बैठक में कितने TMC पार्षद अनुपस्थित रहे?
नाम न छापने की शर्त पर बैठक में शामिल एक पार्षद के अनुसार, TMC के कुल 137 KMC पार्षदों में से केवल 100 ही उपस्थित हुए, यानी 37 पार्षद अनुपस्थित रहे। अनुपस्थित लोगों में MMIC सदस्य देबासिस कुमार भी शामिल थे।
क्या TMC अभी भी KMC में बहुमत में है?
हाँ, TMC के पास KMC बोर्ड में 137 पार्षद हैं और वह अभी भी बहुमत में है। हालाँकि, बड़ी संख्या में पार्षदों की अनुपस्थिति पार्टी के भीतर बढ़ती आंतरिक कलह का संकेत मानी जा रही है।
पश्चिम बंगाल चुनाव में TMC की हार का KMC पर क्या असर पड़ा है?
चुनावी हार के बाद TMC में आंतरिक तनाव बढ़ा है, जो KMC में पार्षदों की अनुपस्थिति और अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों पर नोटिस जैसे घटनाक्रमों में दिख रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह पार्टी के भीतर शक्ति-संघर्ष का संस्थागत रूप है।
राष्ट्र प्रेस
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