अभिषेक बनर्जी की कथित संपत्तियों पर केएमसी की जांच, तृणमूल नेतृत्व के सामने राजनीतिक संकट

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अभिषेक बनर्जी की कथित संपत्तियों पर केएमसी की जांच, तृणमूल नेतृत्व के सामने राजनीतिक संकट

सारांश

कोलकाता नगर निगम की जांच ने तृणमूल कांग्रेस को असहज स्थिति में डाल दिया है — केएमसी खुद पार्टी का निकाय है, फिर भी अभिषेक बनर्जी की कथित संपत्तियों पर नोटिस जारी हुए। महापौर हकीम की दूरी और पार्टी के भीतर उठती आवाज़ें बता रही हैं कि यह मामला सिर्फ कागज़ी जांच नहीं है।

मुख्य बातें

केएमसी ने अभिषेक बनर्जी की कथित संपत्तियों पर कोलकाता नगर निगम अधिनियम के तहत नोटिस जारी किए हैं।
अधिकारियों ने कोलकाता के शांति निकेतन सहित कई स्थानों का निरीक्षण किया।
केएमसी महापौर फिरहाद हकीम ने कहा कि उन्हें इस जांच की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी।
2024 के हलफनामे में अभिषेक बनर्जी की घोषित संपत्ति ₹2.32 करोड़ से अधिक और कर्ज लगभग ₹36 लाख ।
तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष ने फेसबुक पोस्ट के ज़रिए आरोपों को झूठा बताया।
पार्टी के भीतर कुछ नेताओं ने इस घटनाक्रम का उपयोग अभिषेक बनर्जी से बात करने के अवसर के रूप में किया, जो आंतरिक तनाव का संकेत है।

कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से तीन बार निर्वाचित लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी, उनके परिवार अथवा उनसे जुड़ी कंपनी के कथित स्वामित्व वाली संपत्तियों की जांच शुरू की है। इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर और बाहर एक साथ राजनीतिक व संगठनात्मक दबाव उत्पन्न कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, यह जांच 21 मई को सामने आई और इसने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी को असहज स्थिति में डाल दिया है।

जांच का स्वरूप और दायरा

केएमसी अधिकारियों ने कोलकाता नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों के तहत अभिषेक बनर्जी से जुड़ी कुछ संपत्तियों को नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिसों में स्वीकृत भवन योजनाओं और संबंधित दस्तावेजों की माँग की गई है। अधिकारियों ने कोलकाता के शांति निकेतन सहित कई स्थानों का भौतिक निरीक्षण भी किया है।

जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्माण कार्य स्वीकृत योजनाओं के अनुरूप हैं या नहीं, और क्या कोई कर बकाया है। एक रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि एक संपत्ति पर चिपकाया गया नोटिस बाद में फटा हुआ मिला — यह घटना भले ही छोटी हो, लेकिन राजनीतिक खींचतान के संदर्भ में प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पार्टी के भीतर संगठनात्मक तनाव

यह मुद्दा इसलिए और जटिल हो गया है क्योंकि केएमसी स्वयं तृणमूल कांग्रेस द्वारा संचालित नागरिक निकाय है। ऐसे में पार्टी के लिए यह दावा करना कठिन है कि यह कार्रवाई बाहरी राजनीतिक उत्पीड़न का परिणाम है। तृणमूल के एक पदाधिकारी ने कहा कि इस घटनाक्रम ने संगठन के भीतर कुछ नेताओं को पार्टी के कथित 'उत्तराधिकारी' अभिषेक बनर्जी से अपनी शर्तों पर बात करने का अवसर दिया।

एक वरिष्ठ नेता, जिन्हें कभी अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता था, ने हाल ही में हुई एक बैठक में कथित तौर पर कहा कि कुछ ऐसे विषय हैं जिन पर विस्तार से चर्चा की आवश्यकता है। यह टिप्पणी पार्टी के अंदरूनी समीकरणों में बदलाव के संकेत के रूप में देखी जा रही है।

महापौर हकीम और वरिष्ठ नेताओं की दूरी

केएमसी के महापौर फिरहाद हकीम — जो चार बार के तृणमूल विधायक और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली पश्चिम बंगाल कैबिनेट में मंत्री भी रह चुके हैं — ने इस पूरे घटनाक्रम से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने यह स्वीकार करने से इनकार किया कि उन्हें केएमसी द्वारा इन संपत्तियों की जांच शुरू किए जाने की कोई पूर्व जानकारी थी।

अन्य वरिष्ठ तृणमूल नेता भी सार्वजनिक रूप से इस मामले से दूरी बनाते दिखे, जो इस बात का संकेत है कि पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर एकराय नहीं है।

तृणमूल का पक्ष और घोषित संपत्ति के आँकड़े

तृणमूल कांग्रेस ने ऐसे आरोपों को बार-बार 'कीचड़ उछालने' की कोशिश बताकर खारिज किया है। गुरुवार देर शाम फेसबुक पर पोस्ट किए गए एक संदेश में तृणमूल के प्रवक्ता कुणाल घोष ने इन आरोपों को झूठा करार दिया। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अभिषेक बनर्जी द्वारा अपने नामांकन पत्रों के साथ दाखिल हलफनामे में घोषित संपत्ति की जाँच करें।

2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामे के अनुसार, अभिषेक बनर्जी की कुल घोषित संपत्ति ₹2.32 करोड़ से अधिक थी, जबकि उन पर लगभग ₹36 लाख का कर्ज था। 2022-23 में उनकी निजी आय ₹82.58 लाख रही, जो पिछले वित्तीय वर्षों में घोषित ₹90.5 लाख और ₹1.51 करोड़ की आय की तुलना में कम है।

गौरतलब है कि आलोचक पहले से यह आरोप लगाते रहे हैं कि बड़ी संख्या में संपत्तियाँ अभिषेक बनर्जी और उनकी कथित कंपनी लीप्स एंड बाउंड्स के नाम पर पंजीकृत हैं — हालाँकि तृणमूल इन आरोपों को निराधार बताती रही है। यह देखना बाकी है कि केएमसी की यह जांच आगे किस दिशा में जाती है और क्या इसके निष्कर्ष पार्टी की आंतरिक राजनीति को और प्रभावित करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे पार्टी का परंपरागत 'बाहरी षड्यंत्र' वाला बचाव यहाँ काम नहीं करता। महापौर हकीम का यह कहना कि उन्हें जांच की जानकारी नहीं थी, या तो प्रशासनिक विफलता का संकेत है या जानबूझकर बनाई गई दूरी का — दोनों ही स्थितियाँ पार्टी के लिए असुविधाजनक हैं। अभिषेक बनर्जी की घोषित संपत्ति और आरोपित संपत्तियों के बीच का अंतर ही इस विवाद की जड़ है, और जब तक स्वतंत्र सत्यापन नहीं होता, यह मुद्दा पार्टी की विश्वसनीयता को कमज़ोर करता रहेगा।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केएमसी ने अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों पर जांच क्यों शुरू की?
कोलकाता नगर निगम अधिनियम के तहत अधिकारियों ने अभिषेक बनर्जी से जुड़ी कुछ संपत्तियों को नोटिस जारी किए हैं, जिनमें स्वीकृत भवन योजनाओं के दस्तावेज और कर बकाया की जानकारी माँगी गई है। जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्माण कार्य स्वीकृत नक्शे के अनुरूप हैं या नहीं।
अभिषेक बनर्जी की घोषित संपत्ति कितनी है?
2024 के लोकसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के अनुसार अभिषेक बनर्जी की कुल घोषित संपत्ति ₹2.32 करोड़ से अधिक थी और उन पर लगभग ₹36 लाख का कर्ज था। 2022-23 में उनकी निजी आय ₹82.58 लाख रही, जो पिछले वर्षों की तुलना में कम है।
तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों पर क्या कहा?
तृणमूल कांग्रेस ने ऐसे आरोपों को 'कीचड़ उछालने' की कोशिश बताकर खारिज किया है। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने फेसबुक पर पोस्ट कर इन्हें झूठा करार दिया और लोगों से कहा कि वे अभिषेक बनर्जी के नामांकन हलफनामे में दर्ज संपत्ति की जाँच करें।
महापौर फिरहाद हकीम का इस मामले में क्या रुख है?
केएमसी महापौर फिरहाद हकीम ने कहा कि उन्हें इन संपत्तियों की जांच शुरू किए जाने की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। उन्होंने खुद को इस पूरे घटनाक्रम से अलग कर लिया है, जो पार्टी के भीतर असहजता का संकेत माना जा रहा है।
इस जांच का तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर क्या असर पड़ा है?
रिपोर्टों के अनुसार, इस घटनाक्रम ने पार्टी के कुछ नेताओं को अभिषेक बनर्जी से अपनी शर्तों पर बात करने का अवसर दिया। एक वरिष्ठ नेता ने हाल की बैठक में संकेत दिया कि कुछ मुद्दों पर विस्तृत चर्चा ज़रूरी है, जो आंतरिक तनाव का प्रमाण है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले