6 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वाईएसआरसीपी का आरोप: आंध्र गठबंधन सरकार यूट्यूबर्स पर UAPA लगाकर कर रही प्रतिशोधी कार्रवाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वाईएसआरसीपी का आरोप: आंध्र गठबंधन सरकार यूट्यूबर्स पर UAPA लगाकर कर रही प्रतिशोधी कार्रवाई

सारांश

आंध्र प्रदेश में वाईएसआरसीपी ने गठबंधन सरकार पर यूट्यूबर्स को UAPA जैसे कड़े कानून से दबाने का आरोप लगाया है। पूर्व मंत्री रामबाबू ने कहा — यह प्रतिशोध है, शासन नहीं। पीड़ितों के साथ पार्टी के खड़े होने और डीजीपी तक पदयात्रा की घोषणा के साथ यह विवाद और गहरा होता दिख रहा है।

मुख्य बातें

वाईएसआरसीपी ने 6 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश की गठबंधन सरकार पर सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्रतिशोधी कार्रवाई का आरोप लगाया।
यूट्यूबर प्रश्ना रावण उर्फ बाचलकुरा जोसेफ को कथित तौर पर कई स्थानों पर पेश किया गया और अंततः नेल्लोर जेल में रिमांड पर रखा गया।
रामबाबू के अनुसार, रावण पर UAPA — जो आमतौर पर आतंकवाद के मामलों में लागू होता है — के तहत मामला दर्ज किया गया।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर केवीआर को भी कथित तौर पर हैदराबाद से उठाया गया।
पूर्व मंत्री अंबती रामबाबू ने डीजीपी कार्यालय तक पदयात्रा की घोषणा की।
रामबाबू ने TDP समर्थक सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायतों पर कोई कार्रवाई न होने पर भी सवाल उठाए।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने 6 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश की गठबंधन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वह सरकारी विफलताओं की आलोचना करने वाले सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं और यूट्यूबर्स को प्रतिशोधात्मक ढंग से निशाना बना रही है। पार्टी के पूर्व मंत्री अंबती रामबाबू ने गुंटूर में मीडिया के सामने इन आरोपों को विस्तार से रखा।

मुख्य घटनाक्रम

रामबाबू ने कहा कि प्रश्ना रावण उर्फ बाचलकुरा जोसेफ नामक यूट्यूबर को कई स्थानों पर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जब रिमांड नहीं मिली, तो कथित तौर पर मामलों की धाराएँ बदलकर उन्हें नेल्लोर जेल में रिमांड पर भेज दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केवीआर नामक एक अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को हैदराबाद से उठाया गया।

वाईएसआरसीपी नेता के अनुसार, सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस थानों के बाहर प्रदर्शन कर रावण को अपने हवाले करने की माँग की — जिसे रामबाबू ने न्याय व्यवस्था को बदनाम करने वाला कदम बताया।

UAPA का प्रयोग — गंभीर आरोप

रामबाबू ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम (UAPA) — जो आमतौर पर आतंकवाद से जुड़े मामलों में लागू होता है — को एक यूट्यूबर के खिलाफ इस्तेमाल किया गया। आलोचकों का कहना है कि इस कड़े कानून का उपयोग राजनीतिक आलोचकों को दबाने के लिए करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।

व्यापक संदर्भ और सरकार पर आरोप

रामबाबू ने आरोप लगाया कि गठबंधन सरकार साई कृष्णा की हिरासत में मौत और क्रांति कुमार की आत्महत्या जैसे संवेदनशील मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए पत्रकारों और सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं को कई स्थानों पर मामले दर्ज कराकर परेशान कर रही है। उन्होंने कहा, 'गठबंधन सरकार की आदत बन गई है कि पीड़ितों को ही आरोपी बना दिया जाए।'

यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सोशल मीडिया कवरेज को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है।

वाईएसआरसीपी की अगली कार्रवाई

रामबाबू ने घोषणा की कि वे अपनी शिकायत लेकर डीजीपी कार्यालय तक पदयात्रा करेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तेलुगु देशम पार्टी (TDP) समर्थक सोशल मीडिया कार्यकर्ता वाईएसआरसीपी नेतृत्व के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

वाईएसआरसीपी ने स्पष्ट किया है कि पार्टी पीड़ित सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी रहेगी और इस मुद्दे को राज्य स्तर पर उठाती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कानून की मंशा के साथ तनाव पैदा करता है। यह ऐसे समय में हुआ है जब साई कृष्णा की हिरासत में मौत और क्रांति कुमार की आत्महत्या जैसे मुद्दे सार्वजनिक जाँच के दायरे में हैं — जिससे यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह कार्रवाई कानूनी है या राजनीतिक। दोनों पक्षों के सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग व्यवहार का आरोप, यदि सत्यापित हो, तो यह पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर बयानबाज़ी पर रुक जाती है — असली सवाल यह है कि UAPA की धाराएँ किस आधार पर लगाई गईं और क्या न्यायालय उन्हें बरकरार रखेगा।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाईएसआरसीपी ने आंध्र प्रदेश सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया है कि आंध्र प्रदेश की गठबंधन सरकार उन सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं और यूट्यूबर्स को प्रतिशोधात्मक ढंग से निशाना बना रही है जो शासन की विफलताओं को उजागर करते हैं। पार्टी का कहना है कि सरकार पीड़ितों को ही आरोपी बनाने की नीति अपना रही है।
प्रश्ना रावण कौन हैं और उनके खिलाफ क्या मामला है?
प्रश्ना रावण, जिनका असली नाम बाचलकुरा जोसेफ बताया जाता है, एक यूट्यूबर हैं। वाईएसआरसीपी के अनुसार, उन्हें कई स्थानों पर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और अंततः धाराएँ बदलकर नेल्लोर जेल में रिमांड पर रखा गया। उन पर कथित तौर पर UAPA के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
UAPA क्या है और इसे यूट्यूबर पर लगाना विवादास्पद क्यों है?
गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम (UAPA) एक कड़ा कानून है जो मुख्यतः आतंकवाद और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के मामलों में लागू होता है। इसे एक सोशल मीडिया कार्यकर्ता पर लागू करने पर वाईएसआरसीपी और अन्य आलोचकों ने सवाल उठाए हैं कि क्या यह कानून की मंशा का दुरुपयोग है।
अंबती रामबाबू ने डीजीपी तक पदयात्रा की घोषणा क्यों की?
रामबाबू ने कहा कि TDP समर्थक सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं के खिलाफ वाईएसआरसीपी की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि विपक्षी कार्यकर्ताओं पर तुरंत मामले दर्ज हो रहे हैं। इस असमान व्यवहार का विरोध दर्ज कराने के लिए उन्होंने डीजीपी कार्यालय तक पदयात्रा की घोषणा की।
इस विवाद का व्यापक राजनीतिक संदर्भ क्या है?
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब साई कृष्णा की हिरासत में मौत और क्रांति कुमार की आत्महत्या जैसे मुद्दे आंध्र प्रदेश में राजनीतिक रूप से संवेदनशील बने हुए हैं। वाईएसआरसीपी का आरोप है कि सरकार इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए मीडिया और सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं पर दबाव बना रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले