28 जून 2026
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अमरावती झड़प: YSRCP नेताओं के दौरे के बाद तीन मामले दर्ज, TDP पर पथराव का आरोप

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अमरावती झड़प: YSRCP नेताओं के दौरे के बाद तीन मामले दर्ज, TDP पर पथराव का आरोप

सारांश

अमरावती राजधानी क्षेत्र में YSRCP नेताओं के दौरे के दौरान भड़की हिंसा के बाद पुलिस ने तीन मामले दर्ज किए — SC/ST एक्ट, पुलिस कार्य में बाधा और वाहन तोड़फोड़। TDP-YSRCP के आरोप-प्रत्यारोप के बीच किसान भूमि विवाद और गहराया।

मुख्य बातें

आंध्र प्रदेश के अमरावती में 28 जून 2026 को YSRCP नेताओं के दौरे के दौरान हिंसक झड़पें हुईं।
पुलिस ने तीन मामले दर्ज किए — SC/ST (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम , पुलिस ड्यूटी में बाधा और वाहन तोड़फोड़।
YSRCP नेता अंबाती रामबाबू पर ताडेपल्ली सर्कल इंस्पेक्टर वीरेंद्र बाबू की शिकायत पर केस दर्ज।
YSRCP का आरोप — TDP कार्यकर्ताओं ने काफिले पर पत्थर और अंडे फेंके, कई वाहन क्षतिग्रस्त।
विपक्ष के नेता बोत्सा सत्यनारायण ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर निशाना साधा, राज्य में 'जंगल राज' का आरोप लगाया।
विवाद की जड़ में उंडावल्ली और पेनुमका के किसानों का कथित जबरन भूमि अधिग्रहण के विरुद्ध चल रहा प्रदर्शन।

आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में 28 जून 2026 को हुई हिंसक झड़पों के बाद पुलिस ने तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। यह घटना वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के नेताओं के उंडावल्ली और पेनुमका दौरे के दौरान भड़की, जहाँ कथित तौर पर जबरन भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसान कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

पेनुमका निवासी मणिक्यम की शिकायत पर YSRCP नेताओं के खिलाफ SC/ST (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम के तहत पहला मामला दर्ज किया गया है।

दूसरा मामला YSRCP नेता और पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू के खिलाफ दर्ज हुआ है। ताडेपल्ली सर्कल इंस्पेक्टर वीरेंद्र बाबू की शिकायत पर यह केस कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी को ड्यूटी निभाने से रोकने के आरोप में दर्ज किया गया है।

तीसरा मामला YSRCP नेता नारायण मूर्ति की शिकायत पर तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेताओं के खिलाफ गाड़ियों के शीशे तोड़ने के आरोप में दर्ज किया गया है।

झड़प कैसे हुई

YSRCP के अनुसार, CRDA किसान सुरक्षा समिति के सदस्यों के निमंत्रण पर पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल उंडावल्ली और पेनुमका पहुँचा। नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों पर अपनी ज़मीन देने के लिए दबाव डाला जा रहा है और उनके खेतों के आसपास मिट्टी खोद दी गई है, जिससे खेती बाधित हो रही है।

YSRCP का दावा है कि TDP कार्यकर्ताओं ने काफिले पर पत्थर और अंडे फेंके, जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए। पार्टी ने यह भी कहा कि मौके पर तैनात कुछ पुलिसकर्मी भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में घायल हो गए।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

विधान परिषद में विपक्ष के नेता बोत्सा सत्यनारायण ने विशाखापत्तनम में मीडिया से बात करते हुए इस हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू जनता के समर्थन की बजाय पुलिस के सहारे शासन चला रहे हैं।

सत्यनारायण ने कहा, 'राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है और जंगल राज कायम है।' उन्होंने इसे 'लोकतांत्रिक प्रक्रिया' का हिस्सा बताते हुए कहा कि YSRCP के एमएलसी और पूर्व मंत्री किसानों के बुलावे पर उनकी समस्याएँ सुनने गए थे, जिस पर TDP कार्यकर्ताओं ने हमला किया।

आम जनता और किसानों पर असर

यह विवाद अमरावती राजधानी क्षेत्र के उन किसानों से जुड़ा है जो कथित तौर पर कई दिनों से जबरन भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि उन पर ज़मीन सौंपने का दबाव बनाया जा रहा है और उनकी खेती बाधित की जा रही है। यह मुद्दा राज्य की राजनीति में नया तनाव पैदा कर सकता है।

क्या होगा आगे

पुलिस तीनों मामलों की जाँच कर रही है। गौरतलब है कि अमरावती राजधानी क्षेत्र पहले भी भूमि विवादों को लेकर राजनीतिक संघर्ष का केंद्र रहा है। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच न्यायिक प्रक्रिया और जाँच के नतीजे ही तय करेंगे कि आगे की कार्रवाई किस दिशा में जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन SC/ST एक्ट के तहत दर्ज मामला राजनीतिक रंग से परे एक गंभीर कानूनी प्रश्न खड़ा करता है। यह देखना ज़रूरी होगा कि जाँच किसानों की शिकायतों को केंद्र में रखती है या केवल राजनीतिक नेताओं के बीच की झड़प तक सिमट जाती है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरावती में 28 जून को क्या हुआ?
28 जून 2026 को YSRCP नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उंडावल्ली और पेनुमका के किसानों से मिलने पहुँचा, जो कथित जबरन भूमि अधिग्रहण के विरोध में थे। इस दौरान TDP और YSRCP समर्थकों के बीच झड़प हुई, जिसमें वाहन क्षतिग्रस्त हुए और कुछ पुलिसकर्मी घायल बताए गए।
अमरावती झड़प में कितने और किस तरह के मामले दर्ज हुए?
पुलिस ने कुल तीन मामले दर्ज किए — पहला YSRCP नेताओं के खिलाफ SC/ST (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम के तहत, दूसरा पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू पर पुलिस ड्यूटी में बाधा डालने का, और तीसरा TDP नेताओं के खिलाफ वाहनों के शीशे तोड़ने का।
YSRCP नेता अमरावती क्यों गए थे?
YSRCP के अनुसार, CRDA किसान सुरक्षा समिति के सदस्यों के निमंत्रण पर नेता उंडावल्ली और पेनुमका गए थे। किसान कथित तौर पर जबरन भूमि अधिग्रहण के खिलाफ कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और उन्होंने नेताओं को अपनी समस्याएँ बताने के लिए बुलाया था।
बोत्सा सत्यनारायण ने इस घटना पर क्या कहा?
विधान परिषद में विपक्ष के नेता बोत्सा सत्यनारायण ने विशाखापत्तनम में मीडिया से बात करते हुए हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर पुलिस के सहारे शासन चलाने का आरोप लगाया और राज्य में 'जंगल राज' होने की बात कही।
अमरावती भूमि विवाद की पृष्ठभूमि क्या है?
अमरावती राजधानी क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण का मुद्दा लंबे समय से विवादास्पद रहा है। स्थानीय किसानों का आरोप है कि उन पर ज़मीन सौंपने का दबाव डाला जा रहा है और उनके खेतों के आसपास मिट्टी खोदकर खेती बाधित की जा रही है। यह विवाद राज्य में TDP और YSRCP के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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