अमरावती: लोगों के विश्वास और भविष्य की उम्मीदों की कहानी - राममोहन नायडू

Click to start listening
अमरावती: लोगों के विश्वास और भविष्य की उम्मीदों की कहानी - राममोहन नायडू

सारांश

केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाने की प्रक्रिया को लोगों के विश्वास और त्याग की कहानी बताया। उन्होंने इस पर चर्चा करते हुए ऐतिहासिक विधेयक पेश किया। यह खबर न केवल आंध्र प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है।

Key Takeaways

  • अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाया जा रहा है।
  • केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने लोगों के विश्वास की बात की।
  • राज्यसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2026 पेश किया गया।
  • किसानों का योगदान अमरावती के विकास में महत्वपूर्ण रहा।
  • अमरावती का इतिहास और भौगोलिक स्थिति इसे एक आदर्श स्थान बनाती है।

नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में अमरावती का विकास किया जा रहा है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने कहा कि यह केवल एक राजधानी बनाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह लोगों के विश्वास, त्याग और एक बेहतर भविष्य की आकांक्षा की कहानी है। इस पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि राज्यसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2026 पेश किया गया।

किंजरापु राममोहन नायडू ने कहा, "यह दिन न केवल मेरे लिए या आंध्र प्रदेश के 5 करोड़ निवासियों के लिए, बल्कि देश और विदेश में रहने वाले सभी तेलुगु समुदाय के लिए गर्व और भावनाओं से भरा हुआ है। यह एक भावुक पल है। यह विषय केवल एक राज्य की राजधानी तय करने का नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र, नेतृत्व और राजनीतिक व्यवस्था पर लोगों के विश्वास और गर्व को भी दर्शाता है। इसका प्रभाव बहुत गहरा है।"

उन्होंने कहा, "यदि हम इतिहास पर ध्यान दें तो आंध्र प्रदेश देश के सबसे समृद्ध और प्रगतिशील राज्यों में से एक रहा है, लेकिन जब 2024 में राज्य का विभाजन हुआ, तब पहली बार ऐसा हुआ कि एक नया राज्य बना, लेकिन उसके पास अपनी राजधानी नहीं थी। यहाँ से समस्याएँ शुरू हुईं। हम विभाजन के खिलाफ नहीं थे, लेकिन जिस तरीके से यह हुआ, वह गलत था। पहले भी देश में नए राज्य बने हैं, लेकिन तब कोई ऐसी परेशानी नहीं हुई। आंध्र प्रदेश को 16,000 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे के साथ बिना राजधानी के छोड़ दिया गया। उस समय पूरे राज्य के लोगों को भविष्य को लेकर कोई स्पष्टता नहीं थी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उस समय सभी लोगों की उम्मीद मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर टिकी थी। उन्होंने लोगों में विश्वास और एक नई सोच पैदा की। उनका मानना था कि हर संकट एक अवसर लेकर आता है। उन्होंने कहा कि मैं बहुत कम उम्र में राजनीति में आया और पिछले 10 वर्षों से संसद में हूँ। इस दौरान मैंने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम की हर बात को समझा और हर मंच पर उसे उठाया। इसलिए आज यह मेरे लिए गर्व का विषय है कि आंध्र प्रदेश के लोगों, विशेषकर अमरावती के किसानों और महिलाओं के प्रयासों को मान्यता मिल रही है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जब राजधानी चुनने की बात आई, तो लोकतांत्रिक तरीके से सभी दलों की सहमति से अमरावती को राजधानी चुना गया। यह निर्णय 2024 में विधानसभा में लिया गया था। अमरावती कृष्णा नदी के किनारे स्थित है, जो इसे एक आदर्श स्थान बनाता है। दुनिया की कई महान सभ्यताएं नदियों के किनारे विकसित हुई हैं, और इसी सोच के साथ एक विश्वस्तरीय राजधानी बनाने का सपना देखा गया। अमरावती का इतिहास भी बहुत पुराना है। लगभग 2000 वर्ष पहले सातवाहन काल में यह एक प्रमुख केंद्र था और बौद्ध धर्म का भी महत्वपूर्ण स्थल रहा है। राज्य के सभी हिस्सों से इसकी दूरी लगभग समान है, इसलिए इसे सर्वसम्मति से चुना गया। दशहरा के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री ने खुद आकर इसकी नींव रखी।

उन्होंने कहा कि पूरे देश का समर्थन इस परियोजना के साथ था और निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन 2019 में राज्य सरकार बदलने के बाद स्थिति बदल गई। 2019 से 2024 तक का समय आंध्र प्रदेश के लिए बहुत कठिन रहा। विकास रुक गया और राज्य पीछे चला गया। अमरावती को खत्म करने की कोशिश की गई और तीन राजधानियों का प्रस्ताव लाकर भ्रम पैदा किया। इससे राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में आपसी टकराव पैदा करने की कोशिश हुई। बाद में यह प्रस्ताव न्यायिक जांच के बाद वापस लेना पड़ा और 2022 में हाई कोर्ट ने भी कहा कि अमरावती ही राजधानी रहेगी। इस पूरे विषय में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका अमरावती के किसानों और महिलाओं की रही। जब राजधानी के लिए जमीन की आवश्यकता पड़ी, तो किसानों ने स्वेच्छा से हजारों एकड़ जमीन दे दी। यह बहुत बड़ा और प्रेरणादायक योगदान है।

Point of View

बल्कि लोगों की आकांक्षाओं का प्रतीक है।
NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

अमरावती को राजधानी क्यों चुना गया?
अमरावती को उसकी भौगोलिक स्थिति और ऐतिहासिक महत्व के कारण राजधानी के रूप में चुना गया।
इस विधेयक का क्या महत्व है?
यह विधेयक आंध्र प्रदेश के लोगों के विश्वास और त्याग को मान्यता देता है, जो अमरावती के विकास में महत्वपूर्ण है।
किसने अमरावती की नींव रखी?
प्रधानमंत्री ने दशहरा के मौके पर अमरावती की नींव रखी थी।
क्या किसानों का योगदान महत्वपूर्ण था?
हाँ, किसानों ने स्वेच्छा से हजारों एकड़ जमीन अमरावती के लिए प्रदान की, जो एक प्रेरणादायक कदम था।
राज्य के विकास में क्या रुकावटें आईं?
2019 में सरकार बदलने के बाद विकास प्रक्रियाएं रुक गईं और कई भ्रम पैदा हुए।
Nation Press