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नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद के रूप में ली शपथ, बिहार की राजनीति में बदलाव

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नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद के रूप में ली शपथ, बिहार की राजनीति में बदलाव

सारांश

नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली, जिससे बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया। यह उनके लिए एक नई भूमिका की शुरुआत है, जो राज्यसभा में उनकी उपस्थिति को महत्वपूर्ण बनाती है।

मुख्य बातें

नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली।
बिहार की राजनीतिक स्थिति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आ सकता है।
नई सरकार का गठन हो सकता है जब नीतीश मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे।
राज्यसभा में कई प्रमुख नेता शामिल हैं।
नीतीश कुमार की यह यात्रा उनकी नई भूमिका की शुरुआत है।

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली। नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें यह शपथ दिलाई।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन, कांग्रेस के जयराम रमेश और जेडीयू व भाजपा के अन्य नेता उपस्थित रहे। नीतीश कुमार की इस शपथ के साथ बिहार की राजनीतिक स्थिति में एक महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत हुई है। ज्ञात हो कि नीतीश कुमार पहले राज्य विधान परिषद के सदस्य थे, लेकिन राज्यसभा के लिए निर्वाचन के बाद उन्होंने 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दिया था।

नीतीश कुमार ने मार्च महीने में राज्यसभा के लिए बिहार से चुनाव जीतकर अपनी नई राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की है। वह कुल मिलाकर दो दशकों तक बिहार की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। इसके अलावा, वह जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रमुख भी हैं। उन्होंने शुक्रवार को दोपहर 12:15 बजे हिंदी में राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली, जिससे वह केंद्र की राजनीति में भी सक्रिय हो गए हैं।

यह अनुमान लगाया जा रहा है कि नीतीश कुमार जल्द ही बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। उनके इस्तीफे के बाद राज्य में नई सरकार का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस्तीफे के साथ ही राज्य की कैबिनेट भी भंग हो जाएगी, जिसके बाद नए मुख्यमंत्री का चयन किया जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई राज्य सरकार का मुख्यमंत्री भाजपा से हो सकता है, जबकि जेडीयू के नेता को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली, जबकि वह पहले ही दिल्ली पहुंच चुके थे। दिल्ली में जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया।

नीतीश कुमार की यह यात्रा महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उन्होंने अपनी पुरानी भूमिका को समाप्त कर एक नई भूमिका की शुरुआत की है। वह 1985 में पहली बार विधायक बने थे और वह अब तक 6 बार लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं, इसके साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में भी कई बार शपथ ले चुके हैं। उन्होंने संसदीय लोकतंत्र के चारों सदनों यानी लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद का हिस्सा बने हैं।

ध्यान देने योग्य है कि कई प्रमुख नेता इस समय राज्यसभा के सदस्य हैं। इनमें जेपी नड्डा, सोनिया गांधी, नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और शरद पवार जैसे नेता शामिल हैं। शरद पवार सहित 19 नेताओं ने हाल ही में राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राज्य के राजनीतिक संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है। नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति और संभावित राजनीतिक गठबंधन पर सभी की नजरें होंगी।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद के रूप में कब शपथ ली?
नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली।
क्या नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे?
हां, यह माना जा रहा है कि नीतीश कुमार जल्द ही बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे।
नीतीश कुमार ने किस पार्टी का नेतृत्व किया है?
नीतीश कुमार जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रमुख हैं।
राज्यसभा में और कौन से प्रमुख नेता हैं?
राज्यसभा में जेपी नड्डा, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और शरद पवार जैसे प्रमुख नेता हैं।
नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा कब शुरू हुई थी?
नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा 1985 में विधायक बनने के साथ शुरू हुई थी।
राष्ट्र प्रेस
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