बिहार में नेतृत्व परिवर्तन: नीतीश कुमार 10 अप्रैल को लेंगे राज्यसभा की शपथ
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा की शपथ लेंगे।
- मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे का संकेत।
- नई सरकार बनाने की प्रक्रिया 13 अप्रैल के बाद शुरू होने की उम्मीद।
- नेतृत्व परिवर्तन से बिहार की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है।
- एनडीए एकजुट होकर नीतीश मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए तैयार।
पटना, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ लेने की घोषणा की है, जो कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के संकेत माने जा रहे हैं।
गुरुवार दोपहर, नीतीश कुमार नई दिल्ली पहुंचे और बताया कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की योजना बना रहे हैं।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, 'मैंने बिहार में बहुत काम किया है। अब मुझे ऐसा महसूस हुआ कि मुझे यहाँ रहना चाहिए, और मैं यही कर रहा हूँ।'
उन्होंने कहा, 'मैं वहां अपने पद से हट जाऊंगा और यहाँ काम करूंगा। मैं तीन या चार दिनों में इस्तीफा दे दूंगा। नए लोगों को मुख्यमंत्री और मंत्री बनाया जाएगा।'
नीतीश कुमार के साथ जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और बिहार के मंत्री विजय कुमार चौधरी भी उपस्थित थे।
संजय झा ने पहले संकेत दिया था कि बिहार में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया 13 अप्रैल के बाद शुरू होगी।
नीतीश कुमार के हालिया बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि नेतृत्व परिवर्तन जल्द ही होने वाला है।
वहीं, बिहार के मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि पूरा एनडीए, जिसमें भाजपा और उसके सहयोगी शामिल हैं, सभी नीतीश कुमार के शासन मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए एकजुट हैं।
उन्होंने कहा, 'हम ‘नीतीश मॉडल’ के तहत काम जारी रखेंगे, जिसके तहत बिहार ने पिछले दो दशकों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। यही हमारी आगे की राह तय करेगा।'
राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद, नीतीश कुमार नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हो सकते हैं, जिसमें बिहार में नई सरकार के गठन की रूपरेखा तय की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, एनडीए के शीर्ष नेता नए मुख्यमंत्री के नाम और मंत्रिमंडल के बंटवारे को अंतिम रूप देने की योजना बना सकते हैं।
ये निर्णय नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में लिए जाने की संभावना है, जो इस बैठक के महत्व को दर्शाता है।
इस बीच, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी नई दिल्ली पहुँच चुके हैं।
वे भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में हिस्सा लेंगे, जहाँ बिहार में नेतृत्व और सत्ता साझेदारी को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
ये उच्चस्तरीय बैठकें बिहार में चल रहे राजनीतिक बदलाव के बीच हो रही हैं, जहाँ नीतीश कुमार पहले ही राज्यसभा में जाने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ने का संकेत दे चुके हैं।