सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे पर फैसला दो-चार दिनों में, जदयू नेताओं का बड़ा बयान
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार आज राज्यसभा में शपथ लेंगे।
- जदयू नेताओं का कहना है कि इस्तीफे पर फैसला अगले दो-चार दिनों में होगा।
- नए मुख्यमंत्री का चयन एनडीए विधायक दल द्वारा किया जाएगा।
- बिहार में पिछले 20 वर्षों में काफी प्रगति हुई है।
- राजनीति में यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण मोड़ का संकेत देता है।
नई दिल्ली/पटना, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ लेंगे। इस बीच, उनके इस्तीफे और नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जदयू नेताओं का कहना है कि अगले दो-चार दिनों में इस्तीफे के बारे में निर्णय लिया जाएगा।
बिहार सरकार में मंत्री और जदयू नेता विजय चौधरी ने शुक्रवार को दिल्ली में पत्रकारों से कहा, "मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन किया था और जीत हासिल की। आज वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे।"
इस्तीफे के संदर्भ में विजय चौधरी ने कहा, "नीतीश कुमार शपथ लेने के बाद पटना लौटेंगे। वहां एक बैठक होगी और अगले दो-चार दिनों में इस्तीफे पर निर्णय लिया जाएगा।" उन्होंने यह भी बताया कि अगला मुख्यमंत्री उसी को चुना जाएगा, जिसे एनडीए विधायक दल का नेता चुनेगा।
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "राज्यसभा में नई पारी के लिए नीतीश कुमार पूरी तरह से आश्वस्त हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि अगले तीन-चार दिनों में महत्वपूर्ण फैसले होंगे। यह सुनिश्चित है कि एनडीए विधायी दल की बैठक और नए नेता के चयन के बाद बिहार में सभी निर्णय नीतीश कुमार की सहमति से लिए जाएंगे।"
बिहार सरकार में मंत्री और भाजपा नेता राम कृपाल यादव ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार राज्यसभा की शपथ लेंगे और देश की सेवा करेंगे। उन्होंने अब तक राज्य और देश, दोनों की सेवा की है। उनके मार्गदर्शन में बिहार में नई एनडीए सरकार बनेगी।"
राम कृपाल यादव ने बिहार में अगले मुख्यमंत्री के संदर्भ में कहा, "हमारे नेता तय करेंगे कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इस बारे में जल्द ही सभी को सूचित किया जाएगा।"
जदयू विधायक जयंत राज कुशवाहा ने कहा, "वे पहले ही राज्यसभा के लिए चुने जा चुके हैं और आज की शपथ एक औपचारिकता है।" उन्होंने आगे कहा, "आप देख सकते हैं कि पिछले 20 वर्षों में बिहार ने कितनी प्रगति की है। आने वाले 20-25 वर्षों में भी मुख्यमंत्री का कार्यकाल याद किया जाएगा।"